{"_id":"62d2f92a5a19725f46663e4b","slug":"relief-30-water-houses-will-be-repaired-work-will-start-in-18-charkhidadri-news-hsr636855737","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत : 30 जलघरों की होगी मरम्मत, 18 में काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत : 30 जलघरों की होगी मरम्मत, 18 में काम शुरू
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चरखी दादरी। जिले में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए जलघरों की मरम्मत और पाइप लाइनें बिछाने का काम शुरू हो गया है। अब तक 18 जलघरों में मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। शेष जलघरों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही वहां भी काम शुरू हा जाएगा। जलघर नहरी पानी से जल्दी भरें, इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लिफ्टिंग सिस्टम भी बनाए जाएंगे। जलघरों के बेड की मरम्मत के साथ चेंबर का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करेगा। दिसंबर 2023 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की योजना है। इससे एकतरफा पानी की बर्बादी रुकेगी तो दूसरी ओर गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पेयजल आपूर्ति में सुधार होना है ताकि हर घर में नल हो और उसमें प्रतिदिन पानी पहुंचे। जिले में पिछले 45 सालों से पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है। अब तक सब पुराने ढर्रे पर ही चला आ रहा है। आबादी हर साल बढ़ रही है लेकिन पेयजल क्षमता में सुधार नहीं हो सका है। यही वजह है कि खासकर गर्मी के सीजन में शहर और गांवों में पेयजल संकट बना रहता है। शहर में तो सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट बना रहता है। एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है।
अब जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर और गांव दोनो को फोकस किया गया है। शहर में तीन नए वाटर टैंक बनने हैं। जबकि 30 जलघरों की मरम्मत होनी है। जलघरों के बेड रिपेयर किए जाएंगे। चेंबर बदलकर नए लगाए जाएंगे और मोटरों की क्षमता बढ़ेगी। वाटर टैंकों की मरम्मत भी होगी। पानी फिल्टर सिस्टम को अपडेट किया जाएगा ताकि पानी की गुणवत्ता में सुधार आ सके।
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- इन जलघरों के सुधरेंगे हालात -
गांव रानीला, बौंद कलां, सांवड़, रावलधी, भागेश्वरी, इमलोटा, चरखी, पैतावास कलां, रासीवास, खातीवास, लोहरवाड़ा, घिकाड़ा, झोझू कलां ब्लॉक में काफी 30 जलघरों की मरम्मत होनी है। ये जलघर 45 साल पुराने हैं और निर्माण के बाद से ही विभाग ने इनकी सुध नहीं ली गई थी।
- डीआई पाइप लाइन बिछेंगी
जलघरों में पानी डाले जाने के लिए डीआई पाइप लाइन बिछाई जानी हैं। नहरी पानी के लिए लिफ्टिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, ताकि मोटर से पानी का उठान कर जलघरों को जल्दी भरा जा सके। इस समय अधिकतर जलघरों को ओपन नालों से भरा जाता है। नाले खराब स्थिति में हो चुके हैं। नालों से कई बार किसान फसलों की सिंचाई कर लेते हैं, जिससे पानी जलघरों तक नहीं पहुंच पाता। अब पूरा सिस्टम अंडरग्राउंड और लिफ्टिंग सिस्टम पर आधारित होगा। इससे पानी की गुणवत्ता एवं क्षमता में भी सुधार आएगा। पानी की बर्बादी नहीं सकेगी।
- प्रोजेक्ट के तहत हर घर नल लगाने की भी योजना
इस प्रोजेक्ट के तहत हर घर में पानी का नल लगाया जाएगा। विभाग प्रत्येक घर तक पाइप लाइन बिछाएगा। जहां लाइनें खराब हैं, उनके समानांतर नई लाइनें बिछाई जाएंगी। गांव मानकावास और डूडीवाला नंदकरण में नए जलघर बनाए जाएंगे। गांव बलकरा, घसोला व मंदोला के साथ लगते गांवों के लिए नहरी पानी के लिए अलग से पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस प्रकार इन सारे कार्यों पर विभाग करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करने जा रहा है।
वर्जन::
दिसंबर 2023 तक यह प्रोजेक्ट करने की प्लानिंग है। कई जगह काम शुरू हो चुका है तो कहीं टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जलघरों की मरम्मत के अलावा पानी की गुणवत्ता पर विशेष फोकस रहेगा। पानी की मोटरें लगाई जाएंगी।
- जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पेयजल आपूर्ति में सुधार होना है ताकि हर घर में नल हो और उसमें प्रतिदिन पानी पहुंचे। जिले में पिछले 45 सालों से पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है। अब तक सब पुराने ढर्रे पर ही चला आ रहा है। आबादी हर साल बढ़ रही है लेकिन पेयजल क्षमता में सुधार नहीं हो सका है। यही वजह है कि खासकर गर्मी के सीजन में शहर और गांवों में पेयजल संकट बना रहता है। शहर में तो सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट बना रहता है। एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है।
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अब जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर और गांव दोनो को फोकस किया गया है। शहर में तीन नए वाटर टैंक बनने हैं। जबकि 30 जलघरों की मरम्मत होनी है। जलघरों के बेड रिपेयर किए जाएंगे। चेंबर बदलकर नए लगाए जाएंगे और मोटरों की क्षमता बढ़ेगी। वाटर टैंकों की मरम्मत भी होगी। पानी फिल्टर सिस्टम को अपडेट किया जाएगा ताकि पानी की गुणवत्ता में सुधार आ सके।
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- इन जलघरों के सुधरेंगे हालात -
गांव रानीला, बौंद कलां, सांवड़, रावलधी, भागेश्वरी, इमलोटा, चरखी, पैतावास कलां, रासीवास, खातीवास, लोहरवाड़ा, घिकाड़ा, झोझू कलां ब्लॉक में काफी 30 जलघरों की मरम्मत होनी है। ये जलघर 45 साल पुराने हैं और निर्माण के बाद से ही विभाग ने इनकी सुध नहीं ली गई थी।
- डीआई पाइप लाइन बिछेंगी
जलघरों में पानी डाले जाने के लिए डीआई पाइप लाइन बिछाई जानी हैं। नहरी पानी के लिए लिफ्टिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, ताकि मोटर से पानी का उठान कर जलघरों को जल्दी भरा जा सके। इस समय अधिकतर जलघरों को ओपन नालों से भरा जाता है। नाले खराब स्थिति में हो चुके हैं। नालों से कई बार किसान फसलों की सिंचाई कर लेते हैं, जिससे पानी जलघरों तक नहीं पहुंच पाता। अब पूरा सिस्टम अंडरग्राउंड और लिफ्टिंग सिस्टम पर आधारित होगा। इससे पानी की गुणवत्ता एवं क्षमता में भी सुधार आएगा। पानी की बर्बादी नहीं सकेगी।
- प्रोजेक्ट के तहत हर घर नल लगाने की भी योजना
इस प्रोजेक्ट के तहत हर घर में पानी का नल लगाया जाएगा। विभाग प्रत्येक घर तक पाइप लाइन बिछाएगा। जहां लाइनें खराब हैं, उनके समानांतर नई लाइनें बिछाई जाएंगी। गांव मानकावास और डूडीवाला नंदकरण में नए जलघर बनाए जाएंगे। गांव बलकरा, घसोला व मंदोला के साथ लगते गांवों के लिए नहरी पानी के लिए अलग से पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस प्रकार इन सारे कार्यों पर विभाग करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करने जा रहा है।
वर्जन::
दिसंबर 2023 तक यह प्रोजेक्ट करने की प्लानिंग है। कई जगह काम शुरू हो चुका है तो कहीं टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जलघरों की मरम्मत के अलावा पानी की गुणवत्ता पर विशेष फोकस रहेगा। पानी की मोटरें लगाई जाएंगी।
- जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।