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आठ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कचरा खरीदेगा पीडब्ल्यूडी
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पर्यावरण के लिए खतरा बन चुके वेस्ट कचरे का उपयोग पीडब्ल्यूडी सड़क बनाने में करेगा। इसके तहत अब पीडब्ल्यूडी एंड बीऐंडआर ग्राम पंचायतों से आठ रुपये प्रति किलोेग्राम से कचरा की खरीद करेगा। वहीं स्वच्छता मिशन के तहत प्रत्येक गाव में शेड बनाया जाएगा। इस शेड में कचरे का प्रबंधन किया जाएगा। इससे पंचायत की आय भी बढ़ेगी और कचरे का निपटान भी हो जाएगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कचरे का निपटान विकट समस्या है। इसके लिए अब ओडीएफ फेज दो के तहत नई योजना तैयार कर की गई है। इसके तहत घुलनशील और अघुलनशील कचरे का प्रबंध किया जाएगा। स्वच्छता मिशन के तहत इस चरण में ठोस व तरल कचरे के लिए अलग व्यवस्था की गई है। योजना के तहत प्रत्येक गांव में 36 गुणा 25 वर्ग गज का शेड बनाया जाएगा। इस शेड के समीप कंपोस्ट सिस्टम भी लगेगा। इसके तहत कांच की बोतल, प्लास्टिक व अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग करके रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार कचरे से खाद बनाई जाएगी। साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग आठ रुपये प्रति किलोग्राम के रेट में कचरे की खरीद करेगा। विभाग इस कचरे को रिसाइकलिंग करके सड़क निर्माण में इस्तेमाल करेगा।
पंचायत की आय बढ़ाने पर होगा फोकस
विभाग ने गांवों में शेड निर्माण के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। जल्दी ही इन शेड का निर्माण करवाए दिया जाएगा। शेड का निर्माण होते ही इस प्लान पर काम शुरू हो जाएगा। कचरे की खरीद होने से पंचायत की आय पर बढ़ेगी, जिसका गांव के विकास में किया जा सकेगा।
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सार्वजनिक शौचालयों को जीरो टैग से किया अटैच
शहर और गांवों में सार्वजनिक व आम शौचालय निर्माण के बाद सरकार ने स्वच्छता की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया है। गांवों व शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का निर्माण कर इनको जीरो टैग से अटैच कर दिया गया है ताकि इनकी लोकेशन व वर्किंग की स्थिति का पता चलता रहे। जिला में इस मुहिम के तहत करीब चार हजार शौचालयों का निर्माण हो चुका है।
योजना के तहत प्रत्येक गांव में कचरे का निपटान किया जाएगा। इसके लिए गांव में स्वच्छता मिशन के तहत शेड का निर्माण करवाया जाएगा। यहां कचरे से खाद बनाई जाएगी। इसके साथ ही जो पंचायत कचरे की बिक्री करना चाहेगी, उससे पीडब्ल्यूडी खरीदेगा। इस कचरे से सड़क का निर्माण करवाएगा। लोगों को चाहिए कि वे इस अभियान में सहयोग करें ताकि स्वच्छता मिशन को सिरे चढ़ाया जाएगा।
सतीश कुमार, स्वच्छता मिशन प्रभारी
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कचरे का निपटान विकट समस्या है। इसके लिए अब ओडीएफ फेज दो के तहत नई योजना तैयार कर की गई है। इसके तहत घुलनशील और अघुलनशील कचरे का प्रबंध किया जाएगा। स्वच्छता मिशन के तहत इस चरण में ठोस व तरल कचरे के लिए अलग व्यवस्था की गई है। योजना के तहत प्रत्येक गांव में 36 गुणा 25 वर्ग गज का शेड बनाया जाएगा। इस शेड के समीप कंपोस्ट सिस्टम भी लगेगा। इसके तहत कांच की बोतल, प्लास्टिक व अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग करके रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार कचरे से खाद बनाई जाएगी। साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग आठ रुपये प्रति किलोग्राम के रेट में कचरे की खरीद करेगा। विभाग इस कचरे को रिसाइकलिंग करके सड़क निर्माण में इस्तेमाल करेगा।
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पंचायत की आय बढ़ाने पर होगा फोकस
विभाग ने गांवों में शेड निर्माण के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। जल्दी ही इन शेड का निर्माण करवाए दिया जाएगा। शेड का निर्माण होते ही इस प्लान पर काम शुरू हो जाएगा। कचरे की खरीद होने से पंचायत की आय पर बढ़ेगी, जिसका गांव के विकास में किया जा सकेगा।
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सार्वजनिक शौचालयों को जीरो टैग से किया अटैच
शहर और गांवों में सार्वजनिक व आम शौचालय निर्माण के बाद सरकार ने स्वच्छता की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया है। गांवों व शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का निर्माण कर इनको जीरो टैग से अटैच कर दिया गया है ताकि इनकी लोकेशन व वर्किंग की स्थिति का पता चलता रहे। जिला में इस मुहिम के तहत करीब चार हजार शौचालयों का निर्माण हो चुका है।
योजना के तहत प्रत्येक गांव में कचरे का निपटान किया जाएगा। इसके लिए गांव में स्वच्छता मिशन के तहत शेड का निर्माण करवाया जाएगा। यहां कचरे से खाद बनाई जाएगी। इसके साथ ही जो पंचायत कचरे की बिक्री करना चाहेगी, उससे पीडब्ल्यूडी खरीदेगा। इस कचरे से सड़क का निर्माण करवाएगा। लोगों को चाहिए कि वे इस अभियान में सहयोग करें ताकि स्वच्छता मिशन को सिरे चढ़ाया जाएगा।
सतीश कुमार, स्वच्छता मिशन प्रभारी