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Charkhi Dadri News: पीपीपी की खामियां ठीक करने तीसरे दिन भी बूथों पर नहीं पहुंची टीमें, सीएससी से संपर्क करने का पोस्टर लगाया
Mon, 01 May 2023 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 01 May 2023 12:28 AM IST
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चंपापुरी बूथ पर नारेबाजी कर विरोध जताते पार्षद जयसिंह के साथ वार्डवासी।
चरखी दादरी। प्रदेश सरकार के आदेश अनुसार परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए प्रदेश में 28, 29 और 30 अप्रैल को कैंप लगाए गए। परंतु दादरी शहर में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। वार्डों के कई बूथ ऐसे हैं जहां तीनों दिन टीम ही नहीं पहुंची और लोग इस सेवा का लाभ नहीं उठा पाए हैं। हालांकि बूथों की दीवार पर कॉमन सर्विस सेंटर संचालक से संपर्क करने की सूचना जरूर चस्पा की गई।
वहीं, रविवार को तीसरे दिन भी टीम के नदारद रहने पर वार्ड-एक के लोगों का सब्र टूट गया। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। खास बात ये है कि बूथों पर टीम पहुंचने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी नहीं है। ऐसे में तीन दिवसीय विशेष शिविर का दादरी शहर के लोगों को ज्यादा लाभ नहीं मिला। चार वार्डों के पार्षदों ने बताया कि बूथों पर टीमें न पहुंचने के कारण शहर में दस हजार से अधिक लोग परिवार पहचान पत्र की खामियां दूर करवाने से वंचित रह गए। तीनों दिन बूथों पर टीमें नहीं पहुंची और लोगों को काफी देर तक इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौटना पड़ा। बूथों पर कर्मचारियों के न पहुंचने के विरोध में लोगों ने गुरुकुल महाविद्यालय बूथ पर पार्षद जयसिंह लांबा की मौजूदगी में नारेबाजी कर रोष जताया। पार्षद ने बताया कि तीसरे दिन भी बूथ पर टीम नहीं पहुंची।
- जानिये....तीन दिवसीय शिविर की कहानी, पार्षदों की जुबानी
- वार्ड एक में लगभग 700 से अधिक पीपीपी बने हैं। इनमें से लगभग 300 परिवार जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के पात्र हैं, उनकी आईडी में आय अधिक होने के कारण उनको परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परेशान लोग पिछले तीन दिनों से पीपीपी डाटा की चूक ठीक कराने के लिए बूथ के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन एक दिन भी टीम नहीं पहुंची।
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-जयसिंह लांबा, पार्षद, वार्ड एक
- वार्ड 20 में लगभग ढाई हजार मतदाताओं के साथ 800 पीपीपी आईडी बनी हुई हैं। इनमें लगभग 400 आईडी में खामियां हैं। पीपीपी में बनी खामियों को दुरुस्त करवाने के लिए वार्ड की छोटूराम धर्मशाला बूथ पर पिछले तीन दिन से लोग चक्कर काट रहे हैं, लेकिन टीम नहीं पहुंची है। लोगों को इससे काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। टीम पहुंचती तो त्रुटियां हो जाती।
-रचना देवी, पार्षद वार्ड-20
- वार्ड-18 का बूथ पुराना कृषि विभाग कार्यालय है। सरकार की घोषणा अनुसार पिछले तीन दिनों से बूथ पर कोई भी कर्मचारी लोगों के पीपीपी की खामियां ठीक करने के लिए आवेदन लेने नहीं पहुंचा। वार्ड में लगभग 800 पीपीपी बने हुए हैं और 400 परिवारों की आईडी में आय अधिक दर्शाई गई है। इसके चलते पात्र लोग योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं।
-अन्नु रानी, पार्षद, वार्ड-18
- वार्ड-14 में 800 पीपीपी बने हुए हैं और 400 के डाटा में गड़बड़ी है। सरकार के निर्देशानुसार बूथ पर तीनों दिनों टीम नहीं पहुंची। लोग बूथ पर खामियां ठीक कराने तो पहुंचे लेकिन कर्मचारी न मिलने पर वापस लौट गए। कई ऐसे परिवार हैं जिनके जरूरी काम अटके हुए हैं। बूथ पर अगर टीमें पहुंचती तो इन परिवारों की समस्या का समाधान हो जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सत्यवीर चौहान, पार्षद, वार्ड-14
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वहीं, रविवार को तीसरे दिन भी टीम के नदारद रहने पर वार्ड-एक के लोगों का सब्र टूट गया। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। खास बात ये है कि बूथों पर टीम पहुंचने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी नहीं है। ऐसे में तीन दिवसीय विशेष शिविर का दादरी शहर के लोगों को ज्यादा लाभ नहीं मिला। चार वार्डों के पार्षदों ने बताया कि बूथों पर टीमें न पहुंचने के कारण शहर में दस हजार से अधिक लोग परिवार पहचान पत्र की खामियां दूर करवाने से वंचित रह गए। तीनों दिन बूथों पर टीमें नहीं पहुंची और लोगों को काफी देर तक इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौटना पड़ा। बूथों पर कर्मचारियों के न पहुंचने के विरोध में लोगों ने गुरुकुल महाविद्यालय बूथ पर पार्षद जयसिंह लांबा की मौजूदगी में नारेबाजी कर रोष जताया। पार्षद ने बताया कि तीसरे दिन भी बूथ पर टीम नहीं पहुंची।
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- जानिये....तीन दिवसीय शिविर की कहानी, पार्षदों की जुबानी
- वार्ड एक में लगभग 700 से अधिक पीपीपी बने हैं। इनमें से लगभग 300 परिवार जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के पात्र हैं, उनकी आईडी में आय अधिक होने के कारण उनको परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परेशान लोग पिछले तीन दिनों से पीपीपी डाटा की चूक ठीक कराने के लिए बूथ के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन एक दिन भी टीम नहीं पहुंची।
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-जयसिंह लांबा, पार्षद, वार्ड एक
- वार्ड 20 में लगभग ढाई हजार मतदाताओं के साथ 800 पीपीपी आईडी बनी हुई हैं। इनमें लगभग 400 आईडी में खामियां हैं। पीपीपी में बनी खामियों को दुरुस्त करवाने के लिए वार्ड की छोटूराम धर्मशाला बूथ पर पिछले तीन दिन से लोग चक्कर काट रहे हैं, लेकिन टीम नहीं पहुंची है। लोगों को इससे काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। टीम पहुंचती तो त्रुटियां हो जाती।
-रचना देवी, पार्षद वार्ड-20
- वार्ड-18 का बूथ पुराना कृषि विभाग कार्यालय है। सरकार की घोषणा अनुसार पिछले तीन दिनों से बूथ पर कोई भी कर्मचारी लोगों के पीपीपी की खामियां ठीक करने के लिए आवेदन लेने नहीं पहुंचा। वार्ड में लगभग 800 पीपीपी बने हुए हैं और 400 परिवारों की आईडी में आय अधिक दर्शाई गई है। इसके चलते पात्र लोग योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं।
-अन्नु रानी, पार्षद, वार्ड-18
- वार्ड-14 में 800 पीपीपी बने हुए हैं और 400 के डाटा में गड़बड़ी है। सरकार के निर्देशानुसार बूथ पर तीनों दिनों टीम नहीं पहुंची। लोग बूथ पर खामियां ठीक कराने तो पहुंचे लेकिन कर्मचारी न मिलने पर वापस लौट गए। कई ऐसे परिवार हैं जिनके जरूरी काम अटके हुए हैं। बूथ पर अगर टीमें पहुंचती तो इन परिवारों की समस्या का समाधान हो जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सत्यवीर चौहान, पार्षद, वार्ड-14