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जलभराव क्षेत्रों से पानी की निकासी के प्रोजेक्ट को राज्य बाढ़ राहत कमेटी ने दी स्वीकृति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:19 AM IST
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The State Flood Relief Committee approved the project of drainage of water from the waterlogged areas.
चरखी दादरी। सरकार की राज्य बाढ़ राहत कमेटी ने जिला के जलभराव वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी के प्लान को स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने इसका पांच करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर बजट के लिए फाइल मुख्यालय भेज दी है। इस योजना के तहत जिला के कई गांवों में ओपन व अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जाएंगी और बारिश के पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
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जिले के काफी क्षेत्र में हर साल बारिश से खेतों मेें जलभराव हो जाता है। खेतों में जलभराव होने पर किसानों की दो फसलें खराब हो जाती हैं। जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बार-बार जलभराव होने से खत्म होने लगती है। सेम की समस्या बढ़ती है, जिससे फसली दाना ही नहीं अपितु खरपतवार व अन्य किस्म के पौधे भी नहीं उगते। जमीन बंजर हो जाती है।
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यहां है जलभराव की अधिक समस्या -
जिले के दिल्ली रोड पर कई गांवों में बारिश से जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। गांव इमलोटा, सरूपगढ़, सातौर, नीमली, कंहेटी, भागवी, बिगोवा, मोरवाला, अचीना ताल क्षेत्र में जलभराव से हर साल ज्यादा नुकसान होता है। पानी की निकासी के प्रबंध नहीं होने से हर साल दिक्कत बनी रहती है। जिले के और भी कई गांव हैं, जहां जलभराव की समस्या होती है। मानसून सीजन में हर साल साढ़े चार हजार एकड़ में जलभराव हो जाता है, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। लगातार दो माह तक खेतों में पानी भरा रहता है।
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पाइप लाइनों से जरूरत के स्थानों पर भेजा जाएगा पानी -
सरकार ने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए विशेष योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री की संस्तुुति पर राज्य बाढ़ राहत कमेटी ने जिले के ज्यादा जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए प्रोजेक्ट को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत गांव इमलोटा, भागवी, सरुपगढ़, बिगोवा व मोरवाला को शामिल किया गया है। इन गांवों को कनेक्ट करते हुए अंडरग्राउंड व ओपन पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। जहां पर्याप्त जमीन की उपलब्धता नहीं होगी, वहां अंडरग्राउंड पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। शेष क्षेत्र में ओपन लाइनों से काम चलाया जाएगा। लाइनों के बीच मेें कुछ दूरी के अंतराल में होदी यानी छोटी टंकियां बनाई जाएंगी।
रबी सीजन में जलभराव के कारण नहीं हुई बिजाई -
मौजूदा रबी सीजन में जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों की बिजाई नहीं हो सकी है। किसानों की खरीफ सीजन की फसल पहले ही खराब हो गई थी। सिंचाई विभाग ने इसका एस्टीमेट तैयार कर हैड ऑफिस भेज दिया है। अब बजट मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे आने वाले मानसून सीजन में जलभराव से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ का बजट खर्च किया जाएगा।

इस योजना की स्वीकृति सीएम की संस्तुति पर राज्य बाढ़ राहत कमेटी से मिली है। जैसे ही बजट मिलेगा, मानसून सीजन से पहले यह काम पूरा करने की प्लानिंग है, ताकि जलभराव की दिक्कत न बनने पाए।
- एक्सईएन सतेंद्र, सिंचाई विभाग।
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