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Charkhi Dadri News: बारिश में फॉल्ट ठीक करने में कर्मचारियों को छूट रहा पसीना
Mon, 16 Sep 2024 05:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 16 Sep 2024 05:16 AM IST
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कई घंटे बाद फॉल्ट ठीक कर पा रही हैं बिजली निगम की टीमें, उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें
- शुक्रवार को हुई बारिश से जिले में 300 जगहों पर आए बिजली फॉल्ट, चार से 16 घंटे बाद बहाल हो पाई आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के मौसम में कर्मचारियों को फॉल्ट ढूंढने में पसीना छूट रहा है। फॉल्ट मिलने के बाद भी ठीक करने में कई घंटे लग जाते हैं। बारिश के समय कर्मचारियों को फॉल्ट ठीक करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, फॉल्ट ठीक करने में लंबा समय लगने से उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
फॉल्ट ढूंढने में लग रहे ज्यादा समय का ताजा उदाहरण शुक्रवार को हुई बारिश है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 300 बिजली फॉल्ट आ गए और उन्हें दूर करने में निगम की टीमों को 4 से 16 घंटों का समय लगा। तब तक उपभोक्ता परेशान रहे।
बता दें कि जलभराव होने की वजह से कर्मचारी कई बार मेन फॉल्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पानी भरने की वजह से कर्मचारियों का काम बाधित होने लगता है। यही वजह है कि बारिश की झड़ी में फॉल्ट आने पर ठीक करने में काफी समय लग रहा है।
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दरअसल, बारिश सीजन के दौरान अक्सर बिजली आपूर्ति में व्यवधान रहता है। बारिश की झड़ी में केबल पर लगे इंसुलेटर में ज्यादा फॉल्ट आते हैं। चीनी-मिट्टी का बना यह इंसुलेटर खराब होने से बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। इस फॉल्ट को ठीक करने में समय भी ज्यादा लगता है।
वहीं, इससे पहले लाइन बंद करने का परमिट लेकर ठीक करने का काम किया जाता है। रात के समय फॉल्ट आने पर तो और भी मुश्किल हो जाती है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बारिश के मौसम में कर्मचारी को फॉल्ट तक पहुंचने में दिक्कत आती है। जलभराव होने पर यह समस्या बनती है। यही वजह है कि आपूर्ति बहाल करने में काफी लगता है।
- शहर में लगे हैं 2200 ट्रांसफाॅर्मर
शहर के अधिकतर क्षेत्र में मोटे केबल से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। करीब 860 छोटे लाल रंग के ट्रांसफाॅर्मर इस केबल से जुड़े हैं। एक छोटे ट्रांसफाॅर्मर से करीब 20 घरों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर में कुल 2200 ट्रांसफाॅर्मर हैं। 18 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। दो पाॅवर सब स्टेशनों से शहर में बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस समय बिजली का लाइन लॉस 20 प्रतिशत के आसपास चल रहा है। 20 से ज्यादा होने पर नुकसान होता है।
- शेड्यूल के मुताबिक 24 घंटे नहीं हो पा रही बिजली आपूर्ति
बिजली निगम का शहर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का प्रावधान है। फॉल्ट की वजह से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है। इससे नगर में पेयजल आपूर्ति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। लोग घरों में मोटर से पानी का उठान करते हैं। बिजली न होने पर पानी नहीं पहुंच पाता।
वर्सन:
बारिश के मौसम में कर्मचारियों को फॉल्ट ठीक करने में दिक्कत आती है। करंट लगने का अंदेशा भी बढ़ जाता है। कर्मचारी शिकायत मिलते ही फॉल्ट को ठीक करने पहुंचते हैं। कर्मचारी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने में जुटे हैं।
-कनिष्ठ अभियंता श्रीभगवान, बिजली निगम
फोटो 06
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- शुक्रवार को हुई बारिश से जिले में 300 जगहों पर आए बिजली फॉल्ट, चार से 16 घंटे बाद बहाल हो पाई आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के मौसम में कर्मचारियों को फॉल्ट ढूंढने में पसीना छूट रहा है। फॉल्ट मिलने के बाद भी ठीक करने में कई घंटे लग जाते हैं। बारिश के समय कर्मचारियों को फॉल्ट ठीक करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, फॉल्ट ठीक करने में लंबा समय लगने से उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
फॉल्ट ढूंढने में लग रहे ज्यादा समय का ताजा उदाहरण शुक्रवार को हुई बारिश है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 300 बिजली फॉल्ट आ गए और उन्हें दूर करने में निगम की टीमों को 4 से 16 घंटों का समय लगा। तब तक उपभोक्ता परेशान रहे।
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बता दें कि जलभराव होने की वजह से कर्मचारी कई बार मेन फॉल्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पानी भरने की वजह से कर्मचारियों का काम बाधित होने लगता है। यही वजह है कि बारिश की झड़ी में फॉल्ट आने पर ठीक करने में काफी समय लग रहा है।
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दरअसल, बारिश सीजन के दौरान अक्सर बिजली आपूर्ति में व्यवधान रहता है। बारिश की झड़ी में केबल पर लगे इंसुलेटर में ज्यादा फॉल्ट आते हैं। चीनी-मिट्टी का बना यह इंसुलेटर खराब होने से बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। इस फॉल्ट को ठीक करने में समय भी ज्यादा लगता है।
वहीं, इससे पहले लाइन बंद करने का परमिट लेकर ठीक करने का काम किया जाता है। रात के समय फॉल्ट आने पर तो और भी मुश्किल हो जाती है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बारिश के मौसम में कर्मचारी को फॉल्ट तक पहुंचने में दिक्कत आती है। जलभराव होने पर यह समस्या बनती है। यही वजह है कि आपूर्ति बहाल करने में काफी लगता है।
- शहर में लगे हैं 2200 ट्रांसफाॅर्मर
शहर के अधिकतर क्षेत्र में मोटे केबल से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। करीब 860 छोटे लाल रंग के ट्रांसफाॅर्मर इस केबल से जुड़े हैं। एक छोटे ट्रांसफाॅर्मर से करीब 20 घरों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर में कुल 2200 ट्रांसफाॅर्मर हैं। 18 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। दो पाॅवर सब स्टेशनों से शहर में बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस समय बिजली का लाइन लॉस 20 प्रतिशत के आसपास चल रहा है। 20 से ज्यादा होने पर नुकसान होता है।
- शेड्यूल के मुताबिक 24 घंटे नहीं हो पा रही बिजली आपूर्ति
बिजली निगम का शहर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का प्रावधान है। फॉल्ट की वजह से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है। इससे नगर में पेयजल आपूर्ति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। लोग घरों में मोटर से पानी का उठान करते हैं। बिजली न होने पर पानी नहीं पहुंच पाता।
वर्सन:
बारिश के मौसम में कर्मचारियों को फॉल्ट ठीक करने में दिक्कत आती है। करंट लगने का अंदेशा भी बढ़ जाता है। कर्मचारी शिकायत मिलते ही फॉल्ट को ठीक करने पहुंचते हैं। कर्मचारी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने में जुटे हैं।
-कनिष्ठ अभियंता श्रीभगवान, बिजली निगम
फोटो 06