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Charkhi Dadri News: बाढड़ा में बाईपास निर्माण का प्रस्ताव अधर में, जाम से बदतर हालात
Mon, 18 Nov 2024 03:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:00 AM IST
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मुख्य क्रांतिकारी चौक पर लगा जाम। संवाद
पेज तीन के लिए प्रस्तावित लीड:
आठ साल से बाईपास की मांग कर रहे ग्रामीण, अब तक नहीं मिल पाई सौगात
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। उपमंडल बनने के करीब आठ साल बाद भी बाढड़ा कस्बे को बाईपास की सौगात नहीं मिल पाई है। भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में इसकी घोषणा हुई। गठबंधन टूटने से योजना लटक गई। योजना को परवान चढ़ाने में हुई लेटलतीफी जनता भुगत रही है।
दादरी को जिला बनाने के साथ ही अपनी पहली पारी में भाजपा ने बाढड़ा को उपमंडल का दर्जा दिया था। उसी दौरान बाढड़ा में बाईपास निर्माण की मांग उठी थी। इसके बाद जजपा के साथ भाजपा के शासन में बाईपास निर्माण पर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसकी घोषणा की थी। घोषणा के बाद इस परियोजना की ड्राइंग तैयार करवाई गई। बाद में यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। भाजपा-जजपा का गठबंधन टूटने से बाईपास निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब भी जनप्रतिनिधि व सरकार इससे मुंह मोड़े हुए हैं।
कस्बे के इन मार्गों पर लगा रहता है जाम
बाईपास की कमी से बाढड़ा कस्बे में बाढड़ा-जुई रोड, बाढड़ा-कादमा रोड, बाढड़ा से दादरी-लोहारू रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे प्रतिदिन 10 हजार से अधिक लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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चौड़ी नहीं सड़कें, अतिक्रमण भी ज्यादा
दादरी और लोहारू रोड को छोड़कर जुई व कादमा, झोझू रोड ज्यादा चौड़े नहीं हैं। वहीं, चारों मुख्यमार्ग इस समय अतिक्रमण की चपेट में हैं। इससे सड़कें संकरी हो गई हैं। आलम यह है कि दो वाहन एक साथ सड़क से नहीं गुजर पा रहे और जाम लग रहा है। जनता की मांग पर प्रस्ताव बाईपास निर्माण का प्रस्ताव दो बार मुख्यालय भेजा गया है। अब तक यह परवान नहीं चढ़ पाया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष सुंदरपाल, पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंटी, जगतसिंह, जयबीर, प्रदीप, सतबीर, महेश, नरेंद्र जांगड़ा ने बताया कि कस्बे में आबादी बढ़ऩे से सड़कों पर वाहनों का आवागमन बढ़ा है। इससे जाम लग रहा है। बार-बार सरकार से बाईपास निर्माण की अपील कर रहे हैं। केवल कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। जाम से व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बाईपास निर्माण से ये होंगे फायदा
बाईपास निर्माण की मांग पूरी हो जाए तो कस्बे से गुजरने वाले दिल्ली, पिलानी व हिसार, नारनौल, रेवाड़ी को जाने वाले लंबी दूरी के वाहनों को कस्बे में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। बाईपास न होने से बाजार के विकास पर भी ग्रहण लगा हुआ है। इसके विस्तार में रुकावट बना हुआ है। पिछले वर्ष सांसद धर्मबीर सिंह ने सीएम को पत्र भेजकर बाईपास निर्माण की मांग की थी।
फोटो-21
मुख्य क्रांतिकारी चौक पर लगा जाम। संवाद
फोटो-22
सड़क के पास लगी रेहड़ियां व वाहनों से हुआ अतिक्रमण। संवाद
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आठ साल से बाईपास की मांग कर रहे ग्रामीण, अब तक नहीं मिल पाई सौगात
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। उपमंडल बनने के करीब आठ साल बाद भी बाढड़ा कस्बे को बाईपास की सौगात नहीं मिल पाई है। भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में इसकी घोषणा हुई। गठबंधन टूटने से योजना लटक गई। योजना को परवान चढ़ाने में हुई लेटलतीफी जनता भुगत रही है।
दादरी को जिला बनाने के साथ ही अपनी पहली पारी में भाजपा ने बाढड़ा को उपमंडल का दर्जा दिया था। उसी दौरान बाढड़ा में बाईपास निर्माण की मांग उठी थी। इसके बाद जजपा के साथ भाजपा के शासन में बाईपास निर्माण पर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसकी घोषणा की थी। घोषणा के बाद इस परियोजना की ड्राइंग तैयार करवाई गई। बाद में यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। भाजपा-जजपा का गठबंधन टूटने से बाईपास निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब भी जनप्रतिनिधि व सरकार इससे मुंह मोड़े हुए हैं।
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कस्बे के इन मार्गों पर लगा रहता है जाम
बाईपास की कमी से बाढड़ा कस्बे में बाढड़ा-जुई रोड, बाढड़ा-कादमा रोड, बाढड़ा से दादरी-लोहारू रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे प्रतिदिन 10 हजार से अधिक लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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चौड़ी नहीं सड़कें, अतिक्रमण भी ज्यादा
दादरी और लोहारू रोड को छोड़कर जुई व कादमा, झोझू रोड ज्यादा चौड़े नहीं हैं। वहीं, चारों मुख्यमार्ग इस समय अतिक्रमण की चपेट में हैं। इससे सड़कें संकरी हो गई हैं। आलम यह है कि दो वाहन एक साथ सड़क से नहीं गुजर पा रहे और जाम लग रहा है। जनता की मांग पर प्रस्ताव बाईपास निर्माण का प्रस्ताव दो बार मुख्यालय भेजा गया है। अब तक यह परवान नहीं चढ़ पाया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष सुंदरपाल, पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंटी, जगतसिंह, जयबीर, प्रदीप, सतबीर, महेश, नरेंद्र जांगड़ा ने बताया कि कस्बे में आबादी बढ़ऩे से सड़कों पर वाहनों का आवागमन बढ़ा है। इससे जाम लग रहा है। बार-बार सरकार से बाईपास निर्माण की अपील कर रहे हैं। केवल कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। जाम से व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बाईपास निर्माण से ये होंगे फायदा
बाईपास निर्माण की मांग पूरी हो जाए तो कस्बे से गुजरने वाले दिल्ली, पिलानी व हिसार, नारनौल, रेवाड़ी को जाने वाले लंबी दूरी के वाहनों को कस्बे में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। बाईपास न होने से बाजार के विकास पर भी ग्रहण लगा हुआ है। इसके विस्तार में रुकावट बना हुआ है। पिछले वर्ष सांसद धर्मबीर सिंह ने सीएम को पत्र भेजकर बाईपास निर्माण की मांग की थी।
फोटो-21
मुख्य क्रांतिकारी चौक पर लगा जाम। संवाद
फोटो-22
सड़क के पास लगी रेहड़ियां व वाहनों से हुआ अतिक्रमण। संवाद