फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Procurement of pearl millet begins MSP fixed at 2,900 price difference support of up to 600 to be provided.

Charkhi Dadri News: बाजरे की खरीद शुरू, एमएसपी 2900 तय, 600 रुपये तक मिलेगा भावांतर

Thu, 01 Oct 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 01 Oct 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
Procurement of pearl millet begins MSP fixed at 2,900 price difference support of up to 600 to be provided.
मंडी में लगी बाजरे की ढेरी। - फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में बाजरे की सरकारी खरीद वीरवार से शुरू होगी। सरकार ने बाजरे का समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है लेकिन खरीद सीधे एमएसपी पर करने के बजाय भावांतर भरपाई योजना के तहत होगी। बेस प्राइस 2300 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।
विज्ञापन

किसान को बाजार में मिलने वाले भाव और एमएसपी के अंतर की भरपाई की जाएगी जिसके तहत अधिकतम 600 रुपये प्रति क्विंटल तक भावांतर मिलेगा। जिले में खरीद के लिए 10 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें आठ केंद्रों पर हैफेड और दो केंद्रों पर हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (एचडब्ल्यूसी) खरीद करेगी।
विज्ञापन

अधिक भाव पर कम होगा भावांतर : व्यापारी यदि बाजरा 2300 रुपये से अधिक भाव पर खरीदते हैं तो भी निर्धारित शर्तों के अनुसार किसान को भावांतर मिलेगा। 2400 रुपये प्रति क्विंटल की खरीद पर 500 रुपये और 2500 रुपये की खरीद पर 400 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर मिलेगा। इस प्रकार किसान को कुल 2900 रुपये प्रति क्विंटल तक राशि प्राप्त होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि 2300 रुपये से कम भाव पर खरीद होने की स्थिति में कितना भावांतर मिलेगा, इस संबंध में स्पष्ट निर्देश नहीं हैं। एफएक्यू में बेस प्राइस से कम पर बाजरे की खरीद का प्रावधान नहीं बताया गया है।
भावांतर के लिए जे-फॉर्म जरूरी : निजी व्यापारियों की ओर से खरीदे जाने वाले बाजरे का डाटा ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। निजी खरीद के जे-फॉर्म का समय पर सत्यापन भी जरूरी होगा। किसान को भावांतर का लाभ तभी मिलेगा, जब खरीद का रिकॉर्ड ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज होगा।

दूसरे राज्यों के बाजरे पर रहेगी नजर : मंडियों में बाजरे की आवक और नीलामी पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। दूसरे राज्यों से आने वाले बाजरे की बिक्री रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। खरीद एजेंसियां एफएक्यू गुणवत्ता वाले बाजरे की आवक और नीलामी पर भी नजर रखेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed