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Charkhi Dadri News: गर्भवती के लिए डगर नहीं आसान...तीन सीएचसी में सिजेरियन डिलीवरी की नहीं सुविधा, हर माह 40 गंभीर केस करने पड़ रहे रेफर
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चरखी दादरी। दादरी मुख्यालय स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा मिल रही है, लेकिन जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इस सुविधा से वंचित हैं। बौंदकलां, झोझूकलां और गोपी सीएचसी से डिलीवरी के जटिल मामलों को दादरी मातृ-शिशु अस्पताल रेफर किया जाता है।
मातृ-शिशु अस्पताल में वर्तमान में दो गायनाकोलॉजिस्ट तैनात हैं। डॉ. शिल्पा ओपीडी देखती हैं जबकि डॉ. सविरा सेठी, जो सिजेरियन डिलिवरी करती हैं। दादरी जिले में नागरिक अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 79 उप-स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। फिलहाल केवल मातृ-शिशु अस्पताल में ही सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है।
वहीं, तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस सुविधा की कमी गंभीर समस्या बनी हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग इस समस्या से अवगत है और स्थानीय अधिकारी इन तीनों सीएचसी में जल्द ही सिजेरियन डिलीवरी शुरू कराने की योजना बना रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, आगामी एक माह के भीतर इस सुविधा को शुरू करने के लिए आवश्यक ऑपरेशन टीम भेजी जाएगी।
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प्रतिवर्ष 5 हजार होती हैं डिलीवरी
दादरी जिले में प्रतिवर्ष लगभग 5 हजार डिलीवरी होती हैं, जबकि करीब 2,500 बच्चों का जन्म जिले के बाहर होता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में केवल सामान्य डिलीवरी की जाती है, जबकि गंभीर मामलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या मातृ-शिशु अस्पताल भेजा जाता है। तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से हर माह लगभग 40 गंभीर डिलीवरी केस मातृ-शिशु अस्पताल रेफर किए जाते हैं।
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तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन डिलीवरी सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन जल्द ही इस कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है और ऑपरेशन टीम को भेजा जाएगा। - डॉ. वेदपाल, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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मातृ-शिशु अस्पताल में वर्तमान में दो गायनाकोलॉजिस्ट तैनात हैं। डॉ. शिल्पा ओपीडी देखती हैं जबकि डॉ. सविरा सेठी, जो सिजेरियन डिलिवरी करती हैं। दादरी जिले में नागरिक अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 79 उप-स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। फिलहाल केवल मातृ-शिशु अस्पताल में ही सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है।
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वहीं, तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस सुविधा की कमी गंभीर समस्या बनी हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग इस समस्या से अवगत है और स्थानीय अधिकारी इन तीनों सीएचसी में जल्द ही सिजेरियन डिलीवरी शुरू कराने की योजना बना रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, आगामी एक माह के भीतर इस सुविधा को शुरू करने के लिए आवश्यक ऑपरेशन टीम भेजी जाएगी।
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प्रतिवर्ष 5 हजार होती हैं डिलीवरी
दादरी जिले में प्रतिवर्ष लगभग 5 हजार डिलीवरी होती हैं, जबकि करीब 2,500 बच्चों का जन्म जिले के बाहर होता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में केवल सामान्य डिलीवरी की जाती है, जबकि गंभीर मामलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या मातृ-शिशु अस्पताल भेजा जाता है। तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से हर माह लगभग 40 गंभीर डिलीवरी केस मातृ-शिशु अस्पताल रेफर किए जाते हैं।
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तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन डिलीवरी सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन जल्द ही इस कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है और ऑपरेशन टीम को भेजा जाएगा। - डॉ. वेदपाल, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग