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छह बसें आधे रास्ते से लौटीं, 110 का नहीं हुआ संचालन
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दादरी बस स्टैंड परिसर के बूथों पर खड़ीं बसें।
- फोटो : CharkhiDadri
भारत बंद के चलते दादरी रोडवेज डिपो की बसों का संचालन बंद रहा। सुबह के समय डिपो से विभिन्न रूट की छह बसें चलाई गईं, लेकिन किसानों ने इन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इसके कारण जीएम रविश हुड्डा ने बस चालकों को वापस बस स्टैंड परिसर में आने के आदेश दे दिए। दादरी डिपो की 110 बसों का संचालन नहीं हो पाया। सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक बस स्टैंड पर कुछ यात्री भी नजर आए, लेकिन इसके बाद सन्नाटा रहा। बसों का संचालन न होने से रोडवेज को आठ लाख का नुकसान हुआ है।
दादरी डिपो के बेड़े में 183 बसें शामिल हैं। इनमें से 130 बसें दादरी डिपो के पास हैं, जबकि 53 लोहारू सब डिपो के पास। दादरी डिपो से प्रतिदिन करीब 125 बसों का और लोहारू सब डिपो से 45 बसों का प्रतिदिन संचालन होता है। दादरी डिपो की बसें करीब 28 हजार तो लोहारू सब डिपो की बसें प्रतिदिन 10 हजार किलोमीटर की दूर तय करती हैं। बसें प्रतिदिन 38 हजार किलोमीटर चलने से रोडवेज को प्रतिदिन 14 लाख की आमदनी होती है। इसमें से छह लाख डीजल का खर्च आता है, जबकि आठ लाख की बचत होती है। शुक्रवार को बसें एक हजार किलोमीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाईं और इसके चलते आठ लाख के राजस्व का घाटा हुआ है। सभी चालकों और परिचालकों समेत कार्यालय स्टाफ शुक्रवार को ड्यूटी पर पहुंचा।
भारत बंद के चलते बसों का संचालन के लिए जीएम रविश हुड्डा सुबह चार बजे ही ऑफिस पहुंच गए। उन्होंने सुबह के समय बस स्टैंड से बसों को तय समय पर चलवाया, लेकिन ये बसें गंतव्य तक नहीं पहुंच सकीं। कुछ बसें तो जिले की सीमा से बाहर ही नहीं निकल पाईं। इन बसों पर तैनात चालक परिचालकों को जीएम ने वापस लौटने के आदेश दे दिए।
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- कोई नहीं जा पाया नौकरी पर तो कोई रिश्तेदारी में मातमपूर्सी पर जाने से रहा वंचित
बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। दोपहर 12 बजे यात्री बस स्टैंड के गेट के सामने खड़े होकर वाहन आने का इंतजार करते रहे। कलियाणा निवासी मंगल ने बताया कि गांव से बस स्टैंड तक तो वे एक दुपहिया वाहन चालक से लिफ्ट मांगकर बस स्टैंड तक पहुंच गया, लेकिन यहां बसों का संचालन बंद मिला। उसे रोहतक एक रिश्तेदारी में मातमपूर्सी पर जाना है और वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा है। वार्ड-17 निवासी दीपक ने बताया कि उसे गुरुग्राम नौकरी पर पहुंचना है। सुबह सात बजे वह बस स्टैंड पहुंचा था और साढ़े आठ बजे तक भी बस नहीं मिली है।
ये बसें बीच रास्ते से लौटीं वापस
जीएम ने सुबह पांच बजे चंडीगढ़ के लिए बस रवाना करवाई, लेकिन यह बस रोहतक बस स्टैंड पर जाकर खड़ी करनी पड़ी। सुबह 5:10 पर दिल्ली के लिए बस रवाना की गई, लेकिन इस बस को झज्जर बस स्टैंड पर खड़ा करना पड़ा। 5:30 मिनट पर सिरसा के लिए बस रवाना की गई, लेकिन इसे भिवानी खड़ा करना पड़ा। इसके बाद जयपुर के लिए रवाना की गई। बस को किसानों ने आदमपुर के पास और हिसार के लिए रवाना की गई बस को किसानों ने कितलाना टोल पर रोक लिया।
डिपो की बसें प्रतिदिन 38 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं, लेकिन शुक्रवार को भारत बंद के चलते बसों का संचालन बंद रहा। जो बसें जिले में ही रोकी गईं, उन्हें हमने वापस बस स्टैंड परिसर पर बुला लिया। बसों का संचालन बंद होने से करीब आठ लाख का नुकसान हुआ है।
रविश हुड्डा, जीएम, रोडवेज डिपो
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दादरी डिपो के बेड़े में 183 बसें शामिल हैं। इनमें से 130 बसें दादरी डिपो के पास हैं, जबकि 53 लोहारू सब डिपो के पास। दादरी डिपो से प्रतिदिन करीब 125 बसों का और लोहारू सब डिपो से 45 बसों का प्रतिदिन संचालन होता है। दादरी डिपो की बसें करीब 28 हजार तो लोहारू सब डिपो की बसें प्रतिदिन 10 हजार किलोमीटर की दूर तय करती हैं। बसें प्रतिदिन 38 हजार किलोमीटर चलने से रोडवेज को प्रतिदिन 14 लाख की आमदनी होती है। इसमें से छह लाख डीजल का खर्च आता है, जबकि आठ लाख की बचत होती है। शुक्रवार को बसें एक हजार किलोमीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाईं और इसके चलते आठ लाख के राजस्व का घाटा हुआ है। सभी चालकों और परिचालकों समेत कार्यालय स्टाफ शुक्रवार को ड्यूटी पर पहुंचा।
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भारत बंद के चलते बसों का संचालन के लिए जीएम रविश हुड्डा सुबह चार बजे ही ऑफिस पहुंच गए। उन्होंने सुबह के समय बस स्टैंड से बसों को तय समय पर चलवाया, लेकिन ये बसें गंतव्य तक नहीं पहुंच सकीं। कुछ बसें तो जिले की सीमा से बाहर ही नहीं निकल पाईं। इन बसों पर तैनात चालक परिचालकों को जीएम ने वापस लौटने के आदेश दे दिए।
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- कोई नहीं जा पाया नौकरी पर तो कोई रिश्तेदारी में मातमपूर्सी पर जाने से रहा वंचित
बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। दोपहर 12 बजे यात्री बस स्टैंड के गेट के सामने खड़े होकर वाहन आने का इंतजार करते रहे। कलियाणा निवासी मंगल ने बताया कि गांव से बस स्टैंड तक तो वे एक दुपहिया वाहन चालक से लिफ्ट मांगकर बस स्टैंड तक पहुंच गया, लेकिन यहां बसों का संचालन बंद मिला। उसे रोहतक एक रिश्तेदारी में मातमपूर्सी पर जाना है और वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा है। वार्ड-17 निवासी दीपक ने बताया कि उसे गुरुग्राम नौकरी पर पहुंचना है। सुबह सात बजे वह बस स्टैंड पहुंचा था और साढ़े आठ बजे तक भी बस नहीं मिली है।
ये बसें बीच रास्ते से लौटीं वापस
जीएम ने सुबह पांच बजे चंडीगढ़ के लिए बस रवाना करवाई, लेकिन यह बस रोहतक बस स्टैंड पर जाकर खड़ी करनी पड़ी। सुबह 5:10 पर दिल्ली के लिए बस रवाना की गई, लेकिन इस बस को झज्जर बस स्टैंड पर खड़ा करना पड़ा। 5:30 मिनट पर सिरसा के लिए बस रवाना की गई, लेकिन इसे भिवानी खड़ा करना पड़ा। इसके बाद जयपुर के लिए रवाना की गई। बस को किसानों ने आदमपुर के पास और हिसार के लिए रवाना की गई बस को किसानों ने कितलाना टोल पर रोक लिया।
डिपो की बसें प्रतिदिन 38 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं, लेकिन शुक्रवार को भारत बंद के चलते बसों का संचालन बंद रहा। जो बसें जिले में ही रोकी गईं, उन्हें हमने वापस बस स्टैंड परिसर पर बुला लिया। बसों का संचालन बंद होने से करीब आठ लाख का नुकसान हुआ है।
रविश हुड्डा, जीएम, रोडवेज डिपो