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Charkhi Dadri News: जनस्वास्थ्य विभाग के पंप आपरेटर बनेंगे कुशल प्लंबर, रोकेंगे पानी के बर्बादी
Wed, 03 Apr 2024 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 03 Apr 2024 11:49 PM IST
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रावलधी आईटीआई में प्रशिक्षण लेते कर्मचारी और संस्थान का स्टाफ । स्रोत : संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जल ही हमारी जीवन का आधार है। इसकी बर्बादी रोकने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के पंप ऑपरेटरों को कुशल प्लंबर बनाएगा। जो अपने-अपने गांव में पेयजल लाइन की लीकज, रख-रखाव सहित छोटी-मोटी मरम्मत कर सकेंगे।
नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत रावलधी आईटीआई में प्रशिक्षित प्लंबर तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में पहले बैच का प्रशिक्षण 27 मार्च से शुरू हो चुका है। यह प्रशिक्षण 8 जून तक चलेगा। इस बैच में शामिल जनस्वास्थ्य विभाग के 30 कर्मचारियों को 510 घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संस्थान इंचार्ज श्रीनिवास ने बताया कि बुधवार को कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य अनिल यादव ने की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जिला सलाहकार राजू ने शिरकत की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लंबर उपलब्ध न होने पर उपभोक्ता खुद ही पेयजल कनेक्शन कर लेता है। बिना जानकारी के वह उचित प्रकार से कनेक्शन नहीं कर पाता। इस गलती का खमियाजा अन्य उपभोक्ताओं को दूषित पेयजल व अन्य रूप में उठाना पड़ता है। ऐसे में रावलधी आईटीआई में प्रशिक्षित प्लंबर तैयार करने के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस दौरान आईटीआई प्लंबर अनुदेशक पंंकज, राजेंद्र वर्ग अनुदेशक, समीर वर्ग अनुदेशक, जोगेंद्र अनुदेशक व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से अनीता रानी, सोनिया, राकेश, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
नल जल मित्र विकसित करना कार्यक्रम का उद्देश्य
जिला सलाहकार राजू ने बताया कि नल जल मित्र कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों के स्थानीय व्यक्तियों को कौशल-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना, उन्हें कौशल के व्यापक सेट से लैस करना और नल जल मित्र विकसित करना है। इससे वे अपने गांव में पाइप जलापूर्ति योजना के निवारक रख-रखाव सहित छोटी मरम्मत करने में कुशल रहे। साथ ही जल उपयोगिता के रूप में जल आपूर्ति प्रणालियों के क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है।
शहर में साढ़े पांच हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन
दूषित पेजयल आपूर्ति का मुख्य कारण अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। शहर में करीब 18 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन हैं। इनमें से 12149 लोगों ने ही अपने पेजयल कनेक्शन ऑनलाइन करवाए हैं। शहर में करीब साढ़े पांच हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन हैं। जनस्वास्थ्य विभाग सर्वे करवाकर 775 अवैध कनेक्शन चिह्नित करके काट दिए हैं।
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चरखी दादरी। जल ही हमारी जीवन का आधार है। इसकी बर्बादी रोकने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के पंप ऑपरेटरों को कुशल प्लंबर बनाएगा। जो अपने-अपने गांव में पेयजल लाइन की लीकज, रख-रखाव सहित छोटी-मोटी मरम्मत कर सकेंगे।
नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत रावलधी आईटीआई में प्रशिक्षित प्लंबर तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में पहले बैच का प्रशिक्षण 27 मार्च से शुरू हो चुका है। यह प्रशिक्षण 8 जून तक चलेगा। इस बैच में शामिल जनस्वास्थ्य विभाग के 30 कर्मचारियों को 510 घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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संस्थान इंचार्ज श्रीनिवास ने बताया कि बुधवार को कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य अनिल यादव ने की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जिला सलाहकार राजू ने शिरकत की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लंबर उपलब्ध न होने पर उपभोक्ता खुद ही पेयजल कनेक्शन कर लेता है। बिना जानकारी के वह उचित प्रकार से कनेक्शन नहीं कर पाता। इस गलती का खमियाजा अन्य उपभोक्ताओं को दूषित पेयजल व अन्य रूप में उठाना पड़ता है। ऐसे में रावलधी आईटीआई में प्रशिक्षित प्लंबर तैयार करने के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस दौरान आईटीआई प्लंबर अनुदेशक पंंकज, राजेंद्र वर्ग अनुदेशक, समीर वर्ग अनुदेशक, जोगेंद्र अनुदेशक व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से अनीता रानी, सोनिया, राकेश, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
नल जल मित्र विकसित करना कार्यक्रम का उद्देश्य
जिला सलाहकार राजू ने बताया कि नल जल मित्र कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों के स्थानीय व्यक्तियों को कौशल-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना, उन्हें कौशल के व्यापक सेट से लैस करना और नल जल मित्र विकसित करना है। इससे वे अपने गांव में पाइप जलापूर्ति योजना के निवारक रख-रखाव सहित छोटी मरम्मत करने में कुशल रहे। साथ ही जल उपयोगिता के रूप में जल आपूर्ति प्रणालियों के क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है।
शहर में साढ़े पांच हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन
दूषित पेजयल आपूर्ति का मुख्य कारण अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। शहर में करीब 18 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन हैं। इनमें से 12149 लोगों ने ही अपने पेजयल कनेक्शन ऑनलाइन करवाए हैं। शहर में करीब साढ़े पांच हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन हैं। जनस्वास्थ्य विभाग सर्वे करवाकर 775 अवैध कनेक्शन चिह्नित करके काट दिए हैं।