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Charkhi Dadri News: 80 से अधिक तालाबों में नहीं बचा मवेशियों के लिए पानी
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सूखने की कगार पर पहुंचा ढाणी फौगाट गांव का तालाब। सूखने की कगार पर पहुंचा ढाणी फौगाट गांव का ता
चरखी दादरी। पूरी तरह से बारिश पर निर्भर जिले के 80 से अधिक तालाबों में इस समय पानी नहीं बचा हैै। मानसून सीजन में अगस्त से अब तक सूखा रहने की वजह से तालाब सूखे हैं और मवेशियों के लिए पानी नहीं है। ऐसे में पशुपालकों को अब नहरों में पानी आने के बाद तालाबों में पानी पहुंचने की उम्मीद है।
जिले में 1.98 लाख पशु हैं और मवेशियों के लिए प्रतिदिन पानी की खपत 75 लाख लीटर है। तालाबों में पानी न होने पर मवेशियों के लिए पानी का संकट बढ़ जाता है। जिले में 165 ग्राम पंचायतें हैं। इन गांवों के अधिकतर तालाबों में नहरों से ही पानी डाला जाता है। जिले की नहरों में आठ अक्तूबर को पानी पहुंचेगा।
जिले के हर गांव में एक तालाब जरूर है। बारिश के मौसम में तो ये तालाब पानी से भर जाते हैं। इस समय काफी तालाबों में पानी प्रदूषित एवं कम मात्रा में बचा है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की भी जरूरत बनी हुई है ताकि इनमें स्वच्छ पानी बना रहे और मवेशियों के लिए पानी का संकट न बढ़ने पाए। इस समय तालाबों में आधी मात्रा में भी पानी नहीं है। काफी पशुपालक तो नल व ट्यूबवेल आदि के जरिये मवेशियों को पानी पिलाते हैं।
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-बाढड़ा क्षेत्र में कम है तालाबों की संख्या
जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है जबकि नहरी क्षेत्रों के तहत आने वाले गांवों में तालाब ज्यादा संख्या में हैं। इस समय तकरीबन सभी गांवों में तालाबों में पानी डाले जाने की जरूरत बनी हुई है। मानसून सीजन में अगस्त से अब तक बारिश नहीं हो सकी है। अब तो मानसून की विदाई भी हो चुकी है। ऐसे में तालाबों में नहरों से ही पानी भरा जा सकता है।
- पानी डलवाने के लिए ग्रामीण सिंचाई विभाग से करे संपर्क
गांवों में बने तालाबों में पानी डलवाने के लिए सिंचाई विभाग अब तेजी से काम करेगा। जिस भी गांव के तालाब में पानी नहीं है तो ग्रामीणों को विभाग अधिकारियों को अवगत कराना होगा। ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई विभाग उस गांव के तालाब में पानी डलवाएगा लेकिन इसके लिए उस तालाब को किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर से कनेक्ट होना जरूरी है तभी सिंचाई विभाग पानी डलवा पाएगा।
- 75 तालाबों का होना है सुंदरीकरण
सरकार की ओर से भी तालाबों के सुंदरीकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का सुंदरीकरण होना है। इन तालाबों के चारों ओर बांध बनाकर पौधे लगाने की भी योजना है ताकि आसपास का एरिया हरा भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।
वर्जन:
जैसे ही नहरों में पानी पहुंचता है सभी जलघरों व तालाबों में प्राथमिकता से पानी भरा जाएगा। लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर तालाबों में पानी की दिक्कत है इसे दूर कर दिया जाएगा। जलघरोंं में भी पानी डाला जाएगा। नहरोंं की मोटर व पंप आदि अपडेट कर दिए गए हैं।
-उपेंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग
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जिले में 1.98 लाख पशु हैं और मवेशियों के लिए प्रतिदिन पानी की खपत 75 लाख लीटर है। तालाबों में पानी न होने पर मवेशियों के लिए पानी का संकट बढ़ जाता है। जिले में 165 ग्राम पंचायतें हैं। इन गांवों के अधिकतर तालाबों में नहरों से ही पानी डाला जाता है। जिले की नहरों में आठ अक्तूबर को पानी पहुंचेगा।
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जिले के हर गांव में एक तालाब जरूर है। बारिश के मौसम में तो ये तालाब पानी से भर जाते हैं। इस समय काफी तालाबों में पानी प्रदूषित एवं कम मात्रा में बचा है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की भी जरूरत बनी हुई है ताकि इनमें स्वच्छ पानी बना रहे और मवेशियों के लिए पानी का संकट न बढ़ने पाए। इस समय तालाबों में आधी मात्रा में भी पानी नहीं है। काफी पशुपालक तो नल व ट्यूबवेल आदि के जरिये मवेशियों को पानी पिलाते हैं।
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-बाढड़ा क्षेत्र में कम है तालाबों की संख्या
जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है जबकि नहरी क्षेत्रों के तहत आने वाले गांवों में तालाब ज्यादा संख्या में हैं। इस समय तकरीबन सभी गांवों में तालाबों में पानी डाले जाने की जरूरत बनी हुई है। मानसून सीजन में अगस्त से अब तक बारिश नहीं हो सकी है। अब तो मानसून की विदाई भी हो चुकी है। ऐसे में तालाबों में नहरों से ही पानी भरा जा सकता है।
- पानी डलवाने के लिए ग्रामीण सिंचाई विभाग से करे संपर्क
गांवों में बने तालाबों में पानी डलवाने के लिए सिंचाई विभाग अब तेजी से काम करेगा। जिस भी गांव के तालाब में पानी नहीं है तो ग्रामीणों को विभाग अधिकारियों को अवगत कराना होगा। ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई विभाग उस गांव के तालाब में पानी डलवाएगा लेकिन इसके लिए उस तालाब को किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर से कनेक्ट होना जरूरी है तभी सिंचाई विभाग पानी डलवा पाएगा।
- 75 तालाबों का होना है सुंदरीकरण
सरकार की ओर से भी तालाबों के सुंदरीकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का सुंदरीकरण होना है। इन तालाबों के चारों ओर बांध बनाकर पौधे लगाने की भी योजना है ताकि आसपास का एरिया हरा भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।
वर्जन:
जैसे ही नहरों में पानी पहुंचता है सभी जलघरों व तालाबों में प्राथमिकता से पानी भरा जाएगा। लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर तालाबों में पानी की दिक्कत है इसे दूर कर दिया जाएगा। जलघरोंं में भी पानी डाला जाएगा। नहरोंं की मोटर व पंप आदि अपडेट कर दिए गए हैं।
-उपेंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग