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Charkhi Dadri News: पुरानी चहारदीवार जर्जर, अब चंपापुरी जलघर की बनेगी नई, एस्टीमेट तैयार कर रहा विभाग
Thu, 15 Jan 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:33 AM IST
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चंपापुरी स्थित जलघर परिसर की टूटी पड़ी चहारदीवारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के चंपापुरी स्थित मुख्य जलघर की जर्जर चहारदीवारी का पुनर्निर्माण करवाने के लिए विभाग की ओर से एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एस्टीमेट बनने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजने का काम करेंगे।
वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद चाहरदीवारी पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। चंपापुरी स्थित मुख्य जलघर की चहारदीवारी का निर्माण लगभग 60 साल पहले कराया गया था। इस दौरान चहारदीवारी कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने से टूट हुई है। इससे बेसहारा पशु जलघर परिसर के अंदर तक पहुंच जाते थे, वहीं जलघर में रखे कीमती सामान के चोरी होने का भी भय बना रहता हैं।
बेसहारा पशुओं का जमावड़ा परिसर में गंदगी का माहौल बना देते थे। इसके चलते कर्मचारियों और अधिकारियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। चहारदीवारी लगातार खस्ता हो रही हालात को देखते हुए विभाग ने एक हजार मीटर लंबी चहारदीवारी का पुनर्निर्माण करवाने के लिए एस्टीमेट बनवाया गया हैं। ताकि जलघर परिसर को सुरक्षित रखा जा सके।
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जलघर में रखा होता है कीमती सामान : जलघर परिसर में अनेक कीमती मोटरों के अलावा उपकरण रखे रहते हैं। परिसर के पिछले स्थान में सुनसान क्षेत्र हैं, जहां किसानों ने अपनी फसल लगाई हुई है। वहीं अन्य साइड में भी सन्नाटा पसरा रहता है। इसके कारण चोरी घटनाओं की आशंका अधिक रहती हैं। वहीं बेसहारा पशुओं का अवागमन भी बंद हो सकेगा। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि मुख्य जलघर के चारों तरफ की चाहरदीवारी का क्षेत्र लगभग एक हजार मीटर हैं।
वहीं, इसकी उंचाई तीन मीटर के करीब होगी। ऊंचाई अधिक होने के कारण परिसर से चोरी की घटनाएं नहीं हो पाएंगी।
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वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद चाहरदीवारी पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। चंपापुरी स्थित मुख्य जलघर की चहारदीवारी का निर्माण लगभग 60 साल पहले कराया गया था। इस दौरान चहारदीवारी कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने से टूट हुई है। इससे बेसहारा पशु जलघर परिसर के अंदर तक पहुंच जाते थे, वहीं जलघर में रखे कीमती सामान के चोरी होने का भी भय बना रहता हैं।
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बेसहारा पशुओं का जमावड़ा परिसर में गंदगी का माहौल बना देते थे। इसके चलते कर्मचारियों और अधिकारियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। चहारदीवारी लगातार खस्ता हो रही हालात को देखते हुए विभाग ने एक हजार मीटर लंबी चहारदीवारी का पुनर्निर्माण करवाने के लिए एस्टीमेट बनवाया गया हैं। ताकि जलघर परिसर को सुरक्षित रखा जा सके।
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जलघर में रखा होता है कीमती सामान : जलघर परिसर में अनेक कीमती मोटरों के अलावा उपकरण रखे रहते हैं। परिसर के पिछले स्थान में सुनसान क्षेत्र हैं, जहां किसानों ने अपनी फसल लगाई हुई है। वहीं अन्य साइड में भी सन्नाटा पसरा रहता है। इसके कारण चोरी घटनाओं की आशंका अधिक रहती हैं। वहीं बेसहारा पशुओं का अवागमन भी बंद हो सकेगा। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि मुख्य जलघर के चारों तरफ की चाहरदीवारी का क्षेत्र लगभग एक हजार मीटर हैं।
वहीं, इसकी उंचाई तीन मीटर के करीब होगी। ऊंचाई अधिक होने के कारण परिसर से चोरी की घटनाएं नहीं हो पाएंगी।