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Charkhi Dadri News: प्रिशा ने अद्भुत स्मरण शक्ति और प्रतिभा के दम पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम
Mon, 13 Apr 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:27 AM IST
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आईबीआर अचीवर किट के साथ नन्हीं प्रिशा।
चरखी दादरी। दादरी शहर निवासी महज सवा दो वर्षीय नन्हीं प्रिशा ने अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति और प्रतिभा से पूरे जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। प्रिशा का चयन प्रतिष्ठित इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आईबीआर अचीवर के तौर पर किया गया है।
दादरी के वार्ड 19 बैंकर कॉलोनी, वेयर हाउस के समीप निवासी डॉ. अंकित और डॉ. कविता की पुत्री प्रिशा ने महज दो वर्ष दो महीने की उम्र में अपनी इस उपलब्धि से हर किसी को हैरान कर दिया है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संपादकीय बोर्ड द्वारा किए गए सूक्ष्म सत्यापन और साक्ष्यों की जांच के बाद प्रिशा के दावे को आधिकारिक मंजूरी दी गई है।
प्रिशा ने अपनी इस छोटी सी उम्र में 11 फलों, 16 जानवरों, 12 सब्जियों, 14 वाहनों, 7 रंगों, 12 क्रियाओं और शरीर के 10 अंगों की पहचान करने के साथ-साथ उनके नाम बताकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इतना ही नहीं, वह 5 अलग-अलग जानवरों की आवाजें निकालने में भी माहिर हैं। उनकी इस विलक्षण योग्यता की पुष्टि 28 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर की गई।
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परिजनों में खुशी का माहौल
प्रिशा की इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है। डॉ. अंकित और डॉ. कविता ने बताया कि प्रिशा बचपन से ही चीजों को बहुत जल्दी सीखने और याद रखने की क्षमता रखती है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने प्रिशा के कौशल को सराहते हुए उसे आईबीआर अचीवर के खिताब से नवाजा है। नन्हीं प्रिशा की यह सफलता क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। स्थानीय नागरिकों के द्वारा भी इस नन्हीं प्रतिभा और उसके माता-पिता को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
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दादरी के वार्ड 19 बैंकर कॉलोनी, वेयर हाउस के समीप निवासी डॉ. अंकित और डॉ. कविता की पुत्री प्रिशा ने महज दो वर्ष दो महीने की उम्र में अपनी इस उपलब्धि से हर किसी को हैरान कर दिया है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संपादकीय बोर्ड द्वारा किए गए सूक्ष्म सत्यापन और साक्ष्यों की जांच के बाद प्रिशा के दावे को आधिकारिक मंजूरी दी गई है।
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प्रिशा ने अपनी इस छोटी सी उम्र में 11 फलों, 16 जानवरों, 12 सब्जियों, 14 वाहनों, 7 रंगों, 12 क्रियाओं और शरीर के 10 अंगों की पहचान करने के साथ-साथ उनके नाम बताकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इतना ही नहीं, वह 5 अलग-अलग जानवरों की आवाजें निकालने में भी माहिर हैं। उनकी इस विलक्षण योग्यता की पुष्टि 28 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर की गई।
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परिजनों में खुशी का माहौल
प्रिशा की इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है। डॉ. अंकित और डॉ. कविता ने बताया कि प्रिशा बचपन से ही चीजों को बहुत जल्दी सीखने और याद रखने की क्षमता रखती है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने प्रिशा के कौशल को सराहते हुए उसे आईबीआर अचीवर के खिताब से नवाजा है। नन्हीं प्रिशा की यह सफलता क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। स्थानीय नागरिकों के द्वारा भी इस नन्हीं प्रतिभा और उसके माता-पिता को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।