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Charkhi Dadri News: बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के विशेष अनुदान योजनाएं संचालित कर रही सरकार
Wed, 15 Apr 2026 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 15 Apr 2026 11:50 PM IST
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चरखी दादरी। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत सब्जियों, मशरूम एवं आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए किसानों को आकर्षक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि सब्जियों की खेती पर किसानों को 15,000 से 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बांस आधारित सब्जी उत्पादन पर 31,250 से 53,125 रुपये, आयरन स्टेकिंग तकनीक पर 70,500 से 1,19,850 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। वहीं प्लास्टिक मल्चिंग के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान उपलब्ध है।
मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मशरूम झोपड़ी निर्माण के लिए 22,500 से 25,500 रुपये और मशरूम ट्रे पर 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, बागवानी मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद पर लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान बेहतर आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। विभागीय सहयोग एवं तकनीकी मार्गदर्शन से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्नत एवं लाभकारी फसलों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बांस स्टेकिंग तकनीक अपनाकर किसान लगभग 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का लाभ अर्जित कर रहे हैं, जबकि गाजर की खेती से किसानों को करीब 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आय हो रही है।
विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बागवानी फसलों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर अनुदान प्रदान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सब्जी फसलों पर अनुदान का लाभ ले सकता है।
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उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि सब्जियों की खेती पर किसानों को 15,000 से 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बांस आधारित सब्जी उत्पादन पर 31,250 से 53,125 रुपये, आयरन स्टेकिंग तकनीक पर 70,500 से 1,19,850 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। वहीं प्लास्टिक मल्चिंग के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान उपलब्ध है।
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मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मशरूम झोपड़ी निर्माण के लिए 22,500 से 25,500 रुपये और मशरूम ट्रे पर 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, बागवानी मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद पर लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान बेहतर आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। विभागीय सहयोग एवं तकनीकी मार्गदर्शन से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्नत एवं लाभकारी फसलों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बांस स्टेकिंग तकनीक अपनाकर किसान लगभग 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का लाभ अर्जित कर रहे हैं, जबकि गाजर की खेती से किसानों को करीब 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आय हो रही है।
विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बागवानी फसलों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर अनुदान प्रदान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सब्जी फसलों पर अनुदान का लाभ ले सकता है।