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31 करोड़ से बने पांच स्वास्थ्य केंद्रों के भवन सिर्फ ‘शोपीस’

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:20 PM IST
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The buildings of five health centers made of 31 crores are only 'showpieces'
चरखी दादरी। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विभाग और सरकार ने 31 करोड़ रुपये खर्च कर जिले में पांच स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन तो बनवा दिए हैं, लेकिन यहां स्टाफ और संसाधन अब तक मुहैया नहीं करवाए हैं। ऐसे में ये बने सिर्फ शोपीस बने हुए हैं। इन नए भवन निर्माण को डेढ़ माह से लेकर छह माह बीतने चुके हैं, लेकिन क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं जस की तस हैं। इससे मरीजों की नए भवनों में बेहतर उपचार मिलने की उम्मीदें धूमिल हो रही हैं। हैरानी की बात तो यह है कि भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन्हें टेकअप (अपने अधीन) नहीं ले रहा है, जबकि पीडब्ल्यूडी अधिकारी इस संदर्भ में पत्र तक लिख चुके हैं। भवन निर्माण के बाद भी इनकी देखरेख पीडब्ल्यूडी और एजेंसी को करनी पड़ रही है।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) के नए ब्लॉक के अलावा, गोपी व झोझूकलां सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और इमलोटा व सांवड़ पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) का निर्माण करवाया है। यहां पुराने भवन जर्जर होने से चिकित्सीय सेवाएं मरीजों को मुहैया करवाने में दिक्कतें आ रही थीं, जबकि स्टाफ को भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा था। स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार करने के लिए यहां जगह का अभाव भी बना हुआ था और इन तमाम समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व सरकार ने इन भवनों के निर्माण की योजना तैयार करवाई थी। अब भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है और पीडब्ल्यूडी अधिकारी इन्हें हेंड ओवर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी लिख चुके हैं। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कदम नहीं उठाए गए। पीडब्ल्यूडी अधिकारी यह मामला डीसी प्रदीप गोदारा के संज्ञान में भी ला चुके हैं। दूसरी ओर नए भवन निर्माण के बाद भी इन स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं जस की तस हैं। विभाग की योजना अनुसार गोपी और झोझूकलां सीएचसी के नए भवन में एक्स-रे समेत अन्य कई मूलभूत सुविधाएं मिलनी हैं। अब तक विभाग की ओर से यहां दी जाने वालीं सुविधाओं के लिए संसाधनों की सूची मुख्यालय नहीं भेजी गई है। डिमांड भेजने के बाद ही यहां स्टाफ और संसाधन मुहैया होंगे, लेकिन इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही बेहद ढीली चल रही है।
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इस भवन के निर्माण पर आई इतनी लागत
मातृ-शिशु अस्पताल के नए ब्लॉक निर्माण पर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। साढ़े आठ करोड़ रुपये का कार्य पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग ब्रांच ने और करीब ढाई करोड़ का कार्य इलेक्ट्रिकल शाखा की ओर से करवाया गया है। झोझूकलां सीएचसी के निर्माण पर साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च हुआ है। गोपी सीएचसी के निर्माण पर छह करोड़ 71 लाख, सांवड़ पीएचसी के निर्माण पर दो करोड़ 37 लाख और इमलोटा पीएचसी के निर्माण पर तीन करोड़ 60 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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इस समय रेफर केंद्र हैं पीएचसी, सीएचसी और सिविल अस्पताल
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की सख्त जरूरत है। इस समय पीएचसी और सीएचसी से लेकर सिविल अस्पताल तक रेफर केंद्र बने हुए हैं। जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। सर्जरी या बड़े ऑपरेशन के लिए मरीज को रेफर किया जा रहा है। जिले में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी आदि विशेषज्ञों की कमी खल रही है।
पांचों स्वास्थ्य केंद्रों के भवन तैयार कर चुके
पांचों स्वास्थ्य केंद्रों के भवन हम तैयार कर चुके हैं। इन भवनों को अभी स्वास्थ्य विभाग ने टेकअप नहीं किया है। इसके लिए हम विभाग को पत्र भी लिख चुके हैं।

सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
15 दिनों में भवनों को टेकअप कर लेंगे
अगले 15 दिन में हम इन भवनों को टेकअप कर लेंगे। संसाधनों और स्टाफ की तैनाती के लिए मांग जल्द ही उच्चाधिकारियों के पास भेजी जाएगी। इस संबंध में हमें पत्र मिल चुका है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
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