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आरटीए टीम का पीछा कर व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की लोकेशन, स्कॉर्पियो सवार चार गिरफ्तार
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चरखी दादरी। आरटीए टीम की रैकी करने का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार टीम ने स्कॉर्पियो सवार चारों आरोपियों के नाम पुलिस को दी शिकायत में बताए थे, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। डीटीओ दर्शना भारद्वाज की शिकायत पर उनके खिलाफ सदर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों से पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है। वहीं, डीटीओ का आरोप है कि आरोपी उनकी टीम की रैकी कर व्हाट्सएप ग्रुप में लोकेशन शेयर कर रहे थे।
पुलिस को दी शिकायत में डीटीओ दर्शना भारद्वाज ने बताया कि वीरवार को उनकी टीम रासीवास के समीप मौजूद थी। उसी दौरान टीम की नजर एक स्कॉर्पियो पर पड़ी। दर्शना भारद्वाज ने बताया कि स्कॉर्पियो गाड़ी लगातार उनकी टीम का पीछा कर रही थी। जिस आधार पर उन्हें शक हुआ कि स्कॉर्पियो सवार उनकी लोकेशन ओवरलोड माफिया के पास शेयर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टीम को ये भी आभास हुआ कि उनका पीछा कर रहे लोग टीम की फोटो खींचकर कहीं भेज रहे हैं।
इस आधार पर उन्होंने अपनी टीम सदस्यों के साथ स्कॉर्पियो को चैक किया, तो उसमें चार लोग सवार मिले। गाड़ी में बैठे व्यक्तियों का नाम और पता पूछा तो उनकी पहचान खोरडा निवासी नरेश कुमार, मुकेश, सुरेंद्र व कपिल के रूप में हुई। डीटीओ ने बताया कि स्कॉर्पियो नरेश चला रहा था और उसके पास से एक सैमसंग का मोबाइल बरामद हुआ। डीटीओ का आरोप है कि नरेश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध तरीके से सरकारी गाड़ी की लोकेशन ट्रांसपोर्टरों को भेजकर ओवरलोड वाहनों को धोखाधड़ी से निकालकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है। इस शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
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- डोहकी से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी -
सदर थाना पुलिस टीम ने अभियोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को डोहकी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान नरेश कुमार, मुकेश, सुरेंद्र व कपिल के रूप में हुई। पुलिस टीम ने आरोपियों से स्कॉर्पियो भी बरामद की है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
- दो गाड़ियों में मिल चुके जीपीएस -
ओवरलोड माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि वो सरकारी गाड़ी में जीपीएस तक लगा देते हैं। इसकी बानगी गत फरवरी माह में देखने को मिल चुकी है। आरटीए विभाग की दो सरकारी गाड़ियों में पिछले माह ही जीपीएस लगा मिला था और एक गाड़ी तो डीटीओ दर्शना भारद्वाज की ही थी।
- लोकेशन बताकर बदलवा देते हैं ओवरलोड गाड़ियों का रूट -
विभागीय अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए निकली टीम का कार्यालय के बाहर से ही पीछा शुरू कर दिया जाता है। जिस दिशा में टीम जाती है, उसी दिशा में टीम के पीछे निजी गाड़ियां दौड़ा दी जाती हैं। इसके बाद टीम की लोकेशन को व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया जाता है, जिससे ओवरलोड वाहनों का रूट ही बदल जाता है और वो टीम को गच्चा देकर अप्रोच सड़कों से निकलने में कामयाब हो जाते हैं।
वर्जन::
रासीवास के समीप चैकिंग के दौरान टीम की रैकी का आभास हुआ। मैंने वीरवार को ही इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी थी। हमारा चैकिंग अभियान लगातार जारी रहेगी।
- दर्शना भारद्वाज, डीटीओ।
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वर्जन:
डीटीओ ने सदर थाना पुलिस को आरटीए टीम की रैकी कर व्हाट्स एप ग्रुप में लोकेशन शेयर करने की शिकयत दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ जारी है।
- पवन कुमार, पुलिस प्रवक्ता।
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पुलिस को दी शिकायत में डीटीओ दर्शना भारद्वाज ने बताया कि वीरवार को उनकी टीम रासीवास के समीप मौजूद थी। उसी दौरान टीम की नजर एक स्कॉर्पियो पर पड़ी। दर्शना भारद्वाज ने बताया कि स्कॉर्पियो गाड़ी लगातार उनकी टीम का पीछा कर रही थी। जिस आधार पर उन्हें शक हुआ कि स्कॉर्पियो सवार उनकी लोकेशन ओवरलोड माफिया के पास शेयर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टीम को ये भी आभास हुआ कि उनका पीछा कर रहे लोग टीम की फोटो खींचकर कहीं भेज रहे हैं।
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इस आधार पर उन्होंने अपनी टीम सदस्यों के साथ स्कॉर्पियो को चैक किया, तो उसमें चार लोग सवार मिले। गाड़ी में बैठे व्यक्तियों का नाम और पता पूछा तो उनकी पहचान खोरडा निवासी नरेश कुमार, मुकेश, सुरेंद्र व कपिल के रूप में हुई। डीटीओ ने बताया कि स्कॉर्पियो नरेश चला रहा था और उसके पास से एक सैमसंग का मोबाइल बरामद हुआ। डीटीओ का आरोप है कि नरेश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध तरीके से सरकारी गाड़ी की लोकेशन ट्रांसपोर्टरों को भेजकर ओवरलोड वाहनों को धोखाधड़ी से निकालकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है। इस शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
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- डोहकी से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी -
सदर थाना पुलिस टीम ने अभियोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को डोहकी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान नरेश कुमार, मुकेश, सुरेंद्र व कपिल के रूप में हुई। पुलिस टीम ने आरोपियों से स्कॉर्पियो भी बरामद की है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
- दो गाड़ियों में मिल चुके जीपीएस -
ओवरलोड माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि वो सरकारी गाड़ी में जीपीएस तक लगा देते हैं। इसकी बानगी गत फरवरी माह में देखने को मिल चुकी है। आरटीए विभाग की दो सरकारी गाड़ियों में पिछले माह ही जीपीएस लगा मिला था और एक गाड़ी तो डीटीओ दर्शना भारद्वाज की ही थी।
- लोकेशन बताकर बदलवा देते हैं ओवरलोड गाड़ियों का रूट -
विभागीय अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए निकली टीम का कार्यालय के बाहर से ही पीछा शुरू कर दिया जाता है। जिस दिशा में टीम जाती है, उसी दिशा में टीम के पीछे निजी गाड़ियां दौड़ा दी जाती हैं। इसके बाद टीम की लोकेशन को व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया जाता है, जिससे ओवरलोड वाहनों का रूट ही बदल जाता है और वो टीम को गच्चा देकर अप्रोच सड़कों से निकलने में कामयाब हो जाते हैं।
वर्जन::
रासीवास के समीप चैकिंग के दौरान टीम की रैकी का आभास हुआ। मैंने वीरवार को ही इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी थी। हमारा चैकिंग अभियान लगातार जारी रहेगी।
- दर्शना भारद्वाज, डीटीओ।
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वर्जन:
डीटीओ ने सदर थाना पुलिस को आरटीए टीम की रैकी कर व्हाट्स एप ग्रुप में लोकेशन शेयर करने की शिकयत दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ जारी है।
- पवन कुमार, पुलिस प्रवक्ता।