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संस्कृति के लिए घातक है वर्तमान में गाए जा रहे गाने : संदीप फोगाट
Mon, 24 Mar 2025 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 24 Mar 2025 12:09 AM IST
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चरखी दादरी। दादरी मोबाइल एसोसिएशन के प्रधान एवं पूर्ण मार्केट अध्यक्ष संदीप सिंह फोगाट ने कहा कि आजकल के खासकर हरियाणवी गीत पश्चिमी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये समाज के लिए घातक हैं। संदीप ने कहा कि कुछ गानों में जिस प्रकार से देश व समाज को तोड़ने के लिए शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, उन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।
संदीप प्रधान ने कहा कि आज कल प्रादेशिक स्तर पर इस तरह के गानों का अधिक प्रचलन बढ़ रहा है जो कहीं न कहीं हरियाणावी भाईचारे को भी खराब कर रहा है। खास कर इन गानों के बोल ऐसे हैं, जिसमें युवा वर्ग को अश्लीलता व आपराधिक प्रवृत्ति की तरफ जाने के लिए उकसा रहे हैं। ऐसे में युवा पीड़ी के पथभ्रष्ट हो जाने का खतरा भी बढ़ गया है। केवल चंद पैसों की लालच में न तो बनाने वाले न गाने वाले इस विषय में कुछ सोच रहे हैं। केवल फालोवर्स बढ़ाने की जंग समाज को तबाही की ओर ले जा रही है। हरियाणा सरकार, प्रशासन, सेंसर बोर्ड व सभी संबंधित विभाग इस तरह के गानों पर कड़ा रुख अपनाएं। संवाद
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संदीप प्रधान ने कहा कि आज कल प्रादेशिक स्तर पर इस तरह के गानों का अधिक प्रचलन बढ़ रहा है जो कहीं न कहीं हरियाणावी भाईचारे को भी खराब कर रहा है। खास कर इन गानों के बोल ऐसे हैं, जिसमें युवा वर्ग को अश्लीलता व आपराधिक प्रवृत्ति की तरफ जाने के लिए उकसा रहे हैं। ऐसे में युवा पीड़ी के पथभ्रष्ट हो जाने का खतरा भी बढ़ गया है। केवल चंद पैसों की लालच में न तो बनाने वाले न गाने वाले इस विषय में कुछ सोच रहे हैं। केवल फालोवर्स बढ़ाने की जंग समाज को तबाही की ओर ले जा रही है। हरियाणा सरकार, प्रशासन, सेंसर बोर्ड व सभी संबंधित विभाग इस तरह के गानों पर कड़ा रुख अपनाएं। संवाद
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