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Charkhi Dadri News: जलभराव से फसलों में नहीं होगा नुकसान, निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाएगा विभाग
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चरखी दादरी। सिंचाई विभाग के दादरी डिविजन के गांवों में बाढ़ का प्रबंधन करने के लिए सरकार ने 25 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत इन गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी और पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिले के विभिन्न गांवों में मानसून सीजन में जलभराव होता है, जिससे खेती में नुकसान होता है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए किसानों काे मुआवजा के रूप में मोटा बजट खर्च पड़ता है। अब सरकार की योजना है कि हर साल मुआवजा देने के बजाय एक बार ही इस समस्या का समाधान कर दिया ताकि किसान को भी नुकसान न होे और सरकार के पैसे की भी बचत हो। सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए 25 करोड़ की राशि मंजूरी कर दी है। इस बजट से गांव पांडवान, रासीवास, खातीवास, समसपुर, मोरवाला, इमलोटा सहित कई अन्य गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी, ताकि पानी की निकासी का स्थायी तौर पर प्रबंध हो जाए। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जुलाई तक काम पूरा करने की योजना
सिंचाई विभाग की योजना है कि जुलाई में बारिश सीजन से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। रबी की फसलों की कटाई होने पर इस काम को तेजी से पूरा कर दिया जाए, ताकि लाइन बिछाते समय किसानों को फसली नुकसान भी न हो। रबी फसल कटने पर अप्रैल में खेत खाली हो जाते हैं, ऐसे में इस काम को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
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5000 एकड़ भूमि होती है प्रभावित
मानसून सीजन की बात करें तो हर साल जिले में जलभराव के चलते कृषि योग्य 5000 एकड़ भूमि प्रभावित होती है। खेतों में जलभराव होने के कारण किसान दो फसल नहीं ले पाते। अब विभाग के प्रयास धरातल पर सिरे चढ़ने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
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बारिश सीजन में बाढ़ के पानी के प्रबंध के लिए 25 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर किसानों को भी फायदा होगा और सरकार को भी मुआवजा के रूप में बचत हो सकेगी। बारिश के पानी को पाइप लाइन से नहरों में डाला जाएगा। - सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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जिले के विभिन्न गांवों में मानसून सीजन में जलभराव होता है, जिससे खेती में नुकसान होता है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए किसानों काे मुआवजा के रूप में मोटा बजट खर्च पड़ता है। अब सरकार की योजना है कि हर साल मुआवजा देने के बजाय एक बार ही इस समस्या का समाधान कर दिया ताकि किसान को भी नुकसान न होे और सरकार के पैसे की भी बचत हो। सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए 25 करोड़ की राशि मंजूरी कर दी है। इस बजट से गांव पांडवान, रासीवास, खातीवास, समसपुर, मोरवाला, इमलोटा सहित कई अन्य गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी, ताकि पानी की निकासी का स्थायी तौर पर प्रबंध हो जाए। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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जुलाई तक काम पूरा करने की योजना
सिंचाई विभाग की योजना है कि जुलाई में बारिश सीजन से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। रबी की फसलों की कटाई होने पर इस काम को तेजी से पूरा कर दिया जाए, ताकि लाइन बिछाते समय किसानों को फसली नुकसान भी न हो। रबी फसल कटने पर अप्रैल में खेत खाली हो जाते हैं, ऐसे में इस काम को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
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5000 एकड़ भूमि होती है प्रभावित
मानसून सीजन की बात करें तो हर साल जिले में जलभराव के चलते कृषि योग्य 5000 एकड़ भूमि प्रभावित होती है। खेतों में जलभराव होने के कारण किसान दो फसल नहीं ले पाते। अब विभाग के प्रयास धरातल पर सिरे चढ़ने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
बारिश सीजन में बाढ़ के पानी के प्रबंध के लिए 25 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर किसानों को भी फायदा होगा और सरकार को भी मुआवजा के रूप में बचत हो सकेगी। बारिश के पानी को पाइप लाइन से नहरों में डाला जाएगा। - सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग