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Charkhi Dadri News: रबी सीजन के लिए 14 हजार टन डीएपी और 30 हजार टन यूरिया की जरूरत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:29 AM IST
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There is a need for 14 thousand tons of DAP and 30 thousand tons of urea for the Rabi season.
चरखी दादरी। जिले में रबी सीजन में सरसों, जौ और गेहूं की बिजाई के लिए करीब 14 हजार मीट्रिक टन डीएपी और 30 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत होगी। जिले का कुल कृषि योग्य क्षेत्रफल लगभग 2.73 लाख एकड़ है।
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स्थानीय अधिकारियों ने खाद की मांग विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी है, लेकिन फिलहाल खाद की आपूर्ति की संभावना कम बताई जा रही है। रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, मेथी और सरसों की खेती होती है।
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सरसों किसानों की पसंदीदा फसल है, जिसमें सिंचाई की कम जरूरत होती है और लागत भी कम आती है। सरसों का सरकारी दाम भी अच्छा मिलता है। सरसों की बिजाई लगभग 55 हजार हेक्टेयर में होती है, जबकि गेहूं का रकबा करीब 40 हजार हेक्टेयर तक सीमित रहता है।
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किसान प्रति एकड़ 50 किलोग्राम डीएपी खाद डालते हैं। यूरिया की पहली छिड़काव पहली सिंचाई के बाद की जाती है। हालांकि, आजकल किसान डीएपी खाद का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जबकि रासायनिक खाद फसलों के लिए हानिकारक मानी जाती है। जैविक खाद जैसे गोबर की खाद जमीन की प्राकृतिक उर्वरता बढ़ाती है और पैदावार भी बेहतर होती है।

बिजाई का समय : रबी फसलों की बिजाई अक्तूबर और नवंबर में होती है। अक्टूबर में सरसों और जौ की बिजाई शुरू हो जाती है, जबकि गेहूं की बिजाई नवंबर के पहले सप्ताह में होती है। अगर खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हुई, तो फसलों की बिजाई में देरी होगी, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
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