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Charkhi Dadri News: पटवारियों की हड़ताल के चलते अटकी रबी सीजन की 2.60 लाख एकड़ फसलों की सामान्य गिरदावरी का जल्द शुरू होगा काम

Thu, 05 Feb 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 05 Feb 2026 12:47 AM IST
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The work of general girdawari of 2.60 lakh acres of crops of Rabi season, which was stalled due to the strike of Patwaris, will start soon
हड़ताल पर बैठे पटवारी व अन्य कर्मचारी।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। तीन दिन से जारी पटवारियाें की हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई है। अब जल्द जिले में रबी सीजन की 2.60 लाख एकड़ में खड़ीं फसलों की सामान्य गिरदावरी का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसी सप्ताह से गिरदावरी का कार्य शुरू होना था, लेकिन लघु सचिवालय परिसर में पटवारी अपनी मांगों को लेकर काम छोड़ हड़ताल पर बैठ गए थे जिसके कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। राजस्व विभाग हर साल फरवरी माह में गिरदावरी करवाता है, ताकि बिजाई का आंकड़ा तैयार हो जाए। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा दो लाख 73 हजार एकड़ है। दो लाख 60 हजार एकड़ क्षेत्र में रबी की फसलों की बिजाई कर रखी है।
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सरसों और गेंहू की बिजाई सबसे ज्यादा



रबी सीजन में किसान सरसों, गेहूं, जौ, चना, मेथी आदि की फसलें उगाते हैं। सरसों की बिजाई ज्यादा एकड़ में कर रखी है। सरसों की फसल बिजाई का रकबा करीब 1.53 लाख एकड़ है। इसी प्रकार गेहूं की बिजाई 1.45 लाख एकड़ में कर रखी है। जौ का रकबा दो हजार एकड़ है। क्षेत्र के किसान सब्जी की खेती भी करते हैं। अब तो बागवानी के प्रति भी किसानों का रुझान बढऩे लगा है। काफी संख्या में किसानों ने बाग लगा रखे हैं। किसानों की पंसदीदा एवं नकदी माने जाने वाली फसल सरसों की बिजाई हर साल ज्यादा एकड़ में होती है।
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जिले का 55 फीसदी क्षेत्र रेतिला
जिले का 55 प्रतिशत एरिया रेतीला भी है। रेतीले भागों में भी गेहूं,सरसों की फसलें होती हैं। शेष तराई एरिया में खरीफ सीजन में धान व रबी सीजन में गेहूं की बिजाई की जाती है। रेतीले भागों में बिजली नलकूप से सिंचाई की जाती है जबकि तराई भागों में नहरी पानी से सिंचाई हो जाती है। जिला की भूमि काफी उपजाऊ मानी जाती है।
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हड़ताल के चलते अटका काम

गत दिसंबर माह तक रबी की सभी प्रकार की फसलों की बिजाई हो चुकी थी। 31 दिसंबर तक गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य हुआ था। अब राजस्व विभाग ने फरवरी प्रथम सप्ताह में रबी की सभी प्रकार की फसलों की गिरदावरी करवानी थी। पटवारी खेतों में जाकर फसल का विवरण दर्ज करते हैं। किस किसान ने कौन-सी फसल की बिजाई कर रखी है उसे रिकार्ड में दर्ज किया जाना है। इसी विवरण के आधार पर ही सरकार के पास कुल बिजाई का आकड़ा पहुंचेगा और अनुमानित औसत पैदावार का आकलन होगा।




वर्सन:
सरकार से की गई वार्तालाप के बाद अब संगठन ने हड़ताल का समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब सभी कर्मचारी काम पर लौट जाएंगे, जिसके बाद जल्द ही गिदावरी का काम भी शुरू हो जाएगा। - कुलवीर सिंह, अध्यक्ष , पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन।
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