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Charkhi Dadri News: दादरी डिवीजन के गांवों में बाढ़ प्रबंधन के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर
Sat, 02 Mar 2024 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 02 Mar 2024 12:23 AM IST
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चरखी दादरी। सिंचाई विभाग के दादरी डिवीजन के तहत आने वाले विभिन्न गांवों में बाढ़ के पानी का प्रबंधन करने के लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत इन गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी और पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाएगा। वहीं, सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बता दें कि जिले के विभिन्न गांवों में बारिश के सीजन में जलभराव होता है जिससे खेती में नुकसान होता है। बारिश के पानी से लंबे समय तक जलभराव बना रहता है जिससे किसानों को दो फसलों का नुकसान झेलना पड़ता है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मुआवजा के रूप में मोटा बजट खर्च पड़ता है ऐसे में सरकार की योजना है कि हर साल मुआवजा देने के बजाय एक बार ही इस समस्या का समाधान कर दिया ताकि किसान को भी नुकसान न होे और सरकार के पैसे की भी बचत हो।
अब कुछ दिन पहले ही सरकार ने बजट राशि मंजूरी कर दी है। इस बजट से गांव पांडवान, रासीवास, खातीवास, समसपुर, मोरवाला, इमलोटा सहित कई अन्य गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी ताकि पानी की निकासी का स्थायी तौर पर प्रबंध हो जाए और किसान को नुकसान न झेलना पड़े। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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- जुलाई तक काम पूरा करने की योजना
सिंचाई विभाग की योजना है कि जुलाई माह में बारिश सीजन से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। रबी की फसलों की कटाई होने पर इस काम को तेजी से पूरा कर दिया जाए ताकि लाइन बिछाते समय किसानों की फसलों को भी नुकसान नहीं होगा। रबी फसल कटने पर अप्रैल माह में खेत खाली हो जाते हैं ऐसे में इस काम को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
5000 एकड़ भूमि होती है प्रभावित
मानसून सीजन की बात करें तो हर साल जिले में जलभराव के चलते कृषि योग्य 5000 एकड़ भूमि प्रभावित होती है। खेतों में जलभराव होने के कारण किसान दो फसल नहीं ले पाते। अब विभाग के प्रयास धरातल पर सिरे चढ़ने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
बारिश सीजन में बाढ़ के पानी के प्रबंध के लिए 25 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर किसानों को भी फायदा होगा और सरकार को भी मुआवजा नहीं देना पड़ेगा। किसानों की समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा। इस पानी को पाइप लाइन से नहरों में डाला जाएगा।
सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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बता दें कि जिले के विभिन्न गांवों में बारिश के सीजन में जलभराव होता है जिससे खेती में नुकसान होता है। बारिश के पानी से लंबे समय तक जलभराव बना रहता है जिससे किसानों को दो फसलों का नुकसान झेलना पड़ता है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मुआवजा के रूप में मोटा बजट खर्च पड़ता है ऐसे में सरकार की योजना है कि हर साल मुआवजा देने के बजाय एक बार ही इस समस्या का समाधान कर दिया ताकि किसान को भी नुकसान न होे और सरकार के पैसे की भी बचत हो।
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अब कुछ दिन पहले ही सरकार ने बजट राशि मंजूरी कर दी है। इस बजट से गांव पांडवान, रासीवास, खातीवास, समसपुर, मोरवाला, इमलोटा सहित कई अन्य गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी ताकि पानी की निकासी का स्थायी तौर पर प्रबंध हो जाए और किसान को नुकसान न झेलना पड़े। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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- जुलाई तक काम पूरा करने की योजना
सिंचाई विभाग की योजना है कि जुलाई माह में बारिश सीजन से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। रबी की फसलों की कटाई होने पर इस काम को तेजी से पूरा कर दिया जाए ताकि लाइन बिछाते समय किसानों की फसलों को भी नुकसान नहीं होगा। रबी फसल कटने पर अप्रैल माह में खेत खाली हो जाते हैं ऐसे में इस काम को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
5000 एकड़ भूमि होती है प्रभावित
मानसून सीजन की बात करें तो हर साल जिले में जलभराव के चलते कृषि योग्य 5000 एकड़ भूमि प्रभावित होती है। खेतों में जलभराव होने के कारण किसान दो फसल नहीं ले पाते। अब विभाग के प्रयास धरातल पर सिरे चढ़ने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
बारिश सीजन में बाढ़ के पानी के प्रबंध के लिए 25 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर किसानों को भी फायदा होगा और सरकार को भी मुआवजा नहीं देना पड़ेगा। किसानों की समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा। इस पानी को पाइप लाइन से नहरों में डाला जाएगा।
सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग