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ट्रांसफर ड्राइव के विरोध में शिक्षकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
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चरखी दादरी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया की स्थानीय इकाई ने दादरी विधायक सोमबीर सांगवान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिये शिक्षकों की लंबित मांगें पूरी करने की मांग की गई।
ज्ञापन के जरिये शिक्षकों ने बताया कि पिछले एक माह से ट्रांसफर ड्राइव के नाम पर शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक किया गया है। अच्छी खासी तादाद वाले स्कूलों में अध्यापकों के पदों को कैप्ट या सरप्लस कर दिया गया है। अब जिले के कई हाई स्कूल ऐसे हैं जिनमें 50 प्रतिशत से भी कम पोस्ट बची हुई हैं। इसके अलावा कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो मात्र एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में ट्रांसफर ड्राइव से पहले 14500 स्कूल थे, जिनमें से 4801 स्कूलों को मर्ज या फिर बंद कर दिया गया है। सरकार के मुखिया एवं शिक्षा मंत्री के कथन के अनुसार इन स्कूलों को बंद करने की बजाय मर्ज का नाम दिया जा रहा है।
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जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि विलय के नाम पर स्कूलों की मर्जीकरण सही नहीं है, बल्कि वहां पर्याप्त संख्या में अध्यापकों व सहायक स्टाफ के साथ ढांचागत सुविधाएं देने की जरूरत है। जिला महासचिव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लेकर केवल शैक्षणिक कार्य ही करवाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ कॉमन स्कूल सिस्टम लागू करने के साथ शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए और चिराग योजना को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
इस अवसर पर जयवीर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा, जिले के संगठन सचिव सुंदरपाल फौगाट, मौलिक मुख्याध्यापक धर्मेंद्र सिंह, कार्यालय सचिव अनिल फौगाट, विनोद कुमार, खंड बौंदकलां प्रधान कर्ण सिंह, सचिव सुधीर जांगड़ा, अनुतोष, रमेशचंद्र ,सर्व कर्मचारी संघ के जिला महासचिव विजय लांबा, हेमसा जिला प्रधान वीरेंद्र सांगवान आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन के जरिये शिक्षकों ने बताया कि पिछले एक माह से ट्रांसफर ड्राइव के नाम पर शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक किया गया है। अच्छी खासी तादाद वाले स्कूलों में अध्यापकों के पदों को कैप्ट या सरप्लस कर दिया गया है। अब जिले के कई हाई स्कूल ऐसे हैं जिनमें 50 प्रतिशत से भी कम पोस्ट बची हुई हैं। इसके अलावा कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो मात्र एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में ट्रांसफर ड्राइव से पहले 14500 स्कूल थे, जिनमें से 4801 स्कूलों को मर्ज या फिर बंद कर दिया गया है। सरकार के मुखिया एवं शिक्षा मंत्री के कथन के अनुसार इन स्कूलों को बंद करने की बजाय मर्ज का नाम दिया जा रहा है।
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जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि विलय के नाम पर स्कूलों की मर्जीकरण सही नहीं है, बल्कि वहां पर्याप्त संख्या में अध्यापकों व सहायक स्टाफ के साथ ढांचागत सुविधाएं देने की जरूरत है। जिला महासचिव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लेकर केवल शैक्षणिक कार्य ही करवाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ कॉमन स्कूल सिस्टम लागू करने के साथ शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए और चिराग योजना को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
इस अवसर पर जयवीर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा, जिले के संगठन सचिव सुंदरपाल फौगाट, मौलिक मुख्याध्यापक धर्मेंद्र सिंह, कार्यालय सचिव अनिल फौगाट, विनोद कुमार, खंड बौंदकलां प्रधान कर्ण सिंह, सचिव सुधीर जांगड़ा, अनुतोष, रमेशचंद्र ,सर्व कर्मचारी संघ के जिला महासचिव विजय लांबा, हेमसा जिला प्रधान वीरेंद्र सांगवान आदि मौजूद रहे।