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Charkhi Dadri News: पोर्टेबल अस्पताल का फर्श मांगा हुआ है मरम्मत, एजेंसी की टीम आकर करेगी निरीक्षण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:38 AM IST
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The floor of the portable hospital is in need of repair, the agency team will come and inspect.
सांवड़ पीएचसी में रखा पोर्टेबल अस्पताल।
चरखी दादरी। सांवड़ गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार साल से खुले आसमान तले रखे पोर्टेबल अस्पताल का फर्श क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब इस अस्पताल की डिलीवरी देने वाली एजेंसी से जिला स्वास्थ्य विभाग ने पत्राचार किया है, ताकि टीम यहां आकर इसकी मरम्मत और दादरी शिफ्ट करने का एस्टिमेट तैयार कर सके। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक के निरीक्षण में फर्श क्षतिग्रस्त मिला और प्रयोग से पहले इसकी मरम्मत जरूरी है।
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गौरतलब है कि सांवड़ स्थित पीएचसी परिसर में रखा पोर्टेबल अस्पताल धूप, गर्मी, बारिश झेल रहा है। कोरोना महामारी के दौरान जिला प्रशासन के आग्रह पर अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ने यह पोर्टेबल अस्पताल मुहैया कराया था। डेढ़ करोड़ कीमत के पोर्टेबल अस्पताल के अलग-अलग कंपार्टमेंट हैं और इन्हें मिलाकर ही अस्पताल तैयार होता है। इसका ढांचा लोहे का है। अगर इस पोर्टेबल अस्पताल का सदुपयोग किया जाए तो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा और मरीजों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।
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वही, लंबे समय से यह पीएचसी में रखा होने पर अमर उजाला ने छह जनवरी के संस्करण में लापरवाही : पोर्टेबल अस्पताल को बनाया डेढ़ करोड़ क सफेद हाथी...नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान गया और कार्यवाहक सीएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक ने भी पीएचसी पहुंचकर अस्पताल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि भले ही अस्पताल अब तक प्रयोग न हुआ हो, लेकिन इसका फर्श मरम्मत मांग चुका है। मरम्मत कार्य उसी एजेंसी से कराया जाएगा, जिससे अस्पताल खरीदा गया था। इसलिए पत्राचार कर दिया है।
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उपायुक्त और डीजी हेल्थ के संज्ञान में लाया जाएगा मामला
डॉ. राजविंद्र मलिक ने बताया कि अस्पताल का दादरी शिफ्ट करना जरूरी है, अन्यथा वहां रखा-रखा यह कबाड़ बन जाएगा। कंपनी के निरीक्षण के तुरंत बाद मामला दादरी उपायुक्त मुनीश शर्मा और डीजी हेल्थ के संज्ञान में लाया जाएगा। इसके बाद अस्पताल की शिफ्टिंग प्रक्रिया परवान चढ़ाई जाएगी।


स्टाफ की भी होगी तैनाती
वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग को ये पोर्टेबल अस्पताल मिला था। इसके बाद इसे सांवड़ पीएचसी में रखवाया गया था। जिस समय पोर्टेबल अस्पताल दिया गया, उस दौरान विभाग ने प्रशासन से इसके लिए चिकित्सक और अन्य स्टाफ भी मांगा था। तब से लेकर अब तक पोर्टेबल अस्पताल के लिए स्टाफ नहीं मिल पाया है। कार्यवाहक सीएमओ का कहना है कि अस्पताल शिफ्टिंग के साथ स्टाफ की तैनाती भी की जाएगी।


इन सुविधाओं से लैस है पोर्टेबल अस्पताल

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले का पहला पोर्टेबल अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें एक आईसीयू और तीन सामान्य वार्ड बनाए गए हैं। आईसीयू वार्ड में 8 बेड और 5 वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाएं हैं। सामान्य वार्डों में 14-14 बेड हैं। आईसीयू सहित सभी वार्डों में चिकित्सकों के लिए चैंबर भी बनाए गए हैं।


------------पोर्टेबल अस्पताल का निरीक्षण किया है और इसका फर्श मरम्मत मांगे हुए है। एजेंसी से निरीक्षण के लिए पत्राचार किया गया है और जल्द ही टीम यहां पहुंचेगी। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाकर सांवड़ पीएचसी से पोर्टेबल अस्पताल का दादरी शिफ्ट किया जाएगा।
- डॉ. राजविंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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