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Charkhi Dadri News: जलभराव रोकने के लिए 125 करोड़ खर्च, हालात फिर भी पहले जैसे
Mon, 16 Sep 2024 05:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 16 Sep 2024 05:24 AM IST
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दादरी- चिडिया मुख्यमार्ग पर भरा पानी से गुजरती कार।
प्रस्तावित लीड पैकेज:
- शहर में सीवर व बारिश के पानी की निकासी योजना पर 100 करोड़ तो दादरी डिविजन के गांवों में खर्च किया गया 25 करोड़ का बजट
- मोटरें और पंप लगाकर पहले की तर्ज पर करनी पड़ रही पानी निकासी
-सिंचाई विभाग ने कई गांवों में नहर तक पाइप लाइन बिछाई, फिर भी रिहायशी इलाकों तक पहुंचा बारिश का पानी
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग 125 करोड़ का बजट मानसून सीजन से पहले खर्च कर चुके हैं। बावजूद इसके कुछ गांवों और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बरकरार है। शुक्रवार को हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश ने जलभराव रोकने के लिए 125 करोड़ के बजट से पुख्ता इंतजाम करवाने के दावों की पोल खोलकर रख दी। आलम यह रहा कि रविवार तक भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से पूर्णतया पानी की निकासी नहीं हो पाई और लोगों ने परेशानी झेली।
भाग -1::
शहर में 100 करोड़ खर्च, सड़कों पर 24 घंटे बाद भी जलभराव
चरखी दादरी। दादरी शहर में जलभराव रोकने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में सीवरेज और बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन डालने की परियोजना पर काम पूरा किया है। इसके तहत करीब 100 करोड़ का बजट खर्च हुआ है। बावजूद इसके व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं है।
बता दें कि मानसून सीजन के दौरान शहर में जलभराव होने की समस्या करीब एक दशक पुरानी है। पिछले पांच सालों में कई बार प्रदर्शन और आंदोलन भी हुए और तब जाकर जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर, पेयजल और स्ट्रॉम वाटर परियोजना तैयार की। विभाग ने स्ट्रॉम वाटर परियोजना पर तो काम पूरा कर लिया है जबकि सीवर परियोजना का ज्यादातर काम हो चुका है। ऐसे में करीब 100 करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। शहर के मुख्यमार्गाें पर जलभराव होने से लोगों की जुबां पर इसकी चर्चा भी है। लोग खुलकर कह रहे हैं कि जितना बजट खर्च करने का राग अलापा गया, उतना असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
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- इन मुख्यमार्गाें पर भरा पानी
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद से शहर के लोहारू रोड पर पानी भरा हुआ है। इसके चलते वाहन चालक परेशान हैं। वहीं, नई अनाज मंडी के सामने चिड़िया रोड पर भी शनिवार के मुकाबले रविवार को पानी का स्तर ज्यादा कम नहीं हो पाया है। इसी प्रकार, रोहतक रोड पर पुलिस नाका के समीप अब भी सड़क पर पानी भरा है। नई सब्जी मंडी के सामने भी पानी भरा हुआ है। इसके अलावा विभिन्न वार्डाें की गलियों में सीवर मैनहोल ओवरफ्लो होने से समस्या बनी है।
वर्सन=
चिड़िया रोड के पानी की निकासी के लिए एक ट्रैक्टर लगाया हुआ है। इसके जरिये पानी की निकासी की जा रही है। अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए बिजली निगम में आवेदन किया है। ताकि, वहां मोटर लगाकर पानी की तेज गति से निकासी की जा सके।
-रामपाल सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो: 10
रावलधी चौक के पास सरस्वती वाटिका के सामने रोड पर भरा पानी। संवाद
फोटो: 11
नई सब्जी मंडी मुख्य गेट के सामने भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो:12
दादरी- चिडिया मुख्यमार्ग पर भरा पानी।
गांवों में सिंचाई विभाग ने खर्च किए 25 करोड़, फिर भी पंप और मोटरों का सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी डिविजन के तहत आने वाले विभिन्न गांवों में बाढ़ के पानी का प्रबंधन करने के लिए सरकार ने 25 करोड़ का बजट खर्च कर रखा है। इस प्रोजेक्ट के तहत इन गांवों में पाइपलाइनें बिछाई गई है। हालांकि, इतना बजट खर्च करने के बाद भी इन गांवों में हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। अब मोटर व पंप लगाकर पानी की निकासी करवाई जा रही है। 14 सितंबर को हुई 74 एमएम बारिश से इस क्षेत्र में जलभराव हो गया है। कृषि क्षेत्र को काफी नुकसान हो रहा है। विभाग तालाबों पर मोटर लगाकर पानी का उठान कर रहा है।
जिले के विभिन्न गांवों में बारिश सीजन में जलभराव होता है। इससे खेती में नुकसान होता है। बारिश के पानी से लंबे समय तक जलभराव बना रहता है। इससे किसानों को दो फसल का नुकसान झेलना पड़ता है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए किसानों काे मुआवजे के रूप में मोटा बजट खर्च करना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने पिछले दिनों योजना बनाई कि हर साल मुआवजा देने के बजाय एक बार ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाए। ताकि, किसान को भी नुकसान न हो और सरकार के पैसे की भी बचत हो।
- इन गांवों में डाली गई पाइपलाइन
बाढ़ के पानी के प्रबंध के लिए 25 करोड़ का बजट आया था। इस प्राेजेक्ट के तहत गांवों से समीप की नहरों तक पाइपलाइन बिछाई गई हैं। इनमें पांडवान, रासीवास, खातीवास, समसपुर, मोरवाला, इमलोटा सहित कई अन्य गांव शामिल हैं।
वर्सन:
किसानों की फसल का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पानी का उठान पंप एवं मोटर लगाकर किया जा रहा है। जेई की गांवस्तर पर डयूटी लगा रखी है। लगातार निगरानी रखी जा रही है।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन (मैकेनिकल), सिंचाई विभाग
फोटो-08
मकड़ाना गांव की बस्ती की गली में भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो 09
रासीवास गांव की गलियों में भरे पानी की निकासी के लिए लगाई गई मोटर। संवाद
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- शहर में सीवर व बारिश के पानी की निकासी योजना पर 100 करोड़ तो दादरी डिविजन के गांवों में खर्च किया गया 25 करोड़ का बजट
- मोटरें और पंप लगाकर पहले की तर्ज पर करनी पड़ रही पानी निकासी
-सिंचाई विभाग ने कई गांवों में नहर तक पाइप लाइन बिछाई, फिर भी रिहायशी इलाकों तक पहुंचा बारिश का पानी
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग 125 करोड़ का बजट मानसून सीजन से पहले खर्च कर चुके हैं। बावजूद इसके कुछ गांवों और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बरकरार है। शुक्रवार को हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश ने जलभराव रोकने के लिए 125 करोड़ के बजट से पुख्ता इंतजाम करवाने के दावों की पोल खोलकर रख दी। आलम यह रहा कि रविवार तक भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से पूर्णतया पानी की निकासी नहीं हो पाई और लोगों ने परेशानी झेली।
भाग -1::
शहर में 100 करोड़ खर्च, सड़कों पर 24 घंटे बाद भी जलभराव
चरखी दादरी। दादरी शहर में जलभराव रोकने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में सीवरेज और बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन डालने की परियोजना पर काम पूरा किया है। इसके तहत करीब 100 करोड़ का बजट खर्च हुआ है। बावजूद इसके व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं है।
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बता दें कि मानसून सीजन के दौरान शहर में जलभराव होने की समस्या करीब एक दशक पुरानी है। पिछले पांच सालों में कई बार प्रदर्शन और आंदोलन भी हुए और तब जाकर जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर, पेयजल और स्ट्रॉम वाटर परियोजना तैयार की। विभाग ने स्ट्रॉम वाटर परियोजना पर तो काम पूरा कर लिया है जबकि सीवर परियोजना का ज्यादातर काम हो चुका है। ऐसे में करीब 100 करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। शहर के मुख्यमार्गाें पर जलभराव होने से लोगों की जुबां पर इसकी चर्चा भी है। लोग खुलकर कह रहे हैं कि जितना बजट खर्च करने का राग अलापा गया, उतना असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
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- इन मुख्यमार्गाें पर भरा पानी
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद से शहर के लोहारू रोड पर पानी भरा हुआ है। इसके चलते वाहन चालक परेशान हैं। वहीं, नई अनाज मंडी के सामने चिड़िया रोड पर भी शनिवार के मुकाबले रविवार को पानी का स्तर ज्यादा कम नहीं हो पाया है। इसी प्रकार, रोहतक रोड पर पुलिस नाका के समीप अब भी सड़क पर पानी भरा है। नई सब्जी मंडी के सामने भी पानी भरा हुआ है। इसके अलावा विभिन्न वार्डाें की गलियों में सीवर मैनहोल ओवरफ्लो होने से समस्या बनी है।
वर्सन=
चिड़िया रोड के पानी की निकासी के लिए एक ट्रैक्टर लगाया हुआ है। इसके जरिये पानी की निकासी की जा रही है। अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए बिजली निगम में आवेदन किया है। ताकि, वहां मोटर लगाकर पानी की तेज गति से निकासी की जा सके।
-रामपाल सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो: 10
रावलधी चौक के पास सरस्वती वाटिका के सामने रोड पर भरा पानी। संवाद
फोटो: 11
नई सब्जी मंडी मुख्य गेट के सामने भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो:12
दादरी- चिडिया मुख्यमार्ग पर भरा पानी।
गांवों में सिंचाई विभाग ने खर्च किए 25 करोड़, फिर भी पंप और मोटरों का सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी डिविजन के तहत आने वाले विभिन्न गांवों में बाढ़ के पानी का प्रबंधन करने के लिए सरकार ने 25 करोड़ का बजट खर्च कर रखा है। इस प्रोजेक्ट के तहत इन गांवों में पाइपलाइनें बिछाई गई है। हालांकि, इतना बजट खर्च करने के बाद भी इन गांवों में हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। अब मोटर व पंप लगाकर पानी की निकासी करवाई जा रही है। 14 सितंबर को हुई 74 एमएम बारिश से इस क्षेत्र में जलभराव हो गया है। कृषि क्षेत्र को काफी नुकसान हो रहा है। विभाग तालाबों पर मोटर लगाकर पानी का उठान कर रहा है।
जिले के विभिन्न गांवों में बारिश सीजन में जलभराव होता है। इससे खेती में नुकसान होता है। बारिश के पानी से लंबे समय तक जलभराव बना रहता है। इससे किसानों को दो फसल का नुकसान झेलना पड़ता है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए किसानों काे मुआवजे के रूप में मोटा बजट खर्च करना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने पिछले दिनों योजना बनाई कि हर साल मुआवजा देने के बजाय एक बार ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाए। ताकि, किसान को भी नुकसान न हो और सरकार के पैसे की भी बचत हो।
- इन गांवों में डाली गई पाइपलाइन
बाढ़ के पानी के प्रबंध के लिए 25 करोड़ का बजट आया था। इस प्राेजेक्ट के तहत गांवों से समीप की नहरों तक पाइपलाइन बिछाई गई हैं। इनमें पांडवान, रासीवास, खातीवास, समसपुर, मोरवाला, इमलोटा सहित कई अन्य गांव शामिल हैं।
वर्सन:
किसानों की फसल का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पानी का उठान पंप एवं मोटर लगाकर किया जा रहा है। जेई की गांवस्तर पर डयूटी लगा रखी है। लगातार निगरानी रखी जा रही है।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन (मैकेनिकल), सिंचाई विभाग
फोटो-08
मकड़ाना गांव की बस्ती की गली में भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो 09
रासीवास गांव की गलियों में भरे पानी की निकासी के लिए लगाई गई मोटर। संवाद