बाढड़ा। देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली आजाद हिंद फौज के ऐसे अनेक देशभक्त सैनिक रहे हैं, जिनका कोई भी उल्लेख कहीं नहीं मिला था। ऐसे महान देश भक्तों के बारे में यहां तक की उनके परिजन भी अंजान ही रहे हैं। जिले में अब तक 47 गुमनाम शहीद मिल चुके हैं, जिनमें से 18 का रिकॉर्ड हाल ही में मिला है।
गुमनाम शहीदों का रिकॉर्ड जुटाने में जुटे श्रीभगवान ने बताया कि उनका यह प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसे गुमनाम महान सपूतों का पता लगाया जाए, जिन्होंने आजादी में अहम योगदान दिया। उन्होंने बताया कि गांव खेडी सनसनवाल निवासी सुरेश राम, मिसरी निवासी चंदगीराम, छपार निवासी छल्लूराम, मकड़ानी निवासी दयाराम, मिसरी निवासी हरि सिंह, काकड़ोली निवासी हरफूल सिंह, बडेसरा निवासी हीरा सिंह, नांधा निवासी होशियार सिंह, पांडवान निवासी जयलाल, खातीवास निवासी नोबत सिंह, मिसरी निवासी रामचंद्र, काकड़ोली निवासी सरूप सिंह, चंदेनी निवासी सुल्तान सिंह, चांदवास निवासी सुल्तान सिंह, मिसरी निवासी सुल्तान, हंसावास खुर्द निवासी सुल्तान, निमडीवाली निवासी चंदगीराम के शहीद होने का रिकॉर्ड राष्ट्रीय अभिलेखागार में पाया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग कि इनका रिकार्ड इनके आश्रितों व परिजनों तक पहुंचाया जाए।