फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Rain adds to farmers' worries; Kharif crops had to be re-sown

Charkhi Dadri News: बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, खरीफ फसलों की दोबारा करनी पड़ी बिजाई

Wed, 01 Jul 2026 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 01 Jul 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
Rain adds to farmers' worries; Kharif crops had to be re-sown
गांव ढाणी फोगाट में ताजा बिजित खेत।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में जून माह के दौरान दो से तीन दिन के अंतराल पर हो रही बारिश की वजह से किसानों को खरीफ की फसलों की दोबारा से बिजाई करनी पड़ी है। बार-बार बारिश की चपेट में आने से बाजरे की फसलें नष्ट हो गई जिससे किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ी है। इससे किसान पर प्रति एकड़ लागत खर्च बढ़ा है। तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण खेतों में हाल ही में अंकुरित बाजरे सहित अन्य फसलें नष्ट हो गईं।
विज्ञापन


70 प्रतिशत बिजाई हुई
जिले का कुल कृषि योग्य क्षेत्रफल 1,22,378 हेक्टेयर है। अब तक करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में खरीफ फसलों की बिजाई पूरी हो चुकी है। जिले में खरीफ सीजन के दौरान मुख्य रूप से बाजरा, ज्वार, ग्वार, मूंग की खेती की जाती है। इनमें सबसे अधिक क्षेत्र में बाजरे की बिजाई होती है और हर वर्ष इसका रकबा करीब 50 हजार एकड़ तक पहुंच जाता है।
विज्ञापन


बारिश से नष्ट हो रही बिजाई

गत सोमवार को हुई करीब 10 एमएम बारिश के कारण कई किसानों के खेतों में ताजा उगी बाजरे की फसल प्रभावित हुई है। बाजरे की फसल नष्ट हो गई। ऐसे में किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ेेगी। बीजों के बाजार भाव पहले से अधिक होने के कारण पुनः बिजाई से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसान टेकराम, सुुरेंद्र, हरिराम व सुर्जन ने बताया कि बारिश की वजह से बाजरा की ताजा फसल खराब हुई है। दोबारा से बिजाई करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

15 जुलाई से पहले करें बिजाई
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खरीफ फसलों की बिजाई 15 जुलाई से पहले पूरी कर लें। वहीं देर से बोई जाने वाली फसलों की बिजाई 25 जुलाई तक की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बुवाई करने से फसलों की पैदावार बेहतर होगी। जिले का करीब 55 प्रतिशत क्षेत्र रेतीला है। रेतीले क्षेत्र में खेती बारिश पर ही ज्यादा निर्भर है। क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर ज्यादा नीचे होने से किसानों के लिए चिंता का विषय का बना हुआ है। हर साल मानसून की औसत बारिश होने पर ही भूमिगत जलस्तर बढ़ सकता है। इसके लिए आम आदमी को भी जागरूक होना पड़ेगा।


वर्सन :
किसान 15 जुलाई तक खरीफ की फसलों की बिजाई कर सकते हैं। कई भागों में किसानों को बाजरा की दोबारा बिजाई करनी पड़ी है। किसान मौसम के अनुसार बिजाई का कार्य करें। समय-समय पर कृषि विभाग अधिकारियों से सलाह लेते रहें।- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed