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Charkhi Dadri News: गर्मी की तपिश ने बढ़ाई बीमारियां, अस्पताल में उमड़ रही मरीजों की भीड़
Thu, 16 Apr 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:08 AM IST
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नागरिक अस्पताल में मेडिसिन विभाग के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। पिछले करीब एक सप्ताह से मौसम के मिजाज में आए बदलाव ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और चढ़ते पारे से अब स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से उभरने लगी हैं। गर्मी की इस मार का सीधा असर नागरिक अस्पताल की ओपीडी में देखने को मिल रहा है जहां रोजाना मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। विशेष रूप से मेडिसिन विभाग में स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
नागरिक अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर रोज 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का मानना है कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि और गर्म हवाओं के कारण लोगों का पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है जिससे संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र श्योराण ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में खानपान के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को केवल घर पर बना पौष्टिक आहार ही लेना चाहिए। बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों से पूरी तरह परहेज करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, क्योंकि गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।
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डॉ. उपेंद्र श्योराण ने कहा कि खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना और स्वच्छ पानी का उपयोग करना अनिवार्य है। शरीर में पानी की कमी यानी डी-हाइड्रेशन से बचाव के लिए उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने का सुझाव दिया है। घर में बनी लस्सी, नींबू पानी और ताजे फलों का रस इस मौसम में शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं।
समय पर चिकित्सक से लें परामर्श
डॉ. उपेंद्र श्योराण ने कहा कि यदि किसी को लगातार उल्टी, दस्त या चक्कर आने जैसी समस्या महसूस हो, तो उसे घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
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नागरिक अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर रोज 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का मानना है कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि और गर्म हवाओं के कारण लोगों का पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है जिससे संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र श्योराण ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में खानपान के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को केवल घर पर बना पौष्टिक आहार ही लेना चाहिए। बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों से पूरी तरह परहेज करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, क्योंकि गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।
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डॉ. उपेंद्र श्योराण ने कहा कि खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना और स्वच्छ पानी का उपयोग करना अनिवार्य है। शरीर में पानी की कमी यानी डी-हाइड्रेशन से बचाव के लिए उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने का सुझाव दिया है। घर में बनी लस्सी, नींबू पानी और ताजे फलों का रस इस मौसम में शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं।
समय पर चिकित्सक से लें परामर्श
डॉ. उपेंद्र श्योराण ने कहा कि यदि किसी को लगातार उल्टी, दस्त या चक्कर आने जैसी समस्या महसूस हो, तो उसे घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।