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Charkhi Dadri News: शहर के बीचोंबीच स्थित बस स्टैंड और वर्कशॉप बन रहे फोरलेन पर जाम का बड़ा कारण, वाहन चालक हो रहे परेशान
Sat, 28 Mar 2026 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:45 AM IST
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शहर के बस स्टैंड के सामने दूर तक जाम में फंसे वाहन चालक।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के मुख्य फोरलेन रोड पर बने बस स्टैंड और रोडवेज वर्कशॉप वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से बस स्टैंड और रोडवेज वर्कशॉप को शहर के बाहरी क्षेत्र में शिफ्ट करने की मांग उठा चुके हैं लेकिन योजना केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। बस स्टैंड, वर्कशॉप के गेटों व सड़क की चौड़ाई कम होने से बसों के परिसर में प्रवेश व बाहर निकलने के दौरान काफी समय लगता है और कुछ ही देर में सड़क पर जाम के हालात बन जाते हैं। मुख्य सड़क पर बसों की आवाजाही के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं जिससे दूसरे वाहनों में सवार लोगों का समय भी बर्बाद होता है।
स्थानीय निवासी और वाहन चालकों ने मुख्य बाजार में लगने वाले जाम का स्थायी समाधान करने के लिए बस स्टैंड को शहर से बाहर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर चुके है लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी गंभीर समस्या को अनसुना करने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
पांच दशक पहले 24 कनाल 20 मरला में बस स्टैंड और वर्कशॉप का निर्माण करवाया गया था। पांच दशक के दौरान बाजारों का विस्तार होने व आबादी बढ़ने के कारण यह बस स्टैंड और वर्कशॉप अब शहर के बीचोंबीच आने लगे हैं। वहीं वर्तमान में बढ़ते वाहनों के दबाव के आगे बस स्टैंड का दायरा काफी छोटा पड़ने लगा है।
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दादरी डिपो के बेड़े में हैं 123 बसें
मौजूदा समय में दादरी डिपो के बेड़े में 123 बसें शामिल हैं। ये बसें प्रतिदिन 30 हजार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। रोडवेज बसों के अलावा काफी संख्या में निजी परिवहन समिति की बसें भी बस स्टैंड पर आती हैं। प्रत्येक 10 मिनट में बसों की आवाजाही के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि कई बार तो स्थिति यह हो जाती है कि एंबुलेंस और स्कूल बसों को निकलने में भी काफी समय लग जाता है।
लंबे समय से कागजों में चल रही शिफ्टिंग की योजना
बस स्टैंड व वर्कशॉप को शहर के बाहरी क्षेत्र में शिफ्ट करने की योजना लंबे समय से कागजों में चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं उतर सकी है। रोडवेज डिपो के अधिकारियों द्वारा मुख्यालय को कई बार इस समस्या की गंभीरता से अवगत कराया जा चुका है और उपयुक्त भूमि के सुझाव भी भेजे गए हैं। पूर्व में मुख्यालय से आई टीम ने बस स्टैंड के लिए कलियाणा रोड और समसपुर के समीप जमीन का निरीक्षण भी किया था लेकिन लेकिन तकनीकी खामियों के कारण यह सिरे नहीं चढ़ सकी।
वर्सन :
हमने बस स्टैंड शिफ्टिंग के लिए मुख्यालय में पत्र भेजा हुआ है लेकिन शहर के आसपास यात्रियों की सुविधा के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है। पहले भी दो बार मुख्यालय से आई टीम चिह्नित जगहों का मुआयना कर चुकी हैं लेकिन जगह यात्रियों के अनुकूल नहीं होने के कारण रद्द करना पड़ा था।-- नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, दादरी रोडवेज डिपो।
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स्थानीय निवासी और वाहन चालकों ने मुख्य बाजार में लगने वाले जाम का स्थायी समाधान करने के लिए बस स्टैंड को शहर से बाहर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर चुके है लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी गंभीर समस्या को अनसुना करने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
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पांच दशक पहले 24 कनाल 20 मरला में बस स्टैंड और वर्कशॉप का निर्माण करवाया गया था। पांच दशक के दौरान बाजारों का विस्तार होने व आबादी बढ़ने के कारण यह बस स्टैंड और वर्कशॉप अब शहर के बीचोंबीच आने लगे हैं। वहीं वर्तमान में बढ़ते वाहनों के दबाव के आगे बस स्टैंड का दायरा काफी छोटा पड़ने लगा है।
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दादरी डिपो के बेड़े में हैं 123 बसें
मौजूदा समय में दादरी डिपो के बेड़े में 123 बसें शामिल हैं। ये बसें प्रतिदिन 30 हजार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। रोडवेज बसों के अलावा काफी संख्या में निजी परिवहन समिति की बसें भी बस स्टैंड पर आती हैं। प्रत्येक 10 मिनट में बसों की आवाजाही के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि कई बार तो स्थिति यह हो जाती है कि एंबुलेंस और स्कूल बसों को निकलने में भी काफी समय लग जाता है।
लंबे समय से कागजों में चल रही शिफ्टिंग की योजना
बस स्टैंड व वर्कशॉप को शहर के बाहरी क्षेत्र में शिफ्ट करने की योजना लंबे समय से कागजों में चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं उतर सकी है। रोडवेज डिपो के अधिकारियों द्वारा मुख्यालय को कई बार इस समस्या की गंभीरता से अवगत कराया जा चुका है और उपयुक्त भूमि के सुझाव भी भेजे गए हैं। पूर्व में मुख्यालय से आई टीम ने बस स्टैंड के लिए कलियाणा रोड और समसपुर के समीप जमीन का निरीक्षण भी किया था लेकिन लेकिन तकनीकी खामियों के कारण यह सिरे नहीं चढ़ सकी।
वर्सन :
हमने बस स्टैंड शिफ्टिंग के लिए मुख्यालय में पत्र भेजा हुआ है लेकिन शहर के आसपास यात्रियों की सुविधा के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है। पहले भी दो बार मुख्यालय से आई टीम चिह्नित जगहों का मुआयना कर चुकी हैं लेकिन जगह यात्रियों के अनुकूल नहीं होने के कारण रद्द करना पड़ा था।