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Charkhi Dadri News: श्रीराम ने तोड़ा धनुष, सीता ने डाली वरमाला
Tue, 17 Oct 2023 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 17 Oct 2023 01:46 AM IST
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रामलीला मंचन के दौरान सीता स्वयंवर में धनुष उठाए हुए श्रीराम का किरदार निभाने वाला कलाकार।
चरखी दादरी। पुराना शहर स्थित रामलीला मैदान में चौथे दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर की घोषणा व रावण-बाणासुर संवाद का सजीवता से मंचन किया। कलाकारों की ओर से सजीवता के साथ किया गया लीलाओं का मंचन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
प्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कलाकारों ने सीता माता द्वारा गौरी पूजन व मनचाहा वर मांगने के लिए प्रार्थना करने के प्रसंग का मनोहारी मंचन किया। राजा जनक द्वारा सीता स्वयंवर की घोषणा करना, सभी राजाओं को निमंत्रण भेजना व रावण बाणासुर के संवाद का सजीवता से मंचन किया गया। इसके उपरांत सीता स्वयंवर का आयोजन, पूरी पृथ्वी एवं देव लोक से बलशाली राजाओं का स्वयंवर में शामिल होना व राजा जनक की बेटी सीता के विवाह के लिए रखी गई शर्त अनुसार भगवान शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के प्रसंग का भव्य मंचन किया गया।
स्वयंवर में बलशाली राजाओं का धनुष तोड़ने में विफल हो जाने और इस पर राजा जनक व सीता के परिजनों का दुखी होना, राम-लक्ष्मण का सीता स्वयंवर में पहुंचना, राजा जनक द्वारा उनका स्वागत करना, संत वशिष्ट की आज्ञा के उपरांत राम द्वारा भगवान शिव के धनुष को आसानी से प्रत्यंचा पर चढ़ा देने व सीता द्वारा श्रीराम के गले में वरमाला डालने के प्रसंगों का शानदार मंचन किया गया।
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ये गण्यमान्य लोग रहे मौजूद
रामलीला मंचन के दौरान चेयरमैन जयभगवान मस्ताना, कार्यकारी अध्यक्ष रिंपी फौगाट, शिवकुमार शर्मा, अखिलेश बंसल, राजेंद्र , अजय शर्मा, रोहताश शर्मा, अन्नी, बजरंग लाल शर्मा, हरीश गर्ग, दयानंद सोनी, रोशनलाल, विनोद, विजय, दिनेश, हनुमान प्रसाद, आनंद, राजकुमार बंसल, केशव, सतबीर, धीरज जैन, मुकेश, मनीराम, जगदीश सोनी, निशु व यामि आदि मौजूद रहे।
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प्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कलाकारों ने सीता माता द्वारा गौरी पूजन व मनचाहा वर मांगने के लिए प्रार्थना करने के प्रसंग का मनोहारी मंचन किया। राजा जनक द्वारा सीता स्वयंवर की घोषणा करना, सभी राजाओं को निमंत्रण भेजना व रावण बाणासुर के संवाद का सजीवता से मंचन किया गया। इसके उपरांत सीता स्वयंवर का आयोजन, पूरी पृथ्वी एवं देव लोक से बलशाली राजाओं का स्वयंवर में शामिल होना व राजा जनक की बेटी सीता के विवाह के लिए रखी गई शर्त अनुसार भगवान शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के प्रसंग का भव्य मंचन किया गया।
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स्वयंवर में बलशाली राजाओं का धनुष तोड़ने में विफल हो जाने और इस पर राजा जनक व सीता के परिजनों का दुखी होना, राम-लक्ष्मण का सीता स्वयंवर में पहुंचना, राजा जनक द्वारा उनका स्वागत करना, संत वशिष्ट की आज्ञा के उपरांत राम द्वारा भगवान शिव के धनुष को आसानी से प्रत्यंचा पर चढ़ा देने व सीता द्वारा श्रीराम के गले में वरमाला डालने के प्रसंगों का शानदार मंचन किया गया।
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ये गण्यमान्य लोग रहे मौजूद
रामलीला मंचन के दौरान चेयरमैन जयभगवान मस्ताना, कार्यकारी अध्यक्ष रिंपी फौगाट, शिवकुमार शर्मा, अखिलेश बंसल, राजेंद्र , अजय शर्मा, रोहताश शर्मा, अन्नी, बजरंग लाल शर्मा, हरीश गर्ग, दयानंद सोनी, रोशनलाल, विनोद, विजय, दिनेश, हनुमान प्रसाद, आनंद, राजकुमार बंसल, केशव, सतबीर, धीरज जैन, मुकेश, मनीराम, जगदीश सोनी, निशु व यामि आदि मौजूद रहे।