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स्टोरेज टैक फुल, बधवाना नहर में हो रही दूषित पानी की निकासी
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दिल्ली रोड स्थित एसटीपी का टैंक ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी लापरवाही समाने आई है, विभाग सीवर के गंदे पानी की निकासी बधवाना नहर में कर रहा है। इस नहर से शहर के कपूरी जलघर में भी पानी सप्लाई होता है। यही दूषित पानी टैंक में भरा जाएगा और घरों में सप्लाई होगा। ऐसे में लोगों की सेहत पर भी असर पड़ेगा।
दरअसल जिले में सर्दी में हुई 65 एमएम बारिश से शहर का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कच्चा टैंक फुल हो गया है। यह कच्चे वाटर टैंक मिट्टी एवं गाद से भी अटे पड़े हैं। विभाग के पास पानी की निकासी को फिलहाल कोई विकल्प नहीं है और इस समय सीवर के पानी को बधवाना नहर में डाला जा रहा है। इस नहर से गांव के कई जलघरों व शहर के कपूरी जलघर में पानी डाला जाता है। ऐसे में अब इन जलघर में दूषित पानी भरा जाएगा और वह आगे घरों में सप्लाई होगा। जिससे शहर वासियों की सेहत पर असर पड़ना लाजमी है। हालांकि विभाग के अधिकारियों को दावा है कि शहर में पेयजल आपूर्ति उपचारित करके ही सप्लाई की जाती है।
दिल्ली बाइपास और रामनगर के समीप एसटीपी में होती है दूषित पानी की निकासी
शहर से दूषित पानी की निकासी के लिए विभाग ने दिल्ली बाइपास और रामनगर के समीप एसटीपी बना रखे हैं। शहर के ज्यादातर क्षेत्र का पानी दिल्ली बाइपास एसटीपी में ही पहुंचता है। यहां विभाग ने कच्चे वाटर टैंक बना रखे हैं ताकि इनमें दूषित एवं बारिश पानी को स्टोरेज किया जा सके। अब पिछले दिनों हुई बारिश से टैक फुल हो गया है। वहीं, पानी के लगातार भरने से आसपास के एरिया में पानी का स्तर भी काफी ऊपर आ गया है, जिससे आसपास की जमीन भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। एसटीपी की वजह से आसपास करीब 90 एकड़ जमीन भी खराब होने लगी हैं।
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इस समय कच्चे टैंकों मिट्टी व गाद से अटे
विभाग यह गाद निकालकर इन टैंकों की गहराई बढ़ा सकता है, जिससे अस्थायी तौर पर काम चलाया जा सकता है। वहीं, एसटीपी के पानी को ड्रेन आठ में डाले जाने के लिए 25 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम जून तक पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल हालात खराब बने हुए हैं। सीवर की मुख्य लाइनें बैक मार रही हैं, जिससे सीवर मैनहोल भी कई भागों में ऊपर तक भरे हुए हैं।
निवर्तमान पार्षद बोले- उचित नहीं शहर में पानी निकासी की व्यवस्था
निवर्तमान पार्षद रचना देवी, बख्शी सैनी व मनोज वर्मा का कहना है कि इस समय वार्डों में सीवर के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइनों को बार-बार फट्टी डालकर खोलना पड़ रहा हैे। ड्रेन आठ में दूषित पानी डाले जाने के प्रोजेक्ट को जुलाई की बारिश सीजन से पहले पूरा करना चाहिए।
एसटीपी परिसर में जगह का अभाव है। एसटीपी से छुछकवास ड्रेन तक 25 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने का काम जारी है। यह काम जून तक पूरा होने की उम्मीद है, उसके बाद सीवर के पानी की समस्या नहीं रहेगी। जगदीश चंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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दरअसल जिले में सर्दी में हुई 65 एमएम बारिश से शहर का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कच्चा टैंक फुल हो गया है। यह कच्चे वाटर टैंक मिट्टी एवं गाद से भी अटे पड़े हैं। विभाग के पास पानी की निकासी को फिलहाल कोई विकल्प नहीं है और इस समय सीवर के पानी को बधवाना नहर में डाला जा रहा है। इस नहर से गांव के कई जलघरों व शहर के कपूरी जलघर में पानी डाला जाता है। ऐसे में अब इन जलघर में दूषित पानी भरा जाएगा और वह आगे घरों में सप्लाई होगा। जिससे शहर वासियों की सेहत पर असर पड़ना लाजमी है। हालांकि विभाग के अधिकारियों को दावा है कि शहर में पेयजल आपूर्ति उपचारित करके ही सप्लाई की जाती है।
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दिल्ली बाइपास और रामनगर के समीप एसटीपी में होती है दूषित पानी की निकासी
शहर से दूषित पानी की निकासी के लिए विभाग ने दिल्ली बाइपास और रामनगर के समीप एसटीपी बना रखे हैं। शहर के ज्यादातर क्षेत्र का पानी दिल्ली बाइपास एसटीपी में ही पहुंचता है। यहां विभाग ने कच्चे वाटर टैंक बना रखे हैं ताकि इनमें दूषित एवं बारिश पानी को स्टोरेज किया जा सके। अब पिछले दिनों हुई बारिश से टैक फुल हो गया है। वहीं, पानी के लगातार भरने से आसपास के एरिया में पानी का स्तर भी काफी ऊपर आ गया है, जिससे आसपास की जमीन भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। एसटीपी की वजह से आसपास करीब 90 एकड़ जमीन भी खराब होने लगी हैं।
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इस समय कच्चे टैंकों मिट्टी व गाद से अटे
विभाग यह गाद निकालकर इन टैंकों की गहराई बढ़ा सकता है, जिससे अस्थायी तौर पर काम चलाया जा सकता है। वहीं, एसटीपी के पानी को ड्रेन आठ में डाले जाने के लिए 25 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम जून तक पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल हालात खराब बने हुए हैं। सीवर की मुख्य लाइनें बैक मार रही हैं, जिससे सीवर मैनहोल भी कई भागों में ऊपर तक भरे हुए हैं।
निवर्तमान पार्षद बोले- उचित नहीं शहर में पानी निकासी की व्यवस्था
निवर्तमान पार्षद रचना देवी, बख्शी सैनी व मनोज वर्मा का कहना है कि इस समय वार्डों में सीवर के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइनों को बार-बार फट्टी डालकर खोलना पड़ रहा हैे। ड्रेन आठ में दूषित पानी डाले जाने के प्रोजेक्ट को जुलाई की बारिश सीजन से पहले पूरा करना चाहिए।
एसटीपी परिसर में जगह का अभाव है। एसटीपी से छुछकवास ड्रेन तक 25 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने का काम जारी है। यह काम जून तक पूरा होने की उम्मीद है, उसके बाद सीवर के पानी की समस्या नहीं रहेगी। जगदीश चंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग