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Charkhi Dadri News: 31 मार्च 2026 तक पूरा करना होगा स्वच्छता मिशन 2.0, निर्धारित समयावधि में पूरे करने होंगे काम
Wed, 19 Nov 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 19 Nov 2025 01:12 AM IST
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चरखी दादरी। स्वच्छता मिशन 2.0 को अब 31 मार्च 2026 तक पूरा करना होगा। इस मिशन के तहत जिन बिंदुओं पर इस समय काम चल रहा है उन सभी को इस समयावधि में पूरा करना होगा। एक अप्रैल से सरकार की ओर से स्वच्छता मिशन 3.0 शुरू करने की योजना है। मिशन 3.0 का नया प्रारूप भी हो सकता है। इसमें नए बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है।
मिशन 2.0 के तहत इस समय कचरा प्रबंधन, मल प्रबंधन, शौचालय कुई सफाई सहित कई बिंदुओं पर काम चल रहा है। कचरा प्रबंधन के तहत गांवों में अलग-अलग तरह कचरा के लिए टीन शेड बनाए गए हैं। इन शेड में गांव से कचरा एकत्रित कर डाला जाता है। बाद में कचरे का उठान कर इसको रिसाइकिल किया जाता है। काफी दिनों तक तो प्राइवेट एजेंसी से इसका अनुबंध रहा। एजेंसी ने कचरा खरीदा और इसको रिसाइकिल कर सड़क आदि निर्माण में इस्तेमाल किया गया। एजेंसी की ओर से कचरा पीडब्ल्यूडी को भी बेचा गया।
90 टैंकर होल्डर्स हैं पंजीकृत
मानव मल व गाद प्रबंधन योजना के तहत शौचालयों की कुई या अन्य सार्वजनिक जगह से मल का उठान करने के बाद टैंकर होल्डर को लाइसेंस दिए गए। जिले में मानदंड पूरे करने वाले करीब 90 टैंकर होल्डर्स को लाइसेंस दिए गए हैं। टैंकर का कार्य शौचालय की कुई आदि का साफ कर मल को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में डालना होता है।
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मल एवं गाद प्रबंधन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत मानव मल गाद प्रबंधन स्कीम अगस्त 2023 में शुरू की गई थी। मिशन के तहत प्रत्येक पंचायत में एक या दो स्वच्छताग्राही लगाए गए। शहर में भी कचरे का डोर-टू-डोर उठान हो रहा है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। हालांकि गांवों मेंं सफाई कर्मचारी भी तैनात हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का जमाव होने की वजह से स्वच्छता का कार्य ज्यादा प्रभावित होता रहा है।
टैंकर होल्डर्स पर जुर्माना का भी है प्रावधान
बिना रजिस्ट्रेशन के टैंकर होल्डर अगर शौचालय की कुई को खाली करता है तो उसे प्रथम बार पांच हजार रुपये जुर्माना चुकाना होता है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर इस जुर्माना राशि में 20 प्रतिशत और शामिल कर दिया जाता है। फिर भी टैंकर होल्डर नियमों की अवमानना करता है तो उसे छह माह की सजा तक काटनी पड़ सकती है। टैंकर होल्डर को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। टैंकर होल्डर को अधिकतम 1600 व न्यूनतम 600 रुपये प्रति टैंकर किराया मिलता है। लंबी दूरी होने पर मकान मालिक को 10 रुपये प्रति किलोमीटर अतिरिक्त चार्ज चुकाना होता है।
वर्जन :
स्वच्छता मिशन 2.0 को 31 मार्च 2026 तक पूरा करना है। इस मिशन के तहत जिन बिंदुओं पर इस समय काम चल रहा है उन सभी को इस समयावधि में पूरा करना है। एक अप्रैल से सरकार की ओर से स्वच्छता मिशन 3.0 शुरू करने की संभावना है। मिशन 3.0 का नया प्रारूप भी हो सकता है। इसमें नए बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है।-सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, स्वच्छता मिशन।
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मिशन 2.0 के तहत इस समय कचरा प्रबंधन, मल प्रबंधन, शौचालय कुई सफाई सहित कई बिंदुओं पर काम चल रहा है। कचरा प्रबंधन के तहत गांवों में अलग-अलग तरह कचरा के लिए टीन शेड बनाए गए हैं। इन शेड में गांव से कचरा एकत्रित कर डाला जाता है। बाद में कचरे का उठान कर इसको रिसाइकिल किया जाता है। काफी दिनों तक तो प्राइवेट एजेंसी से इसका अनुबंध रहा। एजेंसी ने कचरा खरीदा और इसको रिसाइकिल कर सड़क आदि निर्माण में इस्तेमाल किया गया। एजेंसी की ओर से कचरा पीडब्ल्यूडी को भी बेचा गया।
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90 टैंकर होल्डर्स हैं पंजीकृत
मानव मल व गाद प्रबंधन योजना के तहत शौचालयों की कुई या अन्य सार्वजनिक जगह से मल का उठान करने के बाद टैंकर होल्डर को लाइसेंस दिए गए। जिले में मानदंड पूरे करने वाले करीब 90 टैंकर होल्डर्स को लाइसेंस दिए गए हैं। टैंकर का कार्य शौचालय की कुई आदि का साफ कर मल को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में डालना होता है।
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मल एवं गाद प्रबंधन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत मानव मल गाद प्रबंधन स्कीम अगस्त 2023 में शुरू की गई थी। मिशन के तहत प्रत्येक पंचायत में एक या दो स्वच्छताग्राही लगाए गए। शहर में भी कचरे का डोर-टू-डोर उठान हो रहा है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। हालांकि गांवों मेंं सफाई कर्मचारी भी तैनात हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का जमाव होने की वजह से स्वच्छता का कार्य ज्यादा प्रभावित होता रहा है।
टैंकर होल्डर्स पर जुर्माना का भी है प्रावधान
बिना रजिस्ट्रेशन के टैंकर होल्डर अगर शौचालय की कुई को खाली करता है तो उसे प्रथम बार पांच हजार रुपये जुर्माना चुकाना होता है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर इस जुर्माना राशि में 20 प्रतिशत और शामिल कर दिया जाता है। फिर भी टैंकर होल्डर नियमों की अवमानना करता है तो उसे छह माह की सजा तक काटनी पड़ सकती है। टैंकर होल्डर को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। टैंकर होल्डर को अधिकतम 1600 व न्यूनतम 600 रुपये प्रति टैंकर किराया मिलता है। लंबी दूरी होने पर मकान मालिक को 10 रुपये प्रति किलोमीटर अतिरिक्त चार्ज चुकाना होता है।
वर्जन :
स्वच्छता मिशन 2.0 को 31 मार्च 2026 तक पूरा करना है। इस मिशन के तहत जिन बिंदुओं पर इस समय काम चल रहा है उन सभी को इस समयावधि में पूरा करना है। एक अप्रैल से सरकार की ओर से स्वच्छता मिशन 3.0 शुरू करने की संभावना है। मिशन 3.0 का नया प्रारूप भी हो सकता है। इसमें नए बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है।-सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, स्वच्छता मिशन।