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Charkhi Dadri News: 35 गांवों के सरपंचों ने रोष बैठक आयोजित कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, सीएम को ज्ञापन भेजा
Sat, 31 Jan 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:09 AM IST
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बाढड़ा। उपमंडल के 35 गांवों के सरपंचों ने ग्राम सभा में लगाई शर्तों को वापस लेने की मांग के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। कस्बे के जुई रोड स्थित बीडीपीओ कार्यालय में सरपंच एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सूबेदार रामचंद्र उमरवास की अगुवाई में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरपंचों ने ग्रामसभा के लिए लगाई गई नई शर्तों को वापस लेने की मांग की। सरपंच रामचंद्र उमरवास ने कहा कि ग्राम सभाओं में प्रथम बैठक में 40 प्रतिशत, दूसरी बार 30 प्रतिशत व तीसरी बैठक में अनिवार्य तौर पर 20 प्रतिशत जनभागीदारी होना आवश्यक किया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला ग्राम पंचायत की मजबूती को कमजोर कर रहा है। सरपंच इससे परेशान हैं। इससे गांवों में विकास कार्य व अन्य योजनाओं को पूरा करवाने में बाधा आएगी।
रामचंद्र ने कहा कि हरियाणा की पंचायतीराज प्रणाली राष्ट्र में अव्वल है। हरियाणा के पंच-सरपंच शिक्षित वर्ग से है जबकि सरकार उनके साथ अशिक्षित वर्ग जैसा व्यवहार कर रही है। प्रदेश सरकार जमीनी हकीकत जाने बिना ही हरियाणा पंचायतीराज व्यवस्था पर नियमों को थोंप रही है। उन्होंने कहा कि बैठक में 40 प्रतिशत उपस्थिति कैसे संभव है। इस विषय में सीएम नायब सिंह सैनी को सारी स्थिति से अवगत करवाया जा चुका है। सरपंच रमेश ने कहा कि सरकार बार-बार नए नियमों को लागू कर विकास को प्रभावित कर रही है। सरकार के इस फैसले से जनप्रतिनिधियों के अलावा आमजन में भी रोष बना हुआ है। इस फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए। इस अवसर पर सरपंच शमशेर सिंह, संदीप, सरपंच सुनील हड़ौदी, प्रद्युम्न शर्मा लाड, सरपंच अशोक, सरपंच रमेश, सरपंच कुलदीप डोहका, रेणूबाला आदि मौजूद रहे।
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रामचंद्र ने कहा कि हरियाणा की पंचायतीराज प्रणाली राष्ट्र में अव्वल है। हरियाणा के पंच-सरपंच शिक्षित वर्ग से है जबकि सरकार उनके साथ अशिक्षित वर्ग जैसा व्यवहार कर रही है। प्रदेश सरकार जमीनी हकीकत जाने बिना ही हरियाणा पंचायतीराज व्यवस्था पर नियमों को थोंप रही है। उन्होंने कहा कि बैठक में 40 प्रतिशत उपस्थिति कैसे संभव है। इस विषय में सीएम नायब सिंह सैनी को सारी स्थिति से अवगत करवाया जा चुका है। सरपंच रमेश ने कहा कि सरकार बार-बार नए नियमों को लागू कर विकास को प्रभावित कर रही है। सरकार के इस फैसले से जनप्रतिनिधियों के अलावा आमजन में भी रोष बना हुआ है। इस फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए। इस अवसर पर सरपंच शमशेर सिंह, संदीप, सरपंच सुनील हड़ौदी, प्रद्युम्न शर्मा लाड, सरपंच अशोक, सरपंच रमेश, सरपंच कुलदीप डोहका, रेणूबाला आदि मौजूद रहे।
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