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शहर की छह कॉलोनियों में आपूर्ति ग्रामीण बिजली घर से व बिल शहरी के हिसाब से
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चरखी दादरी। रेलवे रोड स्थित हब ट्रांसफार्मर का लोड 840 एंपीयर तक पहुंच चुका है। ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के लिए बिजली निगम ने शहर की छह कॉलोनियों को घसोला 33 केवी सब स्टेशन से जोड़ दिया है। जिसकी वजह से घसोला स्टेशन ओवरलोड हो गया है। जिससे इन कॉलोनियों को लो वोल्टेज समेत पावर कट की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। बिजली निगम इन कॉलोनी के उपभोक्ता से बिल तो शहरी क्षेत्र के अनुसार ले रहा है लेकिन आपूर्ति ग्रामीण सब स्टेशन से की जा रही है। जिसको लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
शंकर कॉलोनी, प्रेमनगर कॉलोनी, ढाणी रोड, कॉलेज रोड, गांधी नगर, रेलवे फाटक ओवरब्रिज क्षेत्र को घसोला पावर सब स्टेशन से जोड़ा गया है ताकि लोड को कम किया जा सके। इसके अलावा करीब चार कॉलोनियों पहले भी घसोला सब स्टेशन से जुड़ी हुई हैं। अब इन कॉलोनियों के उपभोक्ताओं का कहना है कि अब उनके यहां लो वॉल्टेज की समस्या पैदा हो गई है। जिसके कारण बिजली उपकरण खराब होने का खतरा है। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि वे शहरी दरों पर बिजली बिलों की अदायगी करते हैं तो उनको शहर में शहर के पावर सब स्टेशनों से ही बिजली की आपूर्ति की जानी चाहिए। गांव से शहर तक लंबी लाइन होने की वजह सें फॉल्ट की आशंका ज्यादा रहती है। शहर में तो कर्मचारी तत्काल लाइन फॉल्ट ठीक कर देते हैं, लेकिन गांव से लाइन जोड़ने के बाद घंटों बाद फॉल्ट ठीक हो रहे हैं।।
30 लाख यूनिट प्रतिमाह बढ़ी बिजली की डिमांड
शहर के रेलवे रोड स्थित पावर सब स्टेशन की क्षमता 860 एंपीयर है। यहां 16-20 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। पिछले दिनो से बढ़ रही गर्मी की वजह से खपत बढ़ने पर पावर सब स्टेशन का लोड बढ़ गया। पावर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गया जिससे इसमें फॉल्ट आने की आशंका है। शहर में इस समय प्रतिमाह बिजली खपत एक करोड़ तक पहुंच गई है जबकि फरवरी मार्च में 65-70 लाख यूनिट प्रति माह थी।
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शहरी सब स्टेशन से जोड़ी जाए कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति
- गांधी कॉलोनी के निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि शहर की लाइट गांव के सब स्टेशन से नहीं जोड़नी चाहिए। लंबी लाइन होने की वजह से फॉल्ट ज्यादा आते हैं। शहर में तो तत्काल फॉल्ट ठीक हो जाते हैं। घसोला पावर सब स्टेशन से बिजली की आवृत्ति भी कम हो रही है। इस समय शहर के इन लोगों को डिम लाइट मिल रही है। निगम को शहर की इन कॉलोनियों की लाइट शहर से ही कनेक्ट करनी चाहिए।
- वार्ड तीन प्रेमनगर कॉलोनी के निवर्तमान पार्षद आंनद सिंह का कहना है कि निगम को नगर की कॉलोनियों की बिजली शहर के पावर सब स्टेशन से जोड़नी चाहिए। घसोला से बिजली आपूर्ति करने के बाद वॉल्टेज काफी कम हो गई है। फॉल्ट ज्यादा आ रहे हैं। पावर कट भी ज्यादा लग रहे हैं। शहर के उपभोक्ता से ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा प्रति यूनिट बिजली बिल ज्यादा वसूला जाता है। कॉलोनी की बिजली आपूर्ति वापिस शहर से जोड़नी चाहिए।
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वर्जन::
पावर सब स्टेशन का लोड बढ़ने से हब ट्रांसफार्मर के जलने का खतरा था और इसके चलते कुछ कॉलेनियों को घसोला सब स्टेशन से जोड़ा गया है।
ओमवीर कालेहर, जेई, बिजली निगम
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शंकर कॉलोनी, प्रेमनगर कॉलोनी, ढाणी रोड, कॉलेज रोड, गांधी नगर, रेलवे फाटक ओवरब्रिज क्षेत्र को घसोला पावर सब स्टेशन से जोड़ा गया है ताकि लोड को कम किया जा सके। इसके अलावा करीब चार कॉलोनियों पहले भी घसोला सब स्टेशन से जुड़ी हुई हैं। अब इन कॉलोनियों के उपभोक्ताओं का कहना है कि अब उनके यहां लो वॉल्टेज की समस्या पैदा हो गई है। जिसके कारण बिजली उपकरण खराब होने का खतरा है। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि वे शहरी दरों पर बिजली बिलों की अदायगी करते हैं तो उनको शहर में शहर के पावर सब स्टेशनों से ही बिजली की आपूर्ति की जानी चाहिए। गांव से शहर तक लंबी लाइन होने की वजह सें फॉल्ट की आशंका ज्यादा रहती है। शहर में तो कर्मचारी तत्काल लाइन फॉल्ट ठीक कर देते हैं, लेकिन गांव से लाइन जोड़ने के बाद घंटों बाद फॉल्ट ठीक हो रहे हैं।।
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30 लाख यूनिट प्रतिमाह बढ़ी बिजली की डिमांड
शहर के रेलवे रोड स्थित पावर सब स्टेशन की क्षमता 860 एंपीयर है। यहां 16-20 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। पिछले दिनो से बढ़ रही गर्मी की वजह से खपत बढ़ने पर पावर सब स्टेशन का लोड बढ़ गया। पावर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गया जिससे इसमें फॉल्ट आने की आशंका है। शहर में इस समय प्रतिमाह बिजली खपत एक करोड़ तक पहुंच गई है जबकि फरवरी मार्च में 65-70 लाख यूनिट प्रति माह थी।
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शहरी सब स्टेशन से जोड़ी जाए कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति
- गांधी कॉलोनी के निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि शहर की लाइट गांव के सब स्टेशन से नहीं जोड़नी चाहिए। लंबी लाइन होने की वजह से फॉल्ट ज्यादा आते हैं। शहर में तो तत्काल फॉल्ट ठीक हो जाते हैं। घसोला पावर सब स्टेशन से बिजली की आवृत्ति भी कम हो रही है। इस समय शहर के इन लोगों को डिम लाइट मिल रही है। निगम को शहर की इन कॉलोनियों की लाइट शहर से ही कनेक्ट करनी चाहिए।
- वार्ड तीन प्रेमनगर कॉलोनी के निवर्तमान पार्षद आंनद सिंह का कहना है कि निगम को नगर की कॉलोनियों की बिजली शहर के पावर सब स्टेशन से जोड़नी चाहिए। घसोला से बिजली आपूर्ति करने के बाद वॉल्टेज काफी कम हो गई है। फॉल्ट ज्यादा आ रहे हैं। पावर कट भी ज्यादा लग रहे हैं। शहर के उपभोक्ता से ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा प्रति यूनिट बिजली बिल ज्यादा वसूला जाता है। कॉलोनी की बिजली आपूर्ति वापिस शहर से जोड़नी चाहिए।
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वर्जन::
पावर सब स्टेशन का लोड बढ़ने से हब ट्रांसफार्मर के जलने का खतरा था और इसके चलते कुछ कॉलेनियों को घसोला सब स्टेशन से जोड़ा गया है।
ओमवीर कालेहर, जेई, बिजली निगम
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