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Charkhi Dadri News: टपका-टपका बूंद से बढ़ा गांव हंसावास कलां का नीर
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टपका सिंचाई के लिए हंसावास कलां के खेत में लगा फव्वारा सिस्टम।
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के पांच गांवों ने इस बार भू-जल स्तर में सुधार कर नजीर पेश की है। बाढड़ा उपमंडल का हंसावास कलां गांव इनमें से एक है। हंसावास कलां में भू- जल स्तर इस साल 0.23 मीटर यानी करीब 0.8 फुट बढ़ा है। यहां किसानों ने खेतों में टपका सिंचाई शुरू की और विभाग ने बारिश के जल संचयन का प्रबंध किया, जिससे भू-जल स्तर में सुधार आया है।
वर्ष 2023 की बात करें तो हंसावास कलां में भू- जल का स्तर 85.75 था जबकि वर्ष 2024 में से 85.52 पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के पीछे ग्रामीणों का योगदान भी कम नहीं है। भू-जल विभाग तो अपने स्तर पर प्रयास कर ही रहा है। साथ में किसानों ने ट्यूबवेल के पानी से टपका सिंचाई शुरू कर दी है। इससे जमीनी पानी की बचत हो रही है।
विभाग ने इस गांव में बिलबोर्ड व सनबोर्ड लगा रखे हैं ताकि समय-समय पर ग्रामीणों को गांव के जलस्तर का पता चलता रहे और किसान सतर्क रहे। गांव के सरपंच रविंद्र कुमार ने बताया कि भू-जल विभाग की ओर से अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। समय- समय विभाग गांव में बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग ने गांव में रेन गेज मीटर, पीजियो मीटर भी लगा रखे हैं, ताकि बारिश के पानी की नियमित रूप से जांच होती रहे। इससे जलस्तर व बारिश की ऑनलाइन रिपोर्ट हेड ऑफिस पहुंचती है।
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ग्रामीणों को बढ़ेगा मनोबल
सरपंच रविंद्र कुमार का कहना है कि गांव का जलस्तर बढ़ना अच्छा संकेत है। इससे ग्रामीणों का मनोबल बढ़ेगा और वे इस दिशा में मन लगाकर काम करेंगे और विभाग को पूरा सहयोग देंगे। सरपंच का कहना है कि उसे अमर उजाला समाचार-पत्र के जरिये जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। अब जल्द ही होने वाली ग्राम सभा में इस विषय को प्रमुखता से उठाएंगे और पंचायत के सभी सदस्यों व ग्रामीणों को जलस्तर बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए पानी का संकट नहीं होने पाए।
विभाग की ओर से इस गांव में समय-समय पर ग्रामीणों की बैठक की जाती है। गांव में जलस्तर आंकड़ों के लिए बिलबोर्ड व सनबोर्ड भी लगा रखे हैं। उम्मीद लोग विभाग का इसी प्रकार सहयोग करते रहेंगे।
-खुर्शीद अहमद, भू-जल वैज्ञानिक
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चरखी दादरी। जिले के पांच गांवों ने इस बार भू-जल स्तर में सुधार कर नजीर पेश की है। बाढड़ा उपमंडल का हंसावास कलां गांव इनमें से एक है। हंसावास कलां में भू- जल स्तर इस साल 0.23 मीटर यानी करीब 0.8 फुट बढ़ा है। यहां किसानों ने खेतों में टपका सिंचाई शुरू की और विभाग ने बारिश के जल संचयन का प्रबंध किया, जिससे भू-जल स्तर में सुधार आया है।
वर्ष 2023 की बात करें तो हंसावास कलां में भू- जल का स्तर 85.75 था जबकि वर्ष 2024 में से 85.52 पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के पीछे ग्रामीणों का योगदान भी कम नहीं है। भू-जल विभाग तो अपने स्तर पर प्रयास कर ही रहा है। साथ में किसानों ने ट्यूबवेल के पानी से टपका सिंचाई शुरू कर दी है। इससे जमीनी पानी की बचत हो रही है।
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विभाग ने इस गांव में बिलबोर्ड व सनबोर्ड लगा रखे हैं ताकि समय-समय पर ग्रामीणों को गांव के जलस्तर का पता चलता रहे और किसान सतर्क रहे। गांव के सरपंच रविंद्र कुमार ने बताया कि भू-जल विभाग की ओर से अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। समय- समय विभाग गांव में बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग ने गांव में रेन गेज मीटर, पीजियो मीटर भी लगा रखे हैं, ताकि बारिश के पानी की नियमित रूप से जांच होती रहे। इससे जलस्तर व बारिश की ऑनलाइन रिपोर्ट हेड ऑफिस पहुंचती है।
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ग्रामीणों को बढ़ेगा मनोबल
सरपंच रविंद्र कुमार का कहना है कि गांव का जलस्तर बढ़ना अच्छा संकेत है। इससे ग्रामीणों का मनोबल बढ़ेगा और वे इस दिशा में मन लगाकर काम करेंगे और विभाग को पूरा सहयोग देंगे। सरपंच का कहना है कि उसे अमर उजाला समाचार-पत्र के जरिये जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। अब जल्द ही होने वाली ग्राम सभा में इस विषय को प्रमुखता से उठाएंगे और पंचायत के सभी सदस्यों व ग्रामीणों को जलस्तर बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए पानी का संकट नहीं होने पाए।
विभाग की ओर से इस गांव में समय-समय पर ग्रामीणों की बैठक की जाती है। गांव में जलस्तर आंकड़ों के लिए बिलबोर्ड व सनबोर्ड भी लगा रखे हैं। उम्मीद लोग विभाग का इसी प्रकार सहयोग करते रहेंगे।
-खुर्शीद अहमद, भू-जल वैज्ञानिक