{"_id":"60f9bcc78ebc3e73542fc456","slug":"the-pond-became-the-ground-of-the-state-school-the-toilets-were-also-submerged-charkhidadri-news-hsr606818513","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय स्कूल का मैदान बना तालाब, शौचालय भी डूबे...कैसे पढ़ाई करेंगे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय स्कूल का मैदान बना तालाब, शौचालय भी डूबे...कैसे पढ़ाई करेंगे विद्यार्थी
विज्ञापन
बारिश के पानी में डूबे शौचालय।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। आज से स्कूलों में छठी से बारहवीं कक्षा तक की कक्षाएं लगनी शुरू होंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए गाइडलाइन भी जारी की है और इसके मुताबिक विद्यार्थियों के लिए तमाम व्यवस्थाएं करने के बिंदु भी शामिल हैं। अब अगर शहर के शहीद दलबीर सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बात करें तो यहां हालात बुरे बने हुए हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश का पानी अभी भी खेल मैदान में भरा हुआ है और इस पानी में शौचालय तक डूबे हुए हैं। पड़ताल में सामने आया कि पानी निकासी के लिए अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई योजना तक तैयार नहीं की गई है। ऐसे में जलभराव के चलते विद्यार्थियों को और शिक्षकों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ेगा।
संवाददाता वीरवार को शहर के राजकीय स्कूलों का जायजा लेने पहुंचा। इस दौरान शहीद दलबीर सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हालात चौंकाने वाले मिले। बारिश का पानी भरने से स्कूल का खेल मैदान तालाब का रूप ले चुका है, जबकि विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शौचालय भी पानी में डूबे हुए हैं। संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि पिछले दस सालों से हर मानसून सीजन में इस स्कूल में जलभराव की स्थिति बनती है और बारिश का पानी एक माह तक भरा रहता है। यह मामला प्रशासन के संज्ञान में भी आ चुका है, लेकिन हर बार मोटर लगाकर पानी निकासी करवाकर इतिश्री कर ली जाती है। एक दशक पुरानी इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है।
कोरोना काल में पिछले करीब 16 माह से स्कूल बंद ही रहा है और इस समयावधि का सदुपयोग विभाग करता तो यहां जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और इस बार भी स्थिति जस की तस है। संवादाता ने शुक्रवार से छठीं से बारहवीं तक की कक्षाएं लगने को देखते हुए जब पानी निकासी के लिए उठाए गए कदमों की पड़ताल की तो सामने आया कि अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कागज कार्यवाही तक नहीं की गई है। इस स्कूल में 1200 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
विज्ञापन
- प्राइमरी स्कूल में भी हालात मिले बुरे
संवाददाता शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल का जायजा लेने के बाद कोर्ट के पिछली तरफ बने प्राइमरी स्कूल में पहुंचा। यहां भी प्रांगण के अलावा शौचालय के समीप कीचड मिला। इस स्कूल में भी हर साल बारिश का पानी भरता है, जिससे यहां पढ़ने वाले छोटे बच्चों के जलजनित बीमारियों का अंदेशा बना रहता है।
- राजकीय कन्या स्कूल में मिली सफाई, पानी व शौचालय की व्यवस्था भी दुरुस्त
प्राइमरी स्कूल के बाद काठमंडी क्षेत्र में बने राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थिति का जायजा भी लिया। यहां हालात ठीक मिले। स्कूल की कक्षाओं में न केवल सफाई मिली, बल्कि यहां पानी की टंकी और शौचालय में भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त मिली। स्कूल प्रधानाचार्य ने बताया कि छठीं से बारहवीं की कक्षाएं लगने के मद्देनजर पूरे भवन को सैनिटाइज करवा दिया गया है।
समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करवा दिया जाएगा। मैं शुक्रवार को ही जनस्वास्थ्य विभाग को स्कूल परिसर से पानी की निकासी करवाने के लिए पत्र लिखूंगा। प्राइमरी स्कूल में बनी समस्या का भी हम जल्द समाधान करवा देंगे।
जयप्रकाश संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
संवाददाता वीरवार को शहर के राजकीय स्कूलों का जायजा लेने पहुंचा। इस दौरान शहीद दलबीर सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हालात चौंकाने वाले मिले। बारिश का पानी भरने से स्कूल का खेल मैदान तालाब का रूप ले चुका है, जबकि विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शौचालय भी पानी में डूबे हुए हैं। संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि पिछले दस सालों से हर मानसून सीजन में इस स्कूल में जलभराव की स्थिति बनती है और बारिश का पानी एक माह तक भरा रहता है। यह मामला प्रशासन के संज्ञान में भी आ चुका है, लेकिन हर बार मोटर लगाकर पानी निकासी करवाकर इतिश्री कर ली जाती है। एक दशक पुरानी इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है।
विज्ञापन
कोरोना काल में पिछले करीब 16 माह से स्कूल बंद ही रहा है और इस समयावधि का सदुपयोग विभाग करता तो यहां जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और इस बार भी स्थिति जस की तस है। संवादाता ने शुक्रवार से छठीं से बारहवीं तक की कक्षाएं लगने को देखते हुए जब पानी निकासी के लिए उठाए गए कदमों की पड़ताल की तो सामने आया कि अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कागज कार्यवाही तक नहीं की गई है। इस स्कूल में 1200 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
विज्ञापन
- प्राइमरी स्कूल में भी हालात मिले बुरे
संवाददाता शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल का जायजा लेने के बाद कोर्ट के पिछली तरफ बने प्राइमरी स्कूल में पहुंचा। यहां भी प्रांगण के अलावा शौचालय के समीप कीचड मिला। इस स्कूल में भी हर साल बारिश का पानी भरता है, जिससे यहां पढ़ने वाले छोटे बच्चों के जलजनित बीमारियों का अंदेशा बना रहता है।
- राजकीय कन्या स्कूल में मिली सफाई, पानी व शौचालय की व्यवस्था भी दुरुस्त
प्राइमरी स्कूल के बाद काठमंडी क्षेत्र में बने राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थिति का जायजा भी लिया। यहां हालात ठीक मिले। स्कूल की कक्षाओं में न केवल सफाई मिली, बल्कि यहां पानी की टंकी और शौचालय में भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त मिली। स्कूल प्रधानाचार्य ने बताया कि छठीं से बारहवीं की कक्षाएं लगने के मद्देनजर पूरे भवन को सैनिटाइज करवा दिया गया है।
समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करवा दिया जाएगा। मैं शुक्रवार को ही जनस्वास्थ्य विभाग को स्कूल परिसर से पानी की निकासी करवाने के लिए पत्र लिखूंगा। प्राइमरी स्कूल में बनी समस्या का भी हम जल्द समाधान करवा देंगे।
जयप्रकाश संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी