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Charkhi Dadri News: 17 उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनाने का साइट प्लान तैयार
Tue, 17 Oct 2023 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 17 Oct 2023 10:18 PM IST
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रावलधी स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र जिसका नया भवन बनाया जाएगा।
चरखी दादरी।
जिले के 17 उप स्वास्थ्य केंद्रों को नए भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ये उपस्वास्थ्य केंद्र पंचायती राज विभाग से बनवाए जाएंगे और इनका साइट प्लान व एस्टिमेट तैयार कर लिया गया है। भवन निर्माण पर करीब 9.35 करोड़ की लागत आएगी और सीधे तौर पर जिले के 1.30 लाख लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इनके अलावा आठ और उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनाने की योजना है।
बता दें कि जिले में 35 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन लंबे समय से जर्जर हैं। अक्तूबर 2021 में सरकार के निर्देशों पर पुराने भवनों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क किया था। उसके बाद संयुक्त टीम ने इन भवनों का निरीक्षण किया। टीम ने 25 भवनों को जर्जर बताया था जबकि दस में मरम्मत की दरकार बताई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी से तैयार करवाई गई रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजी थी।
उस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द ही बजट जारी कर देगी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाना था। सरकार ने उम्मीदों के अनुसार बजट तो जारी नहीं किया, ऊपर से नए भवन निर्माण के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र के पास आधा एकड़ जमीन होने की शर्त जरूर लगा दी थी। इसके चलते यह प्रोजेक्ट करीब एक साल तक अटका रहा। स्वास्थ्य विभाग ने लंबी जद्दोजहद के बाद 17 उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए जगह का चयन कर लिया। इसमें जिला प्रशासन, पंचायत विभाग और ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया गया। इसके बाद सरकार के निर्देश मिले कि उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन पंचायती राज की मार्फत बनवाए जाए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब पंचायती राज से साइट प्लान और एस्टिमेट तैयार करवा लिए है।
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बैठने तक की जगह नहीं, स्टाफ और मरीज दोनों परेशान
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात स्टाफ भी बेहद परेशान है। उन्हें बैठने तक की जगह मुहैया नहीं हो पा रही। सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों का स्टाफ किसी गांव में पंचायत घर में तो किसी गांव में लोगों के घर एक कमरा लेकर बैठ रहा है। एक उप स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी आठ से दस के बीच रहती है। कुछ स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं, जहां ओपीडी 15 तक पहुंच जाती है। इन 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 200 मरीज पहुंचते हैं।
इन गांवों में बनेंगे उप स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन
लोहरवाड़ा, मोरवाला, रासीवास, फतेहगढ़, मकड़ाना, मौड़ी, घसोला, बिगोवा, कलियाणा, चांगरोड, चंदेनी, रावलधी, तीजपुरा, मिसरी, बांस, बौंदखुर्द और उण में उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनने हैं और इनका साइट प्लान तैयार कर लिया गया है।
इन तीन और केंद्रों का लिया जाएगा जायजा
स्वास्थ्य विभाग दाडी बाना, अटेलाखुर्द और पैंतावास उपस्वास्थ्य केंद्र के भवनों को भी जल्द ही कंडम घोषित करवा सकता है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है और जल्द ही पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम भवनों का निरीक्षण कर इन भवनों का भविष्य तय करेगी। सूत्रों के अनुसार इन्हें भी कंडम घोषित किया जा सकता है क्योंकि ये काफी पुराने होने के चलते जर्जर है।
उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए 17 गांवों में जगह चिह्नित कर ली गई है। पंचायती राज ने इनका साइट प्लान और एस्टिमेट तैयार कर लिया है। प्रत्येक भवन के निर्माण पर करीब 55 लाख रुपये लागत आने की संभावना है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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जिले के 17 उप स्वास्थ्य केंद्रों को नए भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ये उपस्वास्थ्य केंद्र पंचायती राज विभाग से बनवाए जाएंगे और इनका साइट प्लान व एस्टिमेट तैयार कर लिया गया है। भवन निर्माण पर करीब 9.35 करोड़ की लागत आएगी और सीधे तौर पर जिले के 1.30 लाख लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इनके अलावा आठ और उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनाने की योजना है।
बता दें कि जिले में 35 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन लंबे समय से जर्जर हैं। अक्तूबर 2021 में सरकार के निर्देशों पर पुराने भवनों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क किया था। उसके बाद संयुक्त टीम ने इन भवनों का निरीक्षण किया। टीम ने 25 भवनों को जर्जर बताया था जबकि दस में मरम्मत की दरकार बताई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी से तैयार करवाई गई रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजी थी।
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उस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द ही बजट जारी कर देगी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाना था। सरकार ने उम्मीदों के अनुसार बजट तो जारी नहीं किया, ऊपर से नए भवन निर्माण के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र के पास आधा एकड़ जमीन होने की शर्त जरूर लगा दी थी। इसके चलते यह प्रोजेक्ट करीब एक साल तक अटका रहा। स्वास्थ्य विभाग ने लंबी जद्दोजहद के बाद 17 उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए जगह का चयन कर लिया। इसमें जिला प्रशासन, पंचायत विभाग और ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया गया। इसके बाद सरकार के निर्देश मिले कि उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन पंचायती राज की मार्फत बनवाए जाए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब पंचायती राज से साइट प्लान और एस्टिमेट तैयार करवा लिए है।
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बैठने तक की जगह नहीं, स्टाफ और मरीज दोनों परेशान
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात स्टाफ भी बेहद परेशान है। उन्हें बैठने तक की जगह मुहैया नहीं हो पा रही। सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों का स्टाफ किसी गांव में पंचायत घर में तो किसी गांव में लोगों के घर एक कमरा लेकर बैठ रहा है। एक उप स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी आठ से दस के बीच रहती है। कुछ स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं, जहां ओपीडी 15 तक पहुंच जाती है। इन 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 200 मरीज पहुंचते हैं।
इन गांवों में बनेंगे उप स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन
लोहरवाड़ा, मोरवाला, रासीवास, फतेहगढ़, मकड़ाना, मौड़ी, घसोला, बिगोवा, कलियाणा, चांगरोड, चंदेनी, रावलधी, तीजपुरा, मिसरी, बांस, बौंदखुर्द और उण में उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनने हैं और इनका साइट प्लान तैयार कर लिया गया है।
इन तीन और केंद्रों का लिया जाएगा जायजा
स्वास्थ्य विभाग दाडी बाना, अटेलाखुर्द और पैंतावास उपस्वास्थ्य केंद्र के भवनों को भी जल्द ही कंडम घोषित करवा सकता है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है और जल्द ही पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम भवनों का निरीक्षण कर इन भवनों का भविष्य तय करेगी। सूत्रों के अनुसार इन्हें भी कंडम घोषित किया जा सकता है क्योंकि ये काफी पुराने होने के चलते जर्जर है।
उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए 17 गांवों में जगह चिह्नित कर ली गई है। पंचायती राज ने इनका साइट प्लान और एस्टिमेट तैयार कर लिया है। प्रत्येक भवन के निर्माण पर करीब 55 लाख रुपये लागत आने की संभावना है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग