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Charkhi Dadri News: आपसी समझौते से पुराने विवादों को सुलझाया, राष्ट्रीय लोक अदालत में 9276 में से 6583 मामलों का माैके पर निपटारा
Sun, 10 May 2026 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 10 May 2026 12:22 AM IST
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चरखी दादरी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को दादरी स्थित जिला न्यायिक परिसर में वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को कुल 9,276 मामले सुनवाई के लिए रखे गए जिनमें से 6,583 मामलों का मौके पर निपटारा किया गया। इस दौरान 3 करोड़ 17 लाख 51 हजार 187 रुपये की राशि अवार्ड के रूप में पारित की गई।
लोक अदालत में आम नागरिकों ने आपसी सुलह और समझौते के आधार पर, स्वयं या अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अपने मामले निपटाए। सुनवाई में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार, एसीजेएम प्रवीन, जेएमआईसी लक्ष्य गर्ग और जेएमआईसी अनु शामिल थे।
लोक अदालत में वाहन दुर्घटना अधिनियम, बैंक लोन, मोटर व्हीकल एक्सीडेंट, एनडीपीएस एक्ट, फौजदारी, दीवानी, चेक बाउंस, वैवाहिक मामले, बैंक रिकवरी, पानी और बिजली बिल से संबंधित मामले सुने गए।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजिव काजला ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों के आपसी सहमति से मामलों का निपटारा कराना है जिससे पुराने विवाद सुलझें और समुदाय में भाईचारा बना रहे। लोक अदालत में लोगों ने कहा कि इस प्रक्रिया से उन्हें काफी राहत मिली है और विवादों का समाधान होने से सभी पक्षों को लाभ हुआ।
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लोक अदालत में आम नागरिकों ने आपसी सुलह और समझौते के आधार पर, स्वयं या अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अपने मामले निपटाए। सुनवाई में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार, एसीजेएम प्रवीन, जेएमआईसी लक्ष्य गर्ग और जेएमआईसी अनु शामिल थे।
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लोक अदालत में वाहन दुर्घटना अधिनियम, बैंक लोन, मोटर व्हीकल एक्सीडेंट, एनडीपीएस एक्ट, फौजदारी, दीवानी, चेक बाउंस, वैवाहिक मामले, बैंक रिकवरी, पानी और बिजली बिल से संबंधित मामले सुने गए।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजिव काजला ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों के आपसी सहमति से मामलों का निपटारा कराना है जिससे पुराने विवाद सुलझें और समुदाय में भाईचारा बना रहे। लोक अदालत में लोगों ने कहा कि इस प्रक्रिया से उन्हें काफी राहत मिली है और विवादों का समाधान होने से सभी पक्षों को लाभ हुआ।