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Charkhi Dadri News: बीमार पशु को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी से रखा जाएगा दूर
Fri, 24 Feb 2023 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 24 Feb 2023 06:16 PM IST
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राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर बैठक लेते उप निदेशक डॉ. सुखदेवी राठी और जसवंत ज
चरखी दादरी। जिले में पहली बार 11 मार्च से आयोजित होने वाली तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में बीमार पशु भाग नहीं ले सकेंगे। इस संदर्भ में अधिकारियों ने शुक्रवार को निर्देश जारी किए हैं। लघु सचिवालय सभागार में प्रदर्शनी के नोडल अधिकारी एवं चंडीगढ़ पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सुखदेव राठी और दादरी उप निदेशक डॉ. जसवंत जून ने तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक निर्देश भी दिए।
बता दें कि जिले में कृषि मंत्री जेपी दलाल के नेतृत्व में लगने वाली राज्य पशुधन प्रदर्शनी में उत्तम नस्ल की गाय, भैंस व अन्य पशु रैंप पर कैटवॉक करते हुए दिखाई देंगे। इसके लिए बाकायदा पहले से ही चिकित्सकों की टीम पशुओं का चयन करेगी। तीन दिन चलने वाला यह आयोजन लगभग 20 एकड़ में होगा और आने वाले वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
उपनिदेशक डॉ. सुखदेव राठी और डॉ. जसवंत जून ने बताया कि प्रदर्शनी को लेकर स्वयं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल विभिन्न स्तरों पर निगरानी कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में ही इस प्रदर्शनी को आयोजन किया जाना है। प्रदर्शनी के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का आगमन भी होगा।
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उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और यह पहली बैठक है, जिसमें आयोजन की तैयारियों की बारीकियों पर मंथन किया जा रहा है। विभाग के मुख्यालय के माध्यम से जल्द ही आयोजन के प्रबंधों के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी जाएंगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी एक दूसरे के साथ सामंजस्य बनाकर काम करें और सुनिश्चित कर लें कि उनके कार्य में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे।
- चिकित्सकों की टीम करेगी पशुओं की जांच
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी के लिए पशुओं का चयन करते समय संबंधित चिकित्सकों की टीम पूरी तरह से जांच कर ले और किसी भी हाल में बीमार पशु को प्रदर्शनी में आने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। चारे के आसपास आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर समय पानी की व्यवस्था हो। पशुओं को नहलाने के लिए पानी अलग स्थान पर उपलब्ध करवाएं।
- 24 घंटे चलेगा हेल्प डेस्क, पशुपालकों को मिलेगी उम्मीद
डॉ. जसवंत जून ने बताया कि प्रदर्शनी स्थल पर 24 घंटे चलने वाला हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा और वहीं पर शिकायत केंद्र भी होगा। यहां आने वाली प्रत्येक शिकायत का समाधान समय पर होना चाहिए। इन सुविधाओं से पशुपालकों को राहत मिलेगी।
- पशुओं और किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
इस प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पशुओं के लिए विभाग की ओर से अलग-अलग ब्रीड के अनुसार अलग-अलग स्थान बनाए जाएंगे। उनके खाने व रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। पशुओं को प्रदर्शनी स्थल तक लाने और ले जाने की व्यवस्था का खर्च भी विभाग की ओर से वहन किया जाएगा। यही नहीं पशुओं के साथ आने वाले पशुपालकों के लिए भी निशुल्क रहने व खाने की व्यवस्था होगी। प्रदर्शनी को देखने के लिए आने वाले किसानों और लोगों को भी निशुल्क यात्रा और खाने की सुविधा दी जाएगा।
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बता दें कि जिले में कृषि मंत्री जेपी दलाल के नेतृत्व में लगने वाली राज्य पशुधन प्रदर्शनी में उत्तम नस्ल की गाय, भैंस व अन्य पशु रैंप पर कैटवॉक करते हुए दिखाई देंगे। इसके लिए बाकायदा पहले से ही चिकित्सकों की टीम पशुओं का चयन करेगी। तीन दिन चलने वाला यह आयोजन लगभग 20 एकड़ में होगा और आने वाले वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
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उपनिदेशक डॉ. सुखदेव राठी और डॉ. जसवंत जून ने बताया कि प्रदर्शनी को लेकर स्वयं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल विभिन्न स्तरों पर निगरानी कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में ही इस प्रदर्शनी को आयोजन किया जाना है। प्रदर्शनी के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का आगमन भी होगा।
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उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और यह पहली बैठक है, जिसमें आयोजन की तैयारियों की बारीकियों पर मंथन किया जा रहा है। विभाग के मुख्यालय के माध्यम से जल्द ही आयोजन के प्रबंधों के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी जाएंगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी एक दूसरे के साथ सामंजस्य बनाकर काम करें और सुनिश्चित कर लें कि उनके कार्य में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे।
- चिकित्सकों की टीम करेगी पशुओं की जांच
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी के लिए पशुओं का चयन करते समय संबंधित चिकित्सकों की टीम पूरी तरह से जांच कर ले और किसी भी हाल में बीमार पशु को प्रदर्शनी में आने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। चारे के आसपास आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर समय पानी की व्यवस्था हो। पशुओं को नहलाने के लिए पानी अलग स्थान पर उपलब्ध करवाएं।
- 24 घंटे चलेगा हेल्प डेस्क, पशुपालकों को मिलेगी उम्मीद
डॉ. जसवंत जून ने बताया कि प्रदर्शनी स्थल पर 24 घंटे चलने वाला हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा और वहीं पर शिकायत केंद्र भी होगा। यहां आने वाली प्रत्येक शिकायत का समाधान समय पर होना चाहिए। इन सुविधाओं से पशुपालकों को राहत मिलेगी।
- पशुओं और किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
इस प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पशुओं के लिए विभाग की ओर से अलग-अलग ब्रीड के अनुसार अलग-अलग स्थान बनाए जाएंगे। उनके खाने व रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। पशुओं को प्रदर्शनी स्थल तक लाने और ले जाने की व्यवस्था का खर्च भी विभाग की ओर से वहन किया जाएगा। यही नहीं पशुओं के साथ आने वाले पशुपालकों के लिए भी निशुल्क रहने व खाने की व्यवस्था होगी। प्रदर्शनी को देखने के लिए आने वाले किसानों और लोगों को भी निशुल्क यात्रा और खाने की सुविधा दी जाएगा।