शिक्षकों की कमी पर बवाल: चरखी दादरी में स्कूल पर जड़ा ताला, कलानौर में भी हंगामा, छात्र की तबीयत बिगड़ी
चरखी दादरी के आदमपुर डाढ़ी राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 300 है। यहां आदमपुर, डाढ़ी बाना, कलाली, बलाली, दूधवा और आबिदपुरा के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। हाल ही में यहां टीजीटी मैथ, टीजीटी साइंस, पीजीटी साइंस और पीजीटी संस्कृत के पद सामान्य स्थानांतरण के बाद खाली हो गए हैं।
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चरखी दादरी में शिक्षकों की कमी पर बिफरे छह गांवों के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह लामबंद होकर आदमपुर डाढ़ी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी बाहर निकाल दिया। युक्तिकरण नीति के तहत स्कूल से चार शिक्षकों का तबादला हुआ है। चारों पद खाली होने से 212 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित है। वहीं रोहतक में कलानौर खंड के बनियानी के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज छात्रों व अभिभावकों ने शनिवार को स्कूल पर ताला तोड़ दिया और सड़क पर बैठकर नारेबाजी की।
छह गांवों के बच्चे परेशान
चरखी दादरी के आदमपुर डाढ़ी राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 300 है। यहां आदमपुर, डाढ़ी बाना, कलाली, बलाली, दूधवा और आबिदपुरा के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। हाल ही में यहां टीजीटी मैथ, टीजीटी साइंस, पीजीटी साइंस और पीजीटी संस्कृत के पद सामान्य स्थानांतरण के बाद खाली हो गए हैं। इसके चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग को लेकर छह गांव के मौजिज लोग शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल पहुंचे और शिक्षकों समेत विद्यार्थियों को स्कूल परिसर से बाहर निकाल दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसके बाद स्कूल को ताला जड़ दिया और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। निवर्तमान आदमपुर सरपंच छाजूराम और बलाली सरपंच अमित ने बताया कि इस मसले पर छह गांवों की एक कमेटी बनाई गई है और कमेटी ने शुक्रवार को बैठक कर शनिवार सुबह स्कूल को ताला जड़ने का फैसला लिया था। उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी दूर होने तक ताला नहीं खोला जाएगा।
स्कूल के बाहर धरना देकर मांगे शिक्षक
रोहतक के कलानौर खंड के बनियानी के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज छात्रों व अभिभावकों ने शनिवार न केवल स्कूल पर ताला तोड़ दिया, बल्कि सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई। उसे निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया। जब शिक्षा अधिकारी मौके पर समझाने आए तो अभिभावकों ने उसे वापस भेज दिया। छात्रों व अभिभावकों का कहना है कि अचानक तबादलों से स्कूल में शिक्षकों की कमी हो गई है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब शिक्षा सत्र के बीच में शिक्षक न होने से कैसे पढ़ाई होगी।
हिसार में भी हंगामा
वहीं हिसार के फरीदपुर गांव में स्कूल को ग्रामीणों और छात्र-छात्राएं ने ताला जड़ दिया। ग्रामीण हाई स्कूल से अध्यापकों के तबादले होने से नाराज हैं। फरीदपुर गांव के हाई स्कूल में से 10 में से 7 अध्यापकों का तबादला हो गया है। लेकिन बदले में स्कूल में कोई भी अध्यापक नहीं आया है। इसी के विरोध में ग्रामीण स्कूल के सामने धरने पर बैठ गए हैं।