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Charkhi Dadri News: सुधार से अछूता रहा शिक्षा का क्षेत्र, शिक्षक पूरे हो पाए न पढ़ाई

Sun, 29 Dec 2024 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 29 Dec 2024 01:08 AM IST
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The field of education remained untouched by reform
चरखी दादरी। जिले में शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2024 में अधिक सुधार नहीं हो पाया है। केवल नाममात्र विकास ही शिक्षा के क्षेत्र में हुआ। इस समय शहर के चार प्राथमिक पाठशालाओं को स्वयं के भवन की दरकार है। इनमें से तीन धर्मशाला व अन्य भवनों में चल रहे हैं।
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500 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसी तरह, शहर के सबसे बड़े व मुख्य विद्यालय का नया भवन भी नहीं बन पाया है। इसके अलावा जिले के चार राजकीय महाविद्यालयों में भी स्टाफ की कमी है। शहर का राजकीय महाविद्यालय भी किसान मॉडल स्कूल में चल रहा है। सभी कॉलेजों में स्टाफ की स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। अनुबंध के शिक्षकों से यहां काम चलाया जा रहा है। नववर्ष पर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होने की उम्मीद है।
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किन सौगातों का इंतजार अभी भी बरकरार
1- इन प्राथमिक स्कूलों को नहीं मिला भवन

शहर के बधवाना गेट का प्राथमिक स्कूल 68 साल से धर्मशाला में चल रहा है। वहीं, कबीर नगर स्थित प्राथमिक स्कूल 59 और रविदास बस्ती का प्राथमिक स्कूल 46 साल से धर्मशाला में चल रहा है। वहीं, काठमंडी प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण दो साल पहले तोड़ा गया था और इसका निर्माण कार्य भी सिरे नहीं चढ़ पाया।
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2- मॉडल संस्कृति स्कूल का नहीं हुआ जीर्णोद्धार

शहर स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल का जीर्णोद्धार होने के लिए दो साल से ही कागज प्रक्रिया चल रही है। तत्कालीन डिप्टी सीएम भी इसका निरीक्षण कर पूरा भवन नया बनवाने का आदेश देकर गए थे। लेकिन अभी तक इसकी फाइलें ही न जाने कहां गुम हैं। किसी भी अधिकारी को भवन निर्माण प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं है। इसके लिए दो बार एस्टीमेट भेजा गया है। पहला पांच करोड़ का मंजूर हुआ था और दूसरा 12 करोड़ का भेजा गया। इसके लिए अभी तक कोई जानकारी विभाग के पास नहीं आई।



3- चार महाविद्यालयों में नहीं स्टाफ

गांव कादमा, मांढी हरिया, बाढड़ा व शहर के राजकीय पीजी कॉलेज में प्रर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसमें लंबे समय से प्रोफेसरों की कमी बनी है। प्रोफेसर भी अनुबंध के आधार पर कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। इसके चलते करीब 1,800 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों के अभिभावक और गांव के मौजिज लोग कई बार स्टाफ तैनाती की मांग उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक यह परवान नहीं चढ़ पाई है।





- वर्ष 2024 में मिलीं ये सुविधाएं...

1- पुस्तकालयों के लिए मिला बजट: जिला के 19 स्कूलों में पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए 2.53 करोड़ का बजट जारी हुआ था। इन स्कूलों में राजकीय स्कूल बड़राई, रासीवास, घसोला, समसपुर, डूडीवाला नंदकरण, दूधवा, लाड व डोहका मौजी शामिल हैं।




2- सीएम घोषणा के बजट से हुआ मरम्मत: सीएम घोषणा के तहत जिले के 17 स्कूलों को एक साल बाद बजट मिला। इसमें किसी स्कूल में कमरा, चाहरदीवारी, पेयजल टैंक निर्माण और किसी में भवन मरम्मत कराई गई। इससे विद्यार्थियों को राहत मिली है।




प्राथमिक पाठशालाओं के भवन निर्माण के लिए जगह का पेच फंसा है। अगर जगह मिलती है तो विभाग नए भवन बनवाने का प्रस्ताव तैयार कर तत्काल मुख्यालय भेज देंगा।

कृष्णा फोगाट, डीईईओ, शिक्षा विभाग, चरखी दादरी।
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