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Charkhi Dadri News: एसटीपी टैंक की गाद निकासी का कार्य पूरा, छह फीट बढ़ी गहराई
Fri, 02 Aug 2024 05:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 02 Aug 2024 05:53 AM IST
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दिल्ली रोड स्थित समसपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में टैंक की सफाई करते हुए । संवाद
समसपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की गहराई बढ़ने से करीब 30 प्रतिशत बढ़ी पानी की भंडारण क्षमता
शहर में सीवर लाइनों से पानी उठान की प्रक्रिया में भी आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बने स्टोरेज टैंक की सफाई करवा दी है। अब बारिश होने पर काफी हद तक राहत मिल सकेगी। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की गाद निकासी करने से छह फीट गहराई बढ़ गई है। पहले के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत भंडारण क्षमता ज्यादा हुई है। इसके अलावा विभाग ने 152-डी के समीप अस्थायी जोहड़ से भी गाद निकासी के साथ सफाई कार्य कर दिया है।
शहर से बारिश और सीवर के पानी के लिए दिल्ली रोड व रामनगर के समीप जनस्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी बना रखे हैं। इन एसटीपी में पानी के भंडारण के लिए जगह कम है। दिल्ली रोड एसटीपी भंडारण टैंक की कुछ जमीन एनएच 152-डी मार्ग के अधिग्रहीत हो चुकी है। इससे यहां के टैंक का आकार घटकर आधा रह गया है। वहीं, इस टैंक में गाद होने से भंडारण क्षमता और कम हो गई थी।
मानसून सीजन के मद्देनजर जनस्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी की मार्फत टैंक से गाद निकासी का काम शुरू करवाया था, जो पूरा हो चुका है। इससे पहले बारिश होने पर टैंक ओवरफ्लो होने का अंदेशा था क्योंकि इससे पहले भी एसटीपी भंडारण टैंक का पानी समीप लगते खेतों तक पहुंच चुका है। इस बार मानसून सीजन में ऐसी स्थिति न बने, इसके मद्देनजर टैंक से गाद निकासी करवाई गई है।
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गाद की निकासी कर इसकी क्षमता बढ़ाने से बारिश सीजन में पानी का अतिरिक्त भंडारण किया जा सकेगा। इससे सीवर लाइनें बैक नहीं मारेंगी। वहीं, एसटीपी पर पानी उपचारित करने के बाद पाइपलाइन के जरिए ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। इससे पहले डूंगरवाला जोहड़ पर बने पंपिंग स्टेशन के जरिए पानी का उठान कर इसे एसटीपी तक पहुंचाया जाता है।
-175 किलोमीटर लंबी है सीवर लाइन
शहर से सीवर के पानी की निकासी करने के लिए विभाग अब गंभीरता से काम कर रहा है। स्थायी समाधान पर काम शुरू कर रखा है। सीवर लाइनों में कचरा एवं प्लास्टिक भी एक समस्या बन रहा है। इससे लाइन में ब्लॉकेज बनी हुई हैं। शहर में करीब 175 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है। यह आए दिन कहीं न कहीं से बंद पड़ी रहती है। एक लाइन रुकने पर साथ लगतीं कई लाइनें प्रभावित हो जाती हैं। जैट मशीन के जरिए भी कई बार लाइनों के ब्लॉकेज खोलने में दिक्कत आ रही है।
वर्सन:
एसटीपी भंडारण टैंक से गाद निकासी करवा दी है। अब इनकी क्षमता बढ़ गई है। टैंक करीब छह फीट तक गहरा हो गया है। विभाग ने सीवर व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया है। अब पानी निकासी में समस्या नहीं आएगी।
-बीके जावला, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो-03
दिल्ली रोड स्थित समसपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद
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शहर में सीवर लाइनों से पानी उठान की प्रक्रिया में भी आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बने स्टोरेज टैंक की सफाई करवा दी है। अब बारिश होने पर काफी हद तक राहत मिल सकेगी। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की गाद निकासी करने से छह फीट गहराई बढ़ गई है। पहले के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत भंडारण क्षमता ज्यादा हुई है। इसके अलावा विभाग ने 152-डी के समीप अस्थायी जोहड़ से भी गाद निकासी के साथ सफाई कार्य कर दिया है।
शहर से बारिश और सीवर के पानी के लिए दिल्ली रोड व रामनगर के समीप जनस्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी बना रखे हैं। इन एसटीपी में पानी के भंडारण के लिए जगह कम है। दिल्ली रोड एसटीपी भंडारण टैंक की कुछ जमीन एनएच 152-डी मार्ग के अधिग्रहीत हो चुकी है। इससे यहां के टैंक का आकार घटकर आधा रह गया है। वहीं, इस टैंक में गाद होने से भंडारण क्षमता और कम हो गई थी।
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मानसून सीजन के मद्देनजर जनस्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी की मार्फत टैंक से गाद निकासी का काम शुरू करवाया था, जो पूरा हो चुका है। इससे पहले बारिश होने पर टैंक ओवरफ्लो होने का अंदेशा था क्योंकि इससे पहले भी एसटीपी भंडारण टैंक का पानी समीप लगते खेतों तक पहुंच चुका है। इस बार मानसून सीजन में ऐसी स्थिति न बने, इसके मद्देनजर टैंक से गाद निकासी करवाई गई है।
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गाद की निकासी कर इसकी क्षमता बढ़ाने से बारिश सीजन में पानी का अतिरिक्त भंडारण किया जा सकेगा। इससे सीवर लाइनें बैक नहीं मारेंगी। वहीं, एसटीपी पर पानी उपचारित करने के बाद पाइपलाइन के जरिए ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। इससे पहले डूंगरवाला जोहड़ पर बने पंपिंग स्टेशन के जरिए पानी का उठान कर इसे एसटीपी तक पहुंचाया जाता है।
-175 किलोमीटर लंबी है सीवर लाइन
शहर से सीवर के पानी की निकासी करने के लिए विभाग अब गंभीरता से काम कर रहा है। स्थायी समाधान पर काम शुरू कर रखा है। सीवर लाइनों में कचरा एवं प्लास्टिक भी एक समस्या बन रहा है। इससे लाइन में ब्लॉकेज बनी हुई हैं। शहर में करीब 175 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है। यह आए दिन कहीं न कहीं से बंद पड़ी रहती है। एक लाइन रुकने पर साथ लगतीं कई लाइनें प्रभावित हो जाती हैं। जैट मशीन के जरिए भी कई बार लाइनों के ब्लॉकेज खोलने में दिक्कत आ रही है।
वर्सन:
एसटीपी भंडारण टैंक से गाद निकासी करवा दी है। अब इनकी क्षमता बढ़ गई है। टैंक करीब छह फीट तक गहरा हो गया है। विभाग ने सीवर व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया है। अब पानी निकासी में समस्या नहीं आएगी।
-बीके जावला, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो-03
दिल्ली रोड स्थित समसपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद