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Charkhi Dadri News: बंद पड़े क्रशर से ई-रवाना पोर्टल पर दिखा डाली 1.18 लाख एमटी खनिज की बिक्री
Wed, 06 Sep 2023 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 06 Sep 2023 11:28 PM IST
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हनी सोनी
चरखी दादरी। दादरी खनन विभाग ने एक क्रशर संचालक और यमुनानगर के रेत अवैध खनन माफिया की मिलीभगत कर सरकार के साथ तीन करोड़ की जालसाजी पकड़ी है। दोनों सांठगांठ कर चरखी दादरी क्रशर के खनिज बिलों के जरिये यमुनानगर में हुए रेत के अवैध खनन को वैध दिखा रहे थे। खनन अधिकारियों की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जुलाई से 4 सितंबर 2023 तक ई-रवाना पोर्टल पर क्रशर से करीब तीन करोड़ के खनिज की बिक्री यमुनानगर में दिखाई गई। हकीकत में क्रशर से खनिज यमुनानगर भेजा ही नहीं गया।
दरअसल, दादरी के पिचोपा कलां स्थित शारदा स्टोन क्रशर संचालक ने ई-रवाना पोर्टल पर दो माह में 1.18 लाख एमटी खनिज की बिक्री दिखा डाली। क्रशर संचालक की ओर से यमुनानगर खनिज की 2174 गाड़ियां भेजनी दर्शाई गई। इसके चलते दादरी खनन विभाग अधिकारियों को संदेह हुआ और पांच सितंबर को टीम निरीक्षण करने शारदा स्टोन क्रशर पर पहुंची।
चार सदस्यीय टीम में खनन निरीक्षक कोमल कुमार समेत खनन रक्षक ओमप्रकाश और संदीप समेत कांस्टेबल सोनू शामिल रहे। टीम जब पहुंची तो क्रशर न तो चालू मिला और न वहां कोई मशीनरी मिली। इतना ही नहीं वहां खनिज का स्टॉक भी नहीं मिला, जबकि चार सितंबर को वहां से ई-रवाना पोर्टल पर खनिज की बिक्री दिखाई गई। इस पर संज्ञान लेकर टीम ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी। वहीं, शारदा स्टोन क्रशर संचालक पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए रेवाड़ी स्थित हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो को शिकायत भी दी गई है, जिसमें विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर करने की सिफारिश की गई है। संवाद
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- हर माह दिखाई एक हजार गाड़ी खनिज की बिक्री
क्रशर संचालक ने जुलाई, अगस्त और चार सितंबर तक ई-रवाना पोर्टल पर यमुनानगर 2174 गाड़ी खनिज की बिक्री दिखाई। इस लिहाज से एक माह में करीब एक हजार और एक दिन में 34 गाड़ी खनिज बेचा गया। वहीं, क्रशर के हालात देखकर टीम को लगा कि यहां कई माह से काम ही नहीं हो रहा। हालांकि क्रशर लाइसेंस की वैधता नवंबर 2023 तक है।
- एक बार पहले भी संचालक पर लग चुका जुर्माना
इस क्रशर पर फर्जीवाड़ा करने का एक मामला पहले भी पकड़ा गया है। इस दौरान भी संचालक पर जुर्माना लगाया गया था और 20 जुलाई 2021 को उसने 6 लाख 39 हजार रुपये का जुर्माना भर दिया था।
30-35 लाख का राजस्व देकर कमाए तीन करोड़
खनन विभाग के अधिकारी ने बताया कि ई-रवाना पोर्टल पर जुलाई, अगस्त और सितंबर में 4 तारीख तक खनिज के जो बिल डाले गए उनके अनुसार कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बनती है। इसकी एवज में राजस्व 30 से 35 लाख रुपये बनता है। दादरी के खनिज जितनी कीमत की रेत यमुनानगर में बह रही यमुना नदी से अवैध खनन कर निकाली गई है। ऐसे में स्पष्ट है कि जालसाजी के जरिये करीब तीन करोड़ रेती बेचकर कमाए गए।
फरवरी में भी पकड़ा जा चुका ऐसा ही एक मामला
दादरी खनन विभाग ने फरवरी 2023 में भी ऐसा ही एक मामला पकड़ा था। उसमें एमडीएल (मिनरल डीलर लाइसेंस) का दुरुपयोग करने की ट्रिक पकड़ी गई थी। उस मामले के तार भी यमुनानगर से जुड़े मिले थे और खनन विभाग ने एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उस मामले का आरोपी अभी जेल में ही है।
शारदा स्टोन क्रशर पर जब टीम पहुंची तो वहां मशीनरी और खनिज नहीं मिला। ऑफिस भी चालू नहीं था। एक बार पहले भी क्रशर संचालक की जालसाजी पकड़ी जा चुकी है। इस बार किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। रेवाड़ी एचएसईडब्ल्यू को शिकायत देकर मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
कोमल कुमार, खनन निरीक्षक, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। दादरी खनन विभाग ने एक क्रशर संचालक और यमुनानगर के रेत अवैध खनन माफिया की मिलीभगत कर सरकार के साथ तीन करोड़ की जालसाजी पकड़ी है। दोनों सांठगांठ कर चरखी दादरी क्रशर के खनिज बिलों के जरिये यमुनानगर में हुए रेत के अवैध खनन को वैध दिखा रहे थे। खनन अधिकारियों की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जुलाई से 4 सितंबर 2023 तक ई-रवाना पोर्टल पर क्रशर से करीब तीन करोड़ के खनिज की बिक्री यमुनानगर में दिखाई गई। हकीकत में क्रशर से खनिज यमुनानगर भेजा ही नहीं गया।
दरअसल, दादरी के पिचोपा कलां स्थित शारदा स्टोन क्रशर संचालक ने ई-रवाना पोर्टल पर दो माह में 1.18 लाख एमटी खनिज की बिक्री दिखा डाली। क्रशर संचालक की ओर से यमुनानगर खनिज की 2174 गाड़ियां भेजनी दर्शाई गई। इसके चलते दादरी खनन विभाग अधिकारियों को संदेह हुआ और पांच सितंबर को टीम निरीक्षण करने शारदा स्टोन क्रशर पर पहुंची।
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चार सदस्यीय टीम में खनन निरीक्षक कोमल कुमार समेत खनन रक्षक ओमप्रकाश और संदीप समेत कांस्टेबल सोनू शामिल रहे। टीम जब पहुंची तो क्रशर न तो चालू मिला और न वहां कोई मशीनरी मिली। इतना ही नहीं वहां खनिज का स्टॉक भी नहीं मिला, जबकि चार सितंबर को वहां से ई-रवाना पोर्टल पर खनिज की बिक्री दिखाई गई। इस पर संज्ञान लेकर टीम ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी। वहीं, शारदा स्टोन क्रशर संचालक पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए रेवाड़ी स्थित हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो को शिकायत भी दी गई है, जिसमें विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर करने की सिफारिश की गई है। संवाद
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- हर माह दिखाई एक हजार गाड़ी खनिज की बिक्री
क्रशर संचालक ने जुलाई, अगस्त और चार सितंबर तक ई-रवाना पोर्टल पर यमुनानगर 2174 गाड़ी खनिज की बिक्री दिखाई। इस लिहाज से एक माह में करीब एक हजार और एक दिन में 34 गाड़ी खनिज बेचा गया। वहीं, क्रशर के हालात देखकर टीम को लगा कि यहां कई माह से काम ही नहीं हो रहा। हालांकि क्रशर लाइसेंस की वैधता नवंबर 2023 तक है।
- एक बार पहले भी संचालक पर लग चुका जुर्माना
इस क्रशर पर फर्जीवाड़ा करने का एक मामला पहले भी पकड़ा गया है। इस दौरान भी संचालक पर जुर्माना लगाया गया था और 20 जुलाई 2021 को उसने 6 लाख 39 हजार रुपये का जुर्माना भर दिया था।
30-35 लाख का राजस्व देकर कमाए तीन करोड़
खनन विभाग के अधिकारी ने बताया कि ई-रवाना पोर्टल पर जुलाई, अगस्त और सितंबर में 4 तारीख तक खनिज के जो बिल डाले गए उनके अनुसार कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बनती है। इसकी एवज में राजस्व 30 से 35 लाख रुपये बनता है। दादरी के खनिज जितनी कीमत की रेत यमुनानगर में बह रही यमुना नदी से अवैध खनन कर निकाली गई है। ऐसे में स्पष्ट है कि जालसाजी के जरिये करीब तीन करोड़ रेती बेचकर कमाए गए।
फरवरी में भी पकड़ा जा चुका ऐसा ही एक मामला
दादरी खनन विभाग ने फरवरी 2023 में भी ऐसा ही एक मामला पकड़ा था। उसमें एमडीएल (मिनरल डीलर लाइसेंस) का दुरुपयोग करने की ट्रिक पकड़ी गई थी। उस मामले के तार भी यमुनानगर से जुड़े मिले थे और खनन विभाग ने एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उस मामले का आरोपी अभी जेल में ही है।
शारदा स्टोन क्रशर पर जब टीम पहुंची तो वहां मशीनरी और खनिज नहीं मिला। ऑफिस भी चालू नहीं था। एक बार पहले भी क्रशर संचालक की जालसाजी पकड़ी जा चुकी है। इस बार किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। रेवाड़ी एचएसईडब्ल्यू को शिकायत देकर मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
कोमल कुमार, खनन निरीक्षक, चरखी दादरी