{"_id":"65b164fd06332873ee0fe0f1","slug":"slow-development-works-in-kadma-and-jhojhukalan-panchayat-charkhidadri-news-c-126-1-shsr1012-12548-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: कादमा और झोझूकलां पंचायत ने विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया एक भी पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: कादमा और झोझूकलां पंचायत ने विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया एक भी पैसा
Thu, 25 Jan 2024 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 25 Jan 2024 12:59 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले की दो ग्राम पंचायतों में अब तक विकास कार्यों पर एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है। झोझूकलां और कादमा ग्राम पंचायत में सुस्त पड़े विकास कार्याें पर संज्ञान लेकर सरकार ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांग ली है। सरकार के निर्देश मिलने के बाद पंचायत विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं और ठप पड़े विकास का कारण जानने के लिए उन्होंने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सरकार के निर्देश देने के बाद अधिकारियों ने पंचायतों के विकास कार्यों का रिकाॅर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। झोझू कलां ग्राम पंचायत की बात करें तो 85 लाख बजट के प्रपोजल पंचायत विभाग के पास भेज रखे हैं। कोई प्रपोजल एक साल पहले भेजा गया है, तो किसी को छह माह बीत चुके हैं। सरपंच का कहना है कि पंचायत विभाग कार्यालय की ओर से इसमें ढिलाई बरती जा रही है।
दरअसल, सरकार ने हाल ही में विभिन्न जिलों के डीसी को 44 ग्राम पंचायतों में अब तक विकास कार्य न होने के कारण की जांच करने का आदेश दिया हुआ है। इन 44 पंचायतों में से दो ग्राम पंचायत झोझूकलां व कादमा भी शामिल है। सरकार इनकी जांच करवा रही है। इससे अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। विकास कार्यों का रिकार्ड व ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के पूरे विवरण एवं प्रस्तावों की जांच की जा रही है ताकि सच्चाई का पता चल सके।
विज्ञापन
पीआरआई ग्रांट के तहत गांवों को मिले थे छह करोड़
विदित रहे जिले में अब तक पीआरआई ग्रांंट के तहत करीब छह करोड़ रुपये जारी हुआ है। इसके अलावा एफएफसी ग्रांट भी जारी हुई है। गांवों में सामुदायिक केंद्र भवन निर्माण, खेल स्टेडियम मिट्टी डालने का कार्य, जोहड़ के सुंदरीकरण के लिए बजट जारी हुआ है। पंचायत विभाग व गांवों में गलियों के लिए भी ग्रांट जारी हो चुकी है। अब सरकार ने यह बजट राशि खर्च करने का ब्योरा मांगा है।
20,000 की आबादी वाले झोझूकलां में होने हैं ये काम
झोझूकलां गांव की आबादी करीब 20,000 है। गांव में तीन एकड़ में बीडीओ कार्यालय भवन बनना है। इसका प्रस्ताव छह माह पहले पंचायत विभाग को भेज रखा है। अब तक इसकी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इसी प्रकार 10 से ज्यादा गलियों का निर्माण होना है। इनके प्रस्ताव भी विभाग के पास भेज गए हैं जो कई माह से लटके हुए हैं। दो एकड़ में सामुदायिक भवन बनना है और यह प्रस्ताव भी विभाग कार्यालय में एक साल से अटका है। स्वयं सहायता समूह कार्यालय का प्रस्ताव भी छह माह से विभाग के पास अटका है। राजीव गांधी खेल स्टेडियम में मिट्टी डालने का काम भी होना है और उसका प्रपोजल भी पंचायत विभाग को भेजा रखा है। सरपंच का कहना है कि वह अपनी ओर से विकास कार्यों को सिरे चढ़ाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है।
अब तक जितना बजट जारी हुआ है, उसके प्रस्ताव तैयार कर ग्रांम पंचायत की ओर से विभाग कार्यालय में जमा करवा दिए गए हैं। गांव में 85 लाख के बजट से विकास कार्य होने हैं। अब तक इनकी शुरुआत नहीं हो सकी है। पंचायत विभाग की ढिलाई इसका प्रमुख कारण है। - अशोक कुमार, सरपंच
इस विषय में जांच करवा रहा हूं। जल्द ही मामले की तह तक पूरा जाएगा। इन गांवों में विकास कार्यों में देरी क्यों हो रही है इसका पता लगाया जा रहा है। - नरेंद्र सारवान, डीडीपीओ, पंचायत विभाग
विज्ञापन
सरकार के निर्देश देने के बाद अधिकारियों ने पंचायतों के विकास कार्यों का रिकाॅर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। झोझू कलां ग्राम पंचायत की बात करें तो 85 लाख बजट के प्रपोजल पंचायत विभाग के पास भेज रखे हैं। कोई प्रपोजल एक साल पहले भेजा गया है, तो किसी को छह माह बीत चुके हैं। सरपंच का कहना है कि पंचायत विभाग कार्यालय की ओर से इसमें ढिलाई बरती जा रही है।
विज्ञापन
दरअसल, सरकार ने हाल ही में विभिन्न जिलों के डीसी को 44 ग्राम पंचायतों में अब तक विकास कार्य न होने के कारण की जांच करने का आदेश दिया हुआ है। इन 44 पंचायतों में से दो ग्राम पंचायत झोझूकलां व कादमा भी शामिल है। सरकार इनकी जांच करवा रही है। इससे अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। विकास कार्यों का रिकार्ड व ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के पूरे विवरण एवं प्रस्तावों की जांच की जा रही है ताकि सच्चाई का पता चल सके।
विज्ञापन
पीआरआई ग्रांट के तहत गांवों को मिले थे छह करोड़
विदित रहे जिले में अब तक पीआरआई ग्रांंट के तहत करीब छह करोड़ रुपये जारी हुआ है। इसके अलावा एफएफसी ग्रांट भी जारी हुई है। गांवों में सामुदायिक केंद्र भवन निर्माण, खेल स्टेडियम मिट्टी डालने का कार्य, जोहड़ के सुंदरीकरण के लिए बजट जारी हुआ है। पंचायत विभाग व गांवों में गलियों के लिए भी ग्रांट जारी हो चुकी है। अब सरकार ने यह बजट राशि खर्च करने का ब्योरा मांगा है।
20,000 की आबादी वाले झोझूकलां में होने हैं ये काम
झोझूकलां गांव की आबादी करीब 20,000 है। गांव में तीन एकड़ में बीडीओ कार्यालय भवन बनना है। इसका प्रस्ताव छह माह पहले पंचायत विभाग को भेज रखा है। अब तक इसकी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इसी प्रकार 10 से ज्यादा गलियों का निर्माण होना है। इनके प्रस्ताव भी विभाग के पास भेज गए हैं जो कई माह से लटके हुए हैं। दो एकड़ में सामुदायिक भवन बनना है और यह प्रस्ताव भी विभाग कार्यालय में एक साल से अटका है। स्वयं सहायता समूह कार्यालय का प्रस्ताव भी छह माह से विभाग के पास अटका है। राजीव गांधी खेल स्टेडियम में मिट्टी डालने का काम भी होना है और उसका प्रपोजल भी पंचायत विभाग को भेजा रखा है। सरपंच का कहना है कि वह अपनी ओर से विकास कार्यों को सिरे चढ़ाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है।
अब तक जितना बजट जारी हुआ है, उसके प्रस्ताव तैयार कर ग्रांम पंचायत की ओर से विभाग कार्यालय में जमा करवा दिए गए हैं। गांव में 85 लाख के बजट से विकास कार्य होने हैं। अब तक इनकी शुरुआत नहीं हो सकी है। पंचायत विभाग की ढिलाई इसका प्रमुख कारण है। - अशोक कुमार, सरपंच
इस विषय में जांच करवा रहा हूं। जल्द ही मामले की तह तक पूरा जाएगा। इन गांवों में विकास कार्यों में देरी क्यों हो रही है इसका पता लगाया जा रहा है। - नरेंद्र सारवान, डीडीपीओ, पंचायत विभाग