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आईपीएल में सट्टेबाजी के शौक ने लिपिक सुनील को बनाया कर्जदार, गबन की राशि से चुकता की उधारी
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जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। आईपीएल में सट्टा लगाने के शौक ने लिपिक सुनील को कर्जदार बना दिया। इस कर्ज को उतारने के लिए उसने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जीवनभर की जमा पूंजी और कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों की करीब पौने तीन करोड़ का राशि का गबन कर दिया। यह खुलासा आरोपी सुनील ने ही पुलिस रिमांड में किया है। पुलिस टीम ने सोमवार शाम को दादरी बस स्टैंड से आरोपी को गिरफ्तार किया था और मंगलवार सुबह अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। गबन करने के बाद आरोपी अपनी पत्नी के साथ फरीदाबाद में किराये के मकान में रहने लगा था और रुपयों के लेन-देन में ही दादरी आया था।
गौरतलब है कि सितंबर में जनस्वास्थ्य विभाग के लिपिक भागेश्वरी निवासी सुनील द्वारा गबन करने का मामला उजागर हुआ था। इसका पता चलने पर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड कर्मचारियों ने हंगामा किया था और इसकी शिकायत एक्सईएन को सौंपी थी। मामले की विभागीय स्तर पर जांच की गई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद लिपिक के खिलाफ सिटी थाने में एक्सईएन ने केस दर्ज करवाया गया था। इस मामले को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार धरना दे रहा है। अब आरोपी सुनील की गिरफ्तारी से पीड़ितों का गुस्सा थोड़ा कम हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी दादरी में रुपयों का लेन-देन करने आया था और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया और गबन राशि की रिकवरी के लिए उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पत्नी और सालों के खाते में डाले रुपये, खाते फ्रिज करने से पहले निकाले
आरोपी से की गई पूछताछ में सामने आया कि उसने दो करोड़ 42 लाख रुपये अपनी पत्नी सोनम के खाते में और 32 लाख रुपये साले तनूज के खाते में डाले थे। जनस्वास्थ्य विभाग के ये दोनों खाते फ्रिज करवाने से पहले ही आरोपी ने रुपये निकलवाकर इन्हें खाली कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने गबन राशि से अपना कर्ज चुकता कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की पत्नी और साले का खाता मीरपुर शाखा के हैं।
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एक्सईएन ने तीन सदस्यीय कमेटी से करवाई थी जांच
गबन के आरोपों को देखते हुए तत्कालीन एक्सईएन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर मामले की जांच करवाई थी। विभागीय जांच में गबन उजागर हुआ था और इसके बाद गबन राशि की तह तक जाने के लिए पुलिस को शिकायत दी गई थी जिसके अनुसार आरोपी ने करीब पौने तीन करोड़ रुपये का गबन किया था।
आरोपी को लेकर विभाग के दफ्तर पहुंची पुलिस
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उसे लेकर चंपापुरी स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंची। वहां विभिन्न बिंदुओं पर उससे पूछताछ की गई। काफी समय तक पुलिस टीम और आरोपी समेत विभाग के कर्मचारी एक कमरे में रहे। उस दौरान आरोपी से कर्मचारियों के सामने पूछताछ भी की गई।
आरोपी को बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया है। उसे पुलिस ने कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान उससे गबन राशि की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
भीम सिंह, एएसआई एवं जांच अधिकारी, सिटी थाना
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गौरतलब है कि सितंबर में जनस्वास्थ्य विभाग के लिपिक भागेश्वरी निवासी सुनील द्वारा गबन करने का मामला उजागर हुआ था। इसका पता चलने पर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड कर्मचारियों ने हंगामा किया था और इसकी शिकायत एक्सईएन को सौंपी थी। मामले की विभागीय स्तर पर जांच की गई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद लिपिक के खिलाफ सिटी थाने में एक्सईएन ने केस दर्ज करवाया गया था। इस मामले को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार धरना दे रहा है। अब आरोपी सुनील की गिरफ्तारी से पीड़ितों का गुस्सा थोड़ा कम हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी दादरी में रुपयों का लेन-देन करने आया था और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया और गबन राशि की रिकवरी के लिए उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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पत्नी और सालों के खाते में डाले रुपये, खाते फ्रिज करने से पहले निकाले
आरोपी से की गई पूछताछ में सामने आया कि उसने दो करोड़ 42 लाख रुपये अपनी पत्नी सोनम के खाते में और 32 लाख रुपये साले तनूज के खाते में डाले थे। जनस्वास्थ्य विभाग के ये दोनों खाते फ्रिज करवाने से पहले ही आरोपी ने रुपये निकलवाकर इन्हें खाली कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने गबन राशि से अपना कर्ज चुकता कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की पत्नी और साले का खाता मीरपुर शाखा के हैं।
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एक्सईएन ने तीन सदस्यीय कमेटी से करवाई थी जांच
गबन के आरोपों को देखते हुए तत्कालीन एक्सईएन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर मामले की जांच करवाई थी। विभागीय जांच में गबन उजागर हुआ था और इसके बाद गबन राशि की तह तक जाने के लिए पुलिस को शिकायत दी गई थी जिसके अनुसार आरोपी ने करीब पौने तीन करोड़ रुपये का गबन किया था।
आरोपी को लेकर विभाग के दफ्तर पहुंची पुलिस
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उसे लेकर चंपापुरी स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंची। वहां विभिन्न बिंदुओं पर उससे पूछताछ की गई। काफी समय तक पुलिस टीम और आरोपी समेत विभाग के कर्मचारी एक कमरे में रहे। उस दौरान आरोपी से कर्मचारियों के सामने पूछताछ भी की गई।
आरोपी को बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया है। उसे पुलिस ने कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान उससे गबन राशि की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
भीम सिंह, एएसआई एवं जांच अधिकारी, सिटी थाना

आरोपी लिपिक सुनील।- फोटो : CharkhiDadri