{"_id":"614f6eb78ebc3e04b9361bcf","slug":"sewer-line-on-boom-systems-crumble-charkhidadri-news-hsr6127413143","type":"story","status":"publish","title_hn":"उफान पर सीवर लाइन, व्यवस्थाएं चरमराई...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उफान पर सीवर लाइन, व्यवस्थाएं चरमराई...
विज्ञापन
वार्ड-11 में ठप सीवर व्यवस्था के चलते घर के अंदर भरा पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरखी दादरी। 48 घंटे से बारिश नहीं हुई है। इसके बाद भी शहर में जलभराव की स्थिति बरकरार है। शहर कीं सीवर लाइन उफान पर हैं और गली व सड़कों पर काला व बदबूदार पानी भरा हुआ है, जो बीमारियों को न्योता दे रहा है। कुछ वार्डों में तो घरों के अंदर तक यह पानी पहुंच चुका है और लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल बना हुआ है। शहर के 70 फीसदी क्षेत्र में बारिश के बाद से ही सीवरेज व्यवस्था चरमराई हुई है। दूसरी ओर प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयास नाकाफी सिद्ध हुए हैं।
इस मानसून की बारिश ने शहर के लचर सीवर सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। गनीमत रही 21, 22 व 23 सितंबर को तीन दिन की बारिश के बाद यह सिलसिला आगे नहीं बढ़ा है। शहर के विकट हालातों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 48 घंटे से बारिश न होने के बाद भी शहर को जलभराव से राहत नहीं मिली है। संवाददाता ने शनिवार को ठप सीवर व्यवस्था वाले वार्डों में जाकर जायजा लिया तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। वार्ड-11 में तो कई घरों के आंगन में सीवर लाइनों का दूषित पानी भरा हुआ है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि उनका तो चूल्हा भी आंगन में ही जलता है, लेकिन दूषित और बदबूदार पानी भरने से रहना तक मुश्किल हो गया है।
दूसरी ओर संवाददाता ने जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की भी पड़ताल की। इस दौरान रोहतक फाटक पर एक पंप सेट चलता मिला, जिसके जरिये शहर के पानी का उठान कर फाटक से आगे चंपापुरी की तरफ प्लास्टिक पाइप लाइन के जरिये निकासी की जा रही है। यहां पानी धीमी गति से हो रहा था। दूसरी ओर डूंगरवाला जोहड़ के पास भी मोटर रखी मिली, जो बंद थी। इसके अलावा रोहतक रोड पर डीसी और अन्य अधिकारियों के आवास के पास से भी पानी की निकासी नहीं हो पाई। ठप सीवरेज व्यवस्था के चलते शहर के 50 हजार से अधिक लोग परेशानियां झेल रहे हैं और उनमें स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
यहां भरा सीवर लाइनों का दूषित पानी
शहर में 20 से अधिक जगहों पर सीवर लाइन का पानी भरा हुआ है। इनमें शनि मंदिर वाली गली, शहीद भगत सिंह मार्केट, वार्ड-17, हरि नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, वाल्मीकि बस्ती, वार्ड-11, गोशाला मौहल्ला, घिकाड़ा रोड स्थित सैनिक कैंटीन के समीप गली में, परशुराम चौक के पास, नगर परिषद कार्यालय में, शिव मंदिर में, रोहतक फाटक के पास समेत अन्य जगहों पर बदबूदार पानी भरा हुआ है।
स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं दूषित पानी वाला वातावरण : डिप्टी सीएमओ
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि दूषित पानी घरों के आसपास भरे रहना स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। बारिश के मौसम में तो यह और घातक है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में हमें स्वास्थ्य की तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हमारे आसपास का वातावरण स्वच्छ और शुद्ध होना बेहद आवश्यक है, अन्यथा बीमारियों की चपेट में आने की संभावना रहती है।
पानी निकासी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। गलियों में भरे सीवर पानी की निकासी और सीवर लाइनों की ब्लॉकेज खोलने के आदेश विभाग को दे चुके हैं। लोगों से अपील है कि सहयोग करें, जल्द ही व्यवस्था में सुधार कर दिया जाएगा।
अमित मान, नगराधीश, चरखी दादरी
विज्ञापन
इस मानसून की बारिश ने शहर के लचर सीवर सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। गनीमत रही 21, 22 व 23 सितंबर को तीन दिन की बारिश के बाद यह सिलसिला आगे नहीं बढ़ा है। शहर के विकट हालातों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 48 घंटे से बारिश न होने के बाद भी शहर को जलभराव से राहत नहीं मिली है। संवाददाता ने शनिवार को ठप सीवर व्यवस्था वाले वार्डों में जाकर जायजा लिया तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। वार्ड-11 में तो कई घरों के आंगन में सीवर लाइनों का दूषित पानी भरा हुआ है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि उनका तो चूल्हा भी आंगन में ही जलता है, लेकिन दूषित और बदबूदार पानी भरने से रहना तक मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
दूसरी ओर संवाददाता ने जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की भी पड़ताल की। इस दौरान रोहतक फाटक पर एक पंप सेट चलता मिला, जिसके जरिये शहर के पानी का उठान कर फाटक से आगे चंपापुरी की तरफ प्लास्टिक पाइप लाइन के जरिये निकासी की जा रही है। यहां पानी धीमी गति से हो रहा था। दूसरी ओर डूंगरवाला जोहड़ के पास भी मोटर रखी मिली, जो बंद थी। इसके अलावा रोहतक रोड पर डीसी और अन्य अधिकारियों के आवास के पास से भी पानी की निकासी नहीं हो पाई। ठप सीवरेज व्यवस्था के चलते शहर के 50 हजार से अधिक लोग परेशानियां झेल रहे हैं और उनमें स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
यहां भरा सीवर लाइनों का दूषित पानी
शहर में 20 से अधिक जगहों पर सीवर लाइन का पानी भरा हुआ है। इनमें शनि मंदिर वाली गली, शहीद भगत सिंह मार्केट, वार्ड-17, हरि नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, वाल्मीकि बस्ती, वार्ड-11, गोशाला मौहल्ला, घिकाड़ा रोड स्थित सैनिक कैंटीन के समीप गली में, परशुराम चौक के पास, नगर परिषद कार्यालय में, शिव मंदिर में, रोहतक फाटक के पास समेत अन्य जगहों पर बदबूदार पानी भरा हुआ है।
स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं दूषित पानी वाला वातावरण : डिप्टी सीएमओ
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि दूषित पानी घरों के आसपास भरे रहना स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। बारिश के मौसम में तो यह और घातक है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में हमें स्वास्थ्य की तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हमारे आसपास का वातावरण स्वच्छ और शुद्ध होना बेहद आवश्यक है, अन्यथा बीमारियों की चपेट में आने की संभावना रहती है।
पानी निकासी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। गलियों में भरे सीवर पानी की निकासी और सीवर लाइनों की ब्लॉकेज खोलने के आदेश विभाग को दे चुके हैं। लोगों से अपील है कि सहयोग करें, जल्द ही व्यवस्था में सुधार कर दिया जाएगा।
अमित मान, नगराधीश, चरखी दादरी

वाल्मीकि नगर में भरा दूषित पानी और रोष जताते लोग।- फोटो : CharkhiDadri