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Charkhi Dadri News: दिल्ली रोड के एसटीपी की क्षमता बढ़ेगी
Tue, 30 Dec 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:46 AM IST
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दादरी के दिल्ली रोड स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट।
चरखी दादरी। दादरी के दिल्ली रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की पानी साफ करने की क्षमता आगामी मार्च तक पांच से बढ़कर 7.5 एमएलडी प्रतिदिन हो जाएगी। ऐसे में प्लांट में अतिरिक्त पानी ज्यादा मात्रा में भंडारित नहीं हो सकेगा।
यहां ज्यादा क्षमता की मोटरें और अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। अब साथ-साथ पानी का उठान होता रहेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 15 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। एसटीपी से पानी को साफ कर ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। जनस्वास्थ्य ने पहले शहर में सीवर व्यवस्था को सुधारा है ताकि ज्यादा मात्रा में पानी का उठान कर एसटीपी तक पहुंचाया जा सके।
इसके तहत विभाग ने नगर में तीन नए पंपिंग स्टेशन बनाए हैं, जिनके जरिए पानी का उठान ज्यादा मात्रा में हो जाता है। बारिश के पानी का साथ-साथ उठान होता रहा। इसलिए पिछली बरसात में भी पहली बार नगर में जलभराव की समस्या कम हुई थी। पहले शहर में सीवर व्यवस्था पिछले काफी समय में लचर बनी थी।
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अब व्यवस्था में काफी सुधार आया है। शहर के पुराना झज्जर रोड क्षेत्र में 30 साल पुरानी सीवर लाइनों का लेमिनेशन भी किया गया है। इसी प्रकार तिकोना पार्क से गांधीनगर कॉलोनी तक 20 इंच मोटी मुख्य सीवर लाइन भी बिछाई जा रही है। अब विभाग ने एसटीपी पर ध्यान दिया है।
प्लांट में भी पानी ज्यादा मात्रा में साफ करने के लिए ज्यादा क्षमता की मोटरें और अन्य संयंत्र लगाए जा रहे हैं। यह कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एसटीपी से पानी का उठान कर 25 किलोमीटर दूर ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है।
ड्रेन जाने वाली 22 इंच मोटी लाइन से बीच में किसान भी सीवर के पानी से फसलों की सिंचाई कर लेते हैं। एसटीपी में रोजाना 18 से 20 घंटे मोटरों से पानी का उठान होता है। ऐसे में शहर से नियमित रूप से पानी का उठान होता रहता है। सीवर लाइनें बैक कम मारती हैं। जो सीवर लाइन रुक जाती है, उसे मशीन के जरिए साफ किया जा रहा है।
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यहां ज्यादा क्षमता की मोटरें और अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। अब साथ-साथ पानी का उठान होता रहेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 15 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। एसटीपी से पानी को साफ कर ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। जनस्वास्थ्य ने पहले शहर में सीवर व्यवस्था को सुधारा है ताकि ज्यादा मात्रा में पानी का उठान कर एसटीपी तक पहुंचाया जा सके।
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इसके तहत विभाग ने नगर में तीन नए पंपिंग स्टेशन बनाए हैं, जिनके जरिए पानी का उठान ज्यादा मात्रा में हो जाता है। बारिश के पानी का साथ-साथ उठान होता रहा। इसलिए पिछली बरसात में भी पहली बार नगर में जलभराव की समस्या कम हुई थी। पहले शहर में सीवर व्यवस्था पिछले काफी समय में लचर बनी थी।
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अब व्यवस्था में काफी सुधार आया है। शहर के पुराना झज्जर रोड क्षेत्र में 30 साल पुरानी सीवर लाइनों का लेमिनेशन भी किया गया है। इसी प्रकार तिकोना पार्क से गांधीनगर कॉलोनी तक 20 इंच मोटी मुख्य सीवर लाइन भी बिछाई जा रही है। अब विभाग ने एसटीपी पर ध्यान दिया है।
प्लांट में भी पानी ज्यादा मात्रा में साफ करने के लिए ज्यादा क्षमता की मोटरें और अन्य संयंत्र लगाए जा रहे हैं। यह कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एसटीपी से पानी का उठान कर 25 किलोमीटर दूर ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है।
ड्रेन जाने वाली 22 इंच मोटी लाइन से बीच में किसान भी सीवर के पानी से फसलों की सिंचाई कर लेते हैं। एसटीपी में रोजाना 18 से 20 घंटे मोटरों से पानी का उठान होता है। ऐसे में शहर से नियमित रूप से पानी का उठान होता रहता है। सीवर लाइनें बैक कम मारती हैं। जो सीवर लाइन रुक जाती है, उसे मशीन के जरिए साफ किया जा रहा है।