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Charkhi Dadri News: 350 करोड़ के बीमा क्लेम घोटाले में आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
Sat, 13 Sep 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:22 AM IST
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बाढड़ा अनाज मंडी में धरनास्थल पर किसानों को संबोधित करते किसान नेता सुरेश कोथ। संवाद
बाढड़ा। अनाज मंडी में फसल बीमा क्लेम की मांग के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता राजकुमार हड़ौदी ने की और किसान मजदूर संगठन नेता सुरेश कोथ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले।
धरनास्थल पर मौजूद अन्य किसान नेताओं ने कहा कि 350 करोड़ रुपये की बीमा राशि अब तक जारी नहीं की गई। इससे किसान आर्थिक संकट में फंसे हुए हैं। सरकार की ओर से किसानों को लगातार झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। अगर जल्द ही बीमा क्लेम राशि नहीं मिली, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
सुरेश कोथ ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग की रिपोर्ट में किसानों को नुकसान दिखाया गया, लेकिन फिर कंपनी के साथ मिलकर अधिकारियों ने ड्रोन का हवाला देकर उस रिपोर्ट को रद्द कर दिया, जो बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से इसकी जांच करवानी चाहिए और दोषियों की खिलाफ कार्रवाई करते हुए किसान को उनका हक देना चाहिए। सरकार एक तरफ किसानों को फसल बीमा योजना के लाभ बताने में जुटी हुई तो दूसरी तरफ, उन्हीं किसानों से बीमा प्रीमियम लेकर मुआवजा भी नहीं दे रही है।
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धरनास्थल पर श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र सिंह बेरला, किसान नेता धर्मपाल, मास्टर रघबीर सिंह, ब्रह्मपाल बाढड़ा, सुमेर भांडवा, प्रताप सिंह, कमल सिंह, वेदप्रकाश, सतवीर, नरेश कादयान व नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
यह हैं किसानों की प्रमुख मांगें
350 करोड़ रुपये की बीमा क्लेम राशि तत्काल जारी की जाए। फसल बीमा की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनाई जाए, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बीमा कंपनियों पर कार्रवाई हो। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र या अधिक जलभराव से खराब हुईं फसलों का तत्काल मुआवजा जारी किया जाए।
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धरनास्थल पर मौजूद अन्य किसान नेताओं ने कहा कि 350 करोड़ रुपये की बीमा राशि अब तक जारी नहीं की गई। इससे किसान आर्थिक संकट में फंसे हुए हैं। सरकार की ओर से किसानों को लगातार झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। अगर जल्द ही बीमा क्लेम राशि नहीं मिली, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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सुरेश कोथ ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग की रिपोर्ट में किसानों को नुकसान दिखाया गया, लेकिन फिर कंपनी के साथ मिलकर अधिकारियों ने ड्रोन का हवाला देकर उस रिपोर्ट को रद्द कर दिया, जो बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से इसकी जांच करवानी चाहिए और दोषियों की खिलाफ कार्रवाई करते हुए किसान को उनका हक देना चाहिए। सरकार एक तरफ किसानों को फसल बीमा योजना के लाभ बताने में जुटी हुई तो दूसरी तरफ, उन्हीं किसानों से बीमा प्रीमियम लेकर मुआवजा भी नहीं दे रही है।
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धरनास्थल पर श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र सिंह बेरला, किसान नेता धर्मपाल, मास्टर रघबीर सिंह, ब्रह्मपाल बाढड़ा, सुमेर भांडवा, प्रताप सिंह, कमल सिंह, वेदप्रकाश, सतवीर, नरेश कादयान व नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
यह हैं किसानों की प्रमुख मांगें
350 करोड़ रुपये की बीमा क्लेम राशि तत्काल जारी की जाए। फसल बीमा की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनाई जाए, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बीमा कंपनियों पर कार्रवाई हो। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र या अधिक जलभराव से खराब हुईं फसलों का तत्काल मुआवजा जारी किया जाए।