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Charkhi Dadri News: जिले में 22 को बूंदाबांदी के ओलावृष्टि के आसार
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गांव खेड़ी बूरा स्थित खेतों में खड़ी सरसों की फसल।
चरखी दादरी। क्षेत्र में रविवार सुबह हल्का कोहरा छाया और इसके बाद धूप खिल गई। वहीं, 5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।रविवार को अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम 10 डिग्री दर्ज किया गया जबकि शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 16 व न्यूनतम 7 डिग्री था। ऐसे में अधिकतम छह व न्यूनतम तापमान तीन डिग्री बढ़ा है। वातावरण में नमी की मात्रा 69 प्रतिशत रही।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 22 व 23 जनवरी को हल्की बारिश एवं बूंदाबांदी होने के आसार हैं। सीमित स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी आशंका है। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी से उत्तरी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आएगी।
विदित रहे इस सर्दी सीजन में दो बार खासी बारिश हो चुकी है। गत 27 व 28 दिसंबर को 41 एमएम व 11 जनवरी को 6 एमएम बारिश हुई थी जिससे रबी की सभी प्रकार की फसलों को फायदा पहुंच रहा है। इस समय गेहूं, जौ, सरसों, चना व गन्ना की फसलों का ठीक प्रकार से विकास हो रहा है। फिलहाल सरसों मेंं कोई रोग की भी शिकायत नहीं है। इस बार नवंबर माह से सर्दी ने दस्तक दे दी थी ऐसे में फसलों का विकास तेजी से हो रहा है। रबी की फसलों के लिए ठंडक का लंबे समय तक होना जरूरी है तभी सही ढंग से पकाव हो सकेगा।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 22 व 23 जनवरी को हल्की बारिश एवं बूंदाबांदी होने के आसार हैं। सीमित स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी आशंका है। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी से उत्तरी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आएगी।
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विदित रहे इस सर्दी सीजन में दो बार खासी बारिश हो चुकी है। गत 27 व 28 दिसंबर को 41 एमएम व 11 जनवरी को 6 एमएम बारिश हुई थी जिससे रबी की सभी प्रकार की फसलों को फायदा पहुंच रहा है। इस समय गेहूं, जौ, सरसों, चना व गन्ना की फसलों का ठीक प्रकार से विकास हो रहा है। फिलहाल सरसों मेंं कोई रोग की भी शिकायत नहीं है। इस बार नवंबर माह से सर्दी ने दस्तक दे दी थी ऐसे में फसलों का विकास तेजी से हो रहा है। रबी की फसलों के लिए ठंडक का लंबे समय तक होना जरूरी है तभी सही ढंग से पकाव हो सकेगा।
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