{"_id":"677d72e4d88f61abfc087178","slug":"take-inspiration-from-ahilyabai-holkar-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-129483-2025-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहिल्याबाई होलकर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक व्यवहार से लें प्रेरणा : इंदू राव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अहिल्याबाई होलकर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक व्यवहार से लें प्रेरणा : इंदू राव
Wed, 08 Jan 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 08 Jan 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारी।
चरखी दादरी। संस्कार पब्लिक स्कूल में विश्व हिंदू परिषद जिला इकाई की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रोशनी शर्मा ने की। बतौर मुख्य वक्ता गुरुग्राम से पधारी डॉ. इंदू राव व राधिका ने विचार रखे। डॉ. इंदू राव ने कहा कि हमें पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होलकर के जीवन से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक व्यवहार से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि मल्हार राव होलकर का सामान्य परिवार में उत्पन्न अहिल्याबाई होलकर के साहसपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक व्यवहार से प्रेरित होकर अपनी पुत्रवधू के रूप चयन कर शासन की बागडोर संभलवाने का निर्णय भी अपने आप में उदाहरण है। अपने पुत्र की अक्षमता को जानते हुए उन्हें कुशल एवं दक्ष राजनायक की तलाश थी जो अहिल्याबाई के रूप में पूरी हुई। साक्षात माहेश्वर की उपासक अहिल्याबाई होलकर ने अपने कुशल शासन में रिश्तों के बजाय राज्य को ऊपर रखा और अनेकानेक जनकल्याणकारी योजनाओं को क्रियांवित कर आम जनता को राहत के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान किया।
संगोष्ठी में उपस्थित अतिथियों को फटका पहनाकर सम्मान किया गया। डॉ. इंदु राव व राधिका को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भिवानी विभाग पालक पवन सर्राफ, विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष डाॅ. सुभाष जैन, लोकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश, अर्चक सत्यनारायण शर्मा, मातृ शक्ति जिला संयोजिका राजरानी व कार्तिक शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मल्हार राव होलकर का सामान्य परिवार में उत्पन्न अहिल्याबाई होलकर के साहसपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक व्यवहार से प्रेरित होकर अपनी पुत्रवधू के रूप चयन कर शासन की बागडोर संभलवाने का निर्णय भी अपने आप में उदाहरण है। अपने पुत्र की अक्षमता को जानते हुए उन्हें कुशल एवं दक्ष राजनायक की तलाश थी जो अहिल्याबाई के रूप में पूरी हुई। साक्षात माहेश्वर की उपासक अहिल्याबाई होलकर ने अपने कुशल शासन में रिश्तों के बजाय राज्य को ऊपर रखा और अनेकानेक जनकल्याणकारी योजनाओं को क्रियांवित कर आम जनता को राहत के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान किया।
विज्ञापन
संगोष्ठी में उपस्थित अतिथियों को फटका पहनाकर सम्मान किया गया। डॉ. इंदु राव व राधिका को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भिवानी विभाग पालक पवन सर्राफ, विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष डाॅ. सुभाष जैन, लोकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश, अर्चक सत्यनारायण शर्मा, मातृ शक्ति जिला संयोजिका राजरानी व कार्तिक शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन