फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   The agency could not find the NP , the lifting of separate waste from the MRF center stalled for a year

नप नहीं तलाश पाई एजेंसी, एमआरएफ सेंटर से पृथक कचरे का उठान एक साल से ठप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 11:29 PM IST
विज्ञापन
The agency could not find the NP , the lifting of separate waste from the MRF center stalled for a year
उठान न होने के चलते प्लास्टिक से भरा एमआरएफ का पिट। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर से निकलने वाले कचरे में से फिर इस्तेमाल होने वाला कचरा को पृथक करने के लिए बनाया एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर) पिछले एक साल से वर्किंग में है। हैरानी की बात यह है कि एक साल से रियूजेबल (फिर से इस्तेमाल में आने वाले कचरे) का यहां से उठान नहीं हुआ है। संवाददाता ने पड़ताल की तो सामने आया कि कचरा उठान करने के लिए नगर परिषद को अब तक कोई एजेंसी नहीं मिली है। जिले में एक एजेंसी से टाइअप करने का प्रयास किया गया, लेकिन सिरे नहीं चढ़ा। यहां से दोबारा प्रयोग होने वाले कचरे का नियमित उठान जरूरी है वरना कचरा पृथक करने की प्रक्रिया भी इससे प्रभावित होगी। अधिकारियों की मानें तो जिला स्तर पर प्रयास विफल रहने पर अब दिल्ली की दो एजेंसी से बातचीत चल रही है।
विज्ञापन

शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए नगर परिषद ने डेढ़ साल पहले रावलधी-भिवानी लिंक रोड के समीप एमआरएफ बनाया था। एमआरएफ सेंटर बनाने का उद्देश्य था कि शहर से निकलने वाले कचरे में से आधा यहीं निस्तारित किया जा सके और बचा हुआ कचरा ही रानिया वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर डाला जा सके। संवाददाता ने शनिवार को एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण किया तो यहां पृथक कचरे के ढेर लगे मिले। पड़ताल में सामने आया कि यहां पड़े दोबारा इस्तेमाल होने वाले कचरे जैसे लोहा, प्लास्टिक, कांच आदि का उठान नहीं हो पा रहा है। एक साल से कचरा पृथक किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार एमआरएफ सेंटर के निर्माण के दौरान ही एजेंसी से टाइअप करने की रूपरेखा तैयार की गई थी, लेकिन अधिकारियों के तबादले के साथ ही यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई। नए अधिकारियों ने तैयार एमआरएफ सेंटर को तो चालू करवा दिया, लेकिन एजेंसी को ढूंढने की कवायद अब तक सिरे नहीं चढ़ी है। गत दिनों ही सांजरवास की एक रैंक पिकर एजेंसी से संपर्क किया गया, लेकिन एजेंसी ने इस काम के लिए असमर्थता जताई। अब नप अधिकारियों की दिल्ली की दो एजेंसी से बातचीत चल रही है।
विज्ञापन

एमआरएफ सेंटर पर आठ पिट, सभी कचरे से लबालब
संवाददाता ने शनिवार दोपहर एमआरएफ सेंटर पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो टिन शेड के नीचे कचरे की भरमार मिली। इसके अलावा कांच, रबड़, प्लास्टिक, लोहे, गत्ते के कचरे को पृथक करने के लिए बनाए गए आठ पिट कचरे से लबालब मिले। सूत्रों के अनुसार एजेंसी हायर न होने के चलते यहां से कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिदिन निकलता है 65 वाहन कचरा
शहर की अगर बात करें प्रतिदिन शहर से 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 50 ऑटो टिपर कचरा निकलता है। कचरे को एमआरएफ सेंटर के अलावा डंपिंग यार्ड पर डाला जा रहा है। शहर में नप के करीब 70 वाहन कचरे का उठान करते हैं। वार्डों में घर घर जाकर भी कचरे का उठान किया जा रहा है। इसके अलावा दस से अधिक अस्थायी डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं, जिन पर लोग कचरा डालते हैं। वहां से ट्रैक्टर ट्रॉली के जरिये कचरे का उठान होता है।
टेंडर को डेढ़ साल बीता, डंपिंग यार्ड के कचरा निस्तारण का प्रोजेक्ट नहीं हुआ शुरू
रानिया वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर नगर परिषद पिछले करीब पांच साल कचरा डाल रही है। यहां कचरे की मात्रा काफी ज्यादा है, जिसके चलते जगह का अभाव बना हुआ है। इस कचरे के निस्तारण पर दो करोड़ नौ लाख रुपये का खर्च आना है। डेढ़ साल पहले नगर परिषद एजेंसी को टेंडर भी अलॉट कर चुकी है। अब तक डंपिंग यार्ड पर कचरे के निस्तारण का काम शुरू नहीं हुआ है। सरकार के निर्देशानुसार काम शुरू करवाने के थर्ड पार्टी का इंतजार है तो इस काम की निरीक्षण करेंगी।

एमआरएफ सेंटर से कचरा उठान के लिए हम एजेंसी से करार करने का प्रयास कर रहे हैं। यह प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसे हम सिरे चढ़ा देंगे। इसके बाद एमआरएफ सेंटर से पृथक किए गए कचरे के उठान की समस्या नहीं रहेगी।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद

 नगर परिषद का एमआरएफ सेंटर।

नगर परिषद का एमआरएफ सेंटर।- फोटो : CharkhiDadri

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed